Drinking water

अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है गांव का कुआं

गौतम पांडे,युवा पत्रकार अब दाल पकाने के लिए नही होती है विशेष कुओं की पानी की खोज कुएं का ठंडा पानी पीपल की छांव रे रुक जाओ परदेसी आज मोरे गांव रे भोजपुरी की स्टार गायिका देवी का ये गीत एक समय लोगों के जुबान से नही उतरता था, अब ना तो देवी के भोजपुरी …

अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है गांव का कुआं Read More »

छप …छप . .. छप …..चूं चर मर ..क्यों विलुप्त हो रहे हैं गांव के परंपरागत कुएं

गांव के परंपरागत कुएं पर ढेंकुल चलाने का दृश्य आंखों के सामने आज भी चमक उठता है। बल के एक झटके  से युवक  बरहा  को खींचकर कूंड़ को कुंवे के जल में डुबोते थे। फिर एक झटके के साथ उसे ऊपर लाते थे और कुएं की जगत पर रखे पुआल के लादी पर कूंड़ को …

छप …छप . .. छप …..चूं चर मर ..क्यों विलुप्त हो रहे हैं गांव के परंपरागत कुएं Read More »

गांव के सामाजिक ताने-बाने में रसूख का संकेत भी देते थे परंपरागत कुंवे

यदि गांव अपना एक विश्व है जिसमें सदियों की सभ्यता और सांस्कृतिक विकास का समुच्चय संचित हुआ दिखता है तो परंपरागत कुंवे के आसपास का सामाजिक आर्थिक ताना-बाना लघु विश्व। इस लघु विश्व में  हर व्यक्ति का अपना अलग अनुभव संचित है। प्रस्तुत है मेरे गांव के कुंओं की कहानी और उससे जुड़ा सामाजिक, वैयक्तिक …

गांव के सामाजिक ताने-बाने में रसूख का संकेत भी देते थे परंपरागत कुंवे Read More »

डेढ़ दर्जन से अधिक कुओं वाले मेरे गांव में अब गिनती के दो-चार कुएं

  डा. दीपक कुमार बहुत दिन नहीं बीते होंगे। चार दशक पहले तक पेयजल और सिंचाई के स्रोत गांव में कुएं ही होते थे। ज्यादातर गांवों के पनघट का केंद्र कुएं ही थे। बाल्टी-डोरी लेकर लोग सुबह-शाम जाते, नहाने-धोने के काम करते और लौटते वक्त एक हाथ में लपेट कर रस्सी और बाल्टी भर पानी …

डेढ़ दर्जन से अधिक कुओं वाले मेरे गांव में अब गिनती के दो-चार कुएं Read More »

बिहार के भूजल में आर्सेनिक के प्रकोप को उजागर करने का श्रेय भोजपुर जिले को

बिहार में आर्सेनिक के प्रकोप का दायरा लगातार बढता गया है। इसके चपेट में 17 जिले आ गए हैं। पचास लाख से  अधिक लोगों के स्वास्थ्य पर संकट है। बक्सर जिला सर्वाधिक संकटग्रस्त जिलों में है। पूरे राज्य में हर साल करीब 75 हजार कैंसर के नए मरीज चिन्हित किए जा रहे हैं। आधे से …

बिहार के भूजल में आर्सेनिक के प्रकोप को उजागर करने का श्रेय भोजपुर जिले को Read More »