नयी दिल्ली: बचपन से ही ये कहा जाता रहा है कि ‘पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब,खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब। लेकिन वो दौर 90 का था और आज 21 का सदी का है। तभी तो हर स्तर पर पढ़ाई लिखाई के साथ खेल कूद को भी प्रोत्साहित किया जाने लगा है। न सिर्फ शहरों में बल्कि छोटे—छोटे कस्बों में गांवो में बच्चे खेलकूद से तालमेल बिठाते हुए एक दूसरे को चीयर करते हुए नजर आते हैं और उन्ही चीयर करते बच्चों के लिए बच्चों के सर्वागिण विकास के लिए काम करने वाली अंतरर्राष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ ने एक थीम विकसित किया है ‘चीयर फॉर चिल्ड्रेन’।
और इस विचार क्रम को आगे बढ़ाने के लिए यूनिसेफ और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के मध्य आपसी सहभागिता सहमति है। जैसा की हम जानते हैं इन दिनों ICC T20 क्रिकेट वर्ल्ड कप टूर्नामेंट जोरों पर है। क्रिकेट में जैसे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए चीयर अप किया जाता है ऐसा ही बच्चों के हौसले को बढ़ाने का यह अवसर होगा जब अलग अलग पलो में अवसर होंगे जब बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ बात का पाएंगे। इस मुलाकात में खिलाड़ियों के साथ रहते हुए कई नई बात सीखी जा सकती है। और इस दौरान वे न सिर्फ नई बात सीख समझ पाएंगे बल्कि यह क्षण बच्चों को ऊंचे इरादे, ऊंचे हौसले के लिए प्रेरित करेंगे।
जाहिर है इसको लेकर कई स्तरों पर तैयारियां है। इसी क्रम में यूनिसेफ इंडिया के दिल्ली स्थित मुख्यालय में विगत 4 फरवरी 2026 को, मीडिया के संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में यूनिसेफ की मीडिया इकाई की ओर से बो बिइस्केजेर, जाफरीन चौधरी, अलका गुप्ता और सोनिया सरकार इस संबंध में जानकारी साझा की और आगे की योजनाओं की रूपरेखा से मीडिया को अवगत कराया।
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क्या कहता है यूनिसेफ
यूनिसेफ इंडिया ने बताया की आने वाले महीने में जब अंतरराष्ट्रीय टी 20 क्रिकेट का आयोजन भारत और श्रीलंका में होने वाला है। यूनिसेफ, आई सी सी की सहभागिता में उन क्षणों का उपयोग बच्चों के हित में उपयोग करना चाहता है जो इस दौरान मिल पाएंगे। जैसे कैप्टेन’स डे, चिल्ड्रन क्लीनिक, राउंड टेबल मीट, अलग अलग टीम्स के खिलाड़ियों से मिलना, बातें करना, पूछना, खेलना आदि जैसे अवसर बच्चों को मिलेंगे। बच्चे इसका सदुपयोग कर पायेंगे। इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से बाल अधिकारों की रक्षा अथवा अधिकारों का वास्तविक उपयोग भी हो पाएगा। ज्ञात हो कि यूनिसेफ का इस वर्ष का बाल थीम है चीयर फॉर चिल्ड्रन। यूनिसेफ ने क्रिकेट को जनहित के लिए उपयोगी मानते हुए नाम दिया है क्रिकेट फॉर गुड। यह एक अच्छी पहल है जिसमें 12-14 साल के बच्चे कलकत्ता, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली में आयोजित होने वाले क्रिकेट मैचों में इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे।


