Panchayat Toli

हर बार कुछ बदला हुआ सा दिखता है गांव

मेरे छोटे भाई है बलवंत। बिहार की न्यायिक सेवा में हैं और चचेरे भाई हैं चंदन। नेवी की सर्विस करते हैं। दोनों ने अपनी कामयाबी से गांव के लड़कों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तरफ बढ़ने और खुद को तैयार करने के लिए काफी प्रेरित किया। मगर ये कुछ ऐसी बाते हैं जो सुखद और चमकदार …

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अपने टोले ही चलेंगे…जैसे लाखों लोग गए…जो होगा…देखा जाएगा

बाबा चले गए, मेरे लिए गांव का मतलब ही बदल गया. बैराग मेरे अंदर भी जागने लगा. मैं भी बाबा की तरह रक्त होकर भी विरक्त होने लगा. तब ये समझ नहीं आता था- ये कैसा अमोह है, जो मेरे अंदर उठ रहा है. क्यों गांव अब सूना लगने लगा है. इसका दायरा सीमित लगने …

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बाबा ने ठाना… मंदिर बनाकर ही मरूंगा

कुमार विनोद, वरिष्ठ टीवी पत्रकारअब नई दिक्कत शुरु होती है- बघड़ियों के टीले पर. बाबा ने अपने पांच बेटों के साथ टोला तो बसा लिया, लेकिन खाने पीने की दिक्कत तमाम थी. ये फतेहपुर बाजार तो अब हुआ है न, जहां सबकुछ मिल जाता था. पहले नून-तेल-मसाला और सरकारी राशन लेने के लिए भी पुराने …

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…खाक में क्या सूरतें होंगी

बघड़ियों का टीला… वो ख़ाक की तरह ही दिखता है अब यादों के झरोखे से. मिर्जा गालिब के मशहूर शेर में इस बयान की तरह. ये खाकसार भी उसी खाक से, उसी मिट्टी से बना है, जिसमें दबी गड़ी जाने कितनी ही सूरतें बरसों की खाक कुरेद जाती हैं- सूरतें कुछ देखी हुईं और कुछ …

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ग्राम आर्थिक दृष्टि से समृद्ध हुए… लेकिन टूटी है सामाजिक एकजुटता

प्यारे मोहन त्रिपाठीमेरा गांव उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मनियाहू तहसील में हरद्वारी है। ये तीन तरफ से नदियों से घिरा हुआ है। मेरी उम्र अभी लगभग 84 साल है लेकिन गांव में सड़क नहीं है। जब पीछे मुड़ कर देखता हूं तो गांव खेती किसानी दृष्टि से खुशहाल था। खेती-बाड़ी ही मुख्य पेशा …

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बाढ़ और अगलगी की विपदा को अब भी नहीं भूल पाते हरिवंश

पंचायत खबर टोलीआज प्रभात खबर के पूर्व संपादक हरिवंश दूसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गये.इस मौके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में उनका जीवन परिचय देते हुए दो प्रसंगों की चर्चा की; एक- जूते की, दूसरा उनके गांव की. दोनों बड़े रोचक व प्रेरक प्रसंग हैं. ये प्रसंग डॉ आर‌ के नीरद की …

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ददिहाल के गांव बड़ौत से ज्यादा…ननिहाल के गांव पुरकाजी से रहा है नाता

निशि सिंह हम सभी की जड़ें गांव से जुड़ी हैं। व्यक्ति उम्र के किसी भी पड़ाव पर पहुंच जाये, सफलता की कितनी भी सीढ़ियां चढ़ लें लेकिन जब यादों का पिटारा खोलता है,  तमाम खिड़की, दरवाजों,झिर्रियों के पार बचपन के वो अनमोल क्षण कुछ चुहल,कुछ बदमाशियां, कुछ सखी-कुछ सहेलियां सामने आ खड़े होते हैं। स्वाभाविक …

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मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी हुई कम, पुरूष कामगारों को मिली तवज्जो

पंचायत खबर टोली नयी दिल्ली: कोरोना महामारी के दौरान अक्सर ये खबरें आ रही थीं कि जो प्रवासी मजदूर शहर से गांव की ओर लौटें हैं उन्हें सरकार के मनरेगा योजना के तहत रोजगार दिया जा रहा है ताकि वे गांव में रह सकें, जीविको पार्जन कर सकें और परिवार चला सकें। इस दौरान मनरेगा …

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बाढ़ की रंगत बदली

अमरनाथ झा   पटना:बिहार की बाढ़ इसबार कुछ अलग तरह की है। इसकी भयावहता कतई कम नहीं है, पर कोरोना की मार से टूटे लोगों में सालाना विपदा को लेकर उदासीनता का भाव है। नदियों में प्रवाह खतरे के लाल निशान से उपर-नीचे हो रही हैं। वर्षा का पानी उत्तर बिहार के तकरीबन सभी शहरों …

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फसल बीमा योजना अपनाने से हिचकते राज्य

अमरनाथ झा पटना: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दायरा सिकुड़ने लगा है। इसके दायरे में समेटे गए किसानों की संख्या और बीमा की रकम दोनों में गिरावट आने लगी है। हालांकि इस योजना को कई राज्यों ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है, कुछ राज्य इसके दायरे से बाहर निकल गए हैं। इन राज्यों में …

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