छल से नहीं गंगा जल जैसी पवित्र नियत से किया जा रहा है काम:नरेंद्र मोदी

आलोक रंजन

किसानों को विकल्‍प देने से ही होगा देश का काया कल्‍प:नरेंद्र मोदी

बनारस: कृषि कानूनों के खिलाफ एक तरफ दिल्ली को प्रवेश करने वाले सभी बोर्डर पर किसान पिछले 5 दिनों से जमे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कि बनारस में देव दिवाली के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए गए हैं,लेकिन उनकी नजर दिल्ली में किसान आंदोलन पर ही है। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि मां गंगा के घाट से कहना चाह रहा हूं वे काशी जैसे पवित्र नगरी से ये कह रहे हैं। अब छल से नहीं गंगा जल जैसी पवित्र नियत से काम किया जा रहा है। किसानों के साथ अब तक छल किया जा रहा था जिसके कारण उनके मन में आशंका है। जिन किसान परिवारों के मन में आशंका है,उनके सवालों का जवाब सरकार दे रही है।
उन्होंने कहा कि नए कृषि सुधार कानून से किसानों को काफी लाभ होगा। छोटे किसानों के साथ अक्‍सर धोखा होता था। छोटे किसान तो मंडी नहीं पहुंच पाते थे। अब छोटे किसान मंडी में अपनी उपज बेचने का बेहतर मौका मिल रहा है। किसानों को कानूनी लाभ मिल रहा है। किसानों को विकल्‍प देने से ही देश का काया कल्‍प होगा।


प्रधानमंत्री ने कहा की अच्छी सड़क का लाभ किसानों को होता है। किसान रेल की शुरुआत की गई है। आधुनिक चीजों का फायदा किसानों को भी होता है। आज सरकार के प्रयास से किसान को लाभ मिल रहा है। किसान विदेश में निर्यात कर रहा है। लंदन तक में भारत की फल सब्जियों की मांग है। उन्होंने आगे कहा एक हजार किसान परिवार काले चावल की खेती कर रहे हैं। सरकार के प्रयासों से किसानों को कितना फायदा है, इसका सबसे अच्छा उदाहरण चंदौली का काला चावल है। बेहतरीन काला चावल 300 रु किलो तक बिक रहा है। पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ये चावल निर्यात हुआ है, वो भी 850 प्रति किलो में। इस कामयाबी को देखते हुए इस बार करीब एक हजार किसान काले चावल की खेती कर रहे हैं। इसी साल देश के इतिहास में पहली बार चलते-फिरते कोल्ड स्टोरेज यानी किसान रेल शुरू की गई है। इससे किसानों की बड़े शहरों तक पहुंच बढ़ी है। वाराणसी समेत पूर्वांचल में जो बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ है, उसका फायदा पूरे क्षेत्र को हुआ है।
दशकों तक छल करने वाले फैला रहे हैं भ्रम
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमने वादा किया था कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुकूल लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देंगे। ये वादा सिर्फ कागज़ों पर ही पूरा नहीं किया गया, बल्कि किसानों के बैंक खाते तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने किसानों को सशक्त करने का रास्ता अपनाया है। किसानों की आमदनी बढ़ाने पर हम लगातार काम कर रहे हैं। किसानों को फसल बेचने की आजादी है। नए कानून में पुराने तरीके से फसल बेचने की आजादी भी है। नया कानून किसानों के लिए फायदेमंद हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ छल किया है वही अब भ्रम फैला रहे हैं। अब विरोध का आधार भ्रम है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि जो हुआ ही नहीं उसको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। पहले एमएसपी पर खरीद कम होती थी। पहले किसानों के साथ सिर्फ धोखा होता था। पहले खाद की कालाबजारी होती थी।


राजनीतिक स्वार्थ के कारण फैलाया जा रहा है झूठ
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको याद रखना है, यही लोग हैं जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर ये लोग सवाल उठाते थे। ये अफवाह फैलाते थे कि ये मोदी है इसलिए ये चुनाव को देखते हुए 2 हजार रूपये दिया जा रहा है और चुनाव के बाद इस पैसे को ब्याज सहित वापस देना पड़ेगा। एक राज्य में तो वहां की सरकार, अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते आज भी किसानों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दे रही है। देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दी जा रही है। अब तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपए किसानों तक पहुंच भी चुका है। झूठ फैलाना उनकी आदत हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थीं, लेकिन वो खुद मानते थे कि 1 रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना से देश के 4 करोड़ किसानों की मदद हुई है। करीब 77 हजार करोड़ के सिंचाई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

बनारस में प्रधानमंत्री ने किया सड़क का उद्घाटन

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री प्रयागराज और वाराणसी के बीच 2,447 करोड़ रुपये की लागत वाले नए 6-लेन एनएच 19 के 73 किलोमीटर के हिस्से का सड़क उद्घाटन के मौके पर ये बात कही। इससे यात्रा के समय में एक घंटे की कमी आने की उम्मीद है। इस बीच सरकार के स्तर पर बातचीत किया जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह के बातचीत के प्रयास को नकारने के बाद दुबारा बातचीत का प्रयास शुरू हुआ है और किसान संगठन कल केंद्रीय मंत्री के साथ बातचीत करेंगे।

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