ईवीएम से ही होगा पंचायत चुनाव,हर बूथ पर मल्‍टी पोस्‍ट ईवीएम की व्‍यवस्‍था, सभी 6 पदों के लिए डाले जाएंगे ईवीएम से वोट

अभिषेक राज

पटना: बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार बिहार चुनाव की खासियत ये होगी कि सरकार ने ईवीएम के जरिए पंचायत चुनाव कराने का फैसला लिया है। शुरूआत में जब चुनाव आयोग ने बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया था कि बिहार में मुखिया सरपंच का चुनाव ईवीएम से होगा तो इसको लेकर उहापोह की स्थिती थी, क्योंकि अभी तक पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराये जाते रहे है। इसको लेकर अब अनिश्चितता की स्थिती समाप्त हो गयी है और साथ ही साफ हो गया है बिहार पंचायत चुनाव में पहली बार ईवीएम के इस्‍तेमाल का रास्‍ता। सरकार ने इस बाबत राज्‍य निर्वाचन पदाधिकारी के प्रस्‍ताव पर अपनी सहमति दे दी है।


क्या है मामला
विधानसभा चुनाव के पश्चात जब नयी सरकार का गठन हुआ उसके बाद से ही पंचायत चुनाव की तैयारियां शुूरू कर दी गई थी। अभी तक पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होते रहे हैं और विधानसभा व लोकसभा चुनाव ईवीएम के जरिए। लेकिन पिछले माह चुनाव आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर ईवीएमसे चुनाव कराने अनुमति मांगी थी। इसके जवाब में सरकार की तरफ से पंचायती राज विभाग ने अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने पत्र लिखकर चुनाव आयोग को सूचित कर दिया है। अपने जवाब में सरकार ने चुनाव आयोग को आगे की तैयारियों के लिए अनुमती दी है।
क्या है चुनौतियां
पंचायत चुनाव में मतदाता को एक साथ छह पदों के लिए अपने प्रतिनिधि का चुनाव करना होता है। यानी मतदाता को एक ही ईवीएम से 6 प्रत्याशियों का चुनाव करना होगा। ऐसे में स्वभाविक है कि पंचायत चुनाव में ईवीएम के इस्‍तेमाल के लिए हर बूथ पर मल्‍टी पोस्‍ट ईवीएम की व्‍यवस्‍था किया जाना जरूरी है।
ईवीएम की व्यवस्था में बदलाव
सरकार की ईवीएम से चुनाव करने की अनुमती मिलने के बाद अब मल्टी पोस्ट ईवीएम से चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया। सरकार से सहमति मिलने के बाद चुनाव आयोग को मल्टी पोस्ट ईवीएम की खरीद प्रक्रिया शुरू करने में सहूलियत होगी। हालांकि अभी राशि की मंजूरी नहीं मिली है। मल्टी पोस्ट ईवीएम की यह खासियत यह है कि मतदाता एक साथ त्रिस्तरीय पंचायत जन प्रतिनिधियों में वार्ड सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का एक साथ चुनाव कर सकेंगे। आयोग को मतदान के बाद सबसे अधिक सहूलियत मतगणना में होगी।


पंचायत चुनाव के लिए एक्शन में चुनाव आयोग
बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को सफलता पूर्वक संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की टीम ने तैयारियां शुरू कर दी है। आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी के लिए आयोग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर 27 जनवरी तक मतदान केंद्र का नाम मांगा गया है।
आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने सभी जिलों के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पंचायत को बूथों के गठन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। 2016 में आयोजित पंचायत चुनाव में राज्य में 1 लाख 19 हजार बूथ बनाए गए थे। आयोग पूर्व में गठित बूथों की समीक्षा कर जहां मतदान स्थल के परिवर्तन की जरूरत है उसके लिए जिलों द्वारा आयोग को पूर्ण कारणों की जानकारी देनी होगी और आयोग की सहमति मिलने पर ही नए स्थान पर बूथों का गठन किया जा सकेगा।
बूथों के गठन के प्रारूप प्रकाशन व अन्य प्रक्रिया को लेकर आयोग ने कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है। सभी मतदान केंद्रों की सूची का अंतिम प्रकाशन 02 मार्च 2021 तक किया जाएगा। राज्य में पंचायत आम चुनाव के मार्च-मई, 2021 के बीच संभावित है।
मुखिया के घर से सौ मीटर दूर होगा मतदान बूथ
बिहार में पंचायत चुनाव, 2021 को लेकर वर्तमान मुखिया के घर के सौ मीटर के अंदर किसी भी मतदान केंद्र (बूथ) का गठन नहीं किया जाएगा। किसी व्यक्ति के निजी भवन या परिसर में बूथ नहीं बनेगा और किसी थाना, अस्पताल, डिस्पेंसरी, मंदिरों या धार्मिक महत्व के स्थानों पर बूथों का गठन नहीं किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में ग्राम पंचायत क्षेत्र के बाहर दूसरे ग्राम पंचायत में मतदान केंद्र नहीं बनाये जायेंगे। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र पर पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय नहीं करनी पड़े। मतदान केंद्र में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
होगी चलंत मतदान केंद्र की व्यवस्था
पूर्व के हिंसा संबंधित घटनाओं और वर्तमान में नुसूचित जाति-जनजाति और समाज के कमजोर वर्ग के मतदाताओं को मतदान से रोके जाने के आधार पर उनके आवासीय क्षेत्र में ही मतदान केंद्र बनाये जायेंगे। इन वर्गों के मतदाताओं के लिए भवन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में चलंत मतदान केंद्र बनाये जायेंगे। पहाड़ी और वन क्षेत्र में मतदाताओं को मतदान केंद्र पर पहुंचने के लिए अधिकतम दो किमी की दूरी संबंधित नियम को छोड़कर ऐसी व्यवस्था की जायेगी जिससे कि मतदाताओं को अनावश्यक रूप से अधिक दूर तक न चलना पड़े। एक ग्राम पंचायत क्षेत्र में दो से अधिक चलंत मतदान केंद्र नहीं बनाये जायेंगे। विशेष परिस्थिति में दो से अधिक चलंत मतदान केंद्र बनाने की आवश्यकता होने पर आयोग से इसकी पूर्वानुमति लेनी होगी।

बूथों की सूची की तैयारी से संबंधित कार्यक्रम
आयोग द्वारा पूर्व में अनुमोदित प्रत्येक मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन — 20.01.21 से 27.01.21
मतदान केंद्रों की सूची का प्रारूप प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियों की प्राप्ति — 28.01.21 से 11.02.21
आपत्तियों का निष्पादन —- 29.01.21 से 13.02.21
सूची पूर्ण औचित्य के साथ अनुमोदन हेतु आयोग में भेजा जाना — 15.02.21 तक
मतदान केंद्रों की सूची पर आयोग का अनुमोदन — 17.02.21 से 24.02.21 तक
संपूर्ण मतदान केंद्रों की सूची का मुद्रण —– 25.02.21 से 01.03.21 तक
संपूर्ण मतदान केंद्रों की सूची का अंतिम प्रकाशन — 02.03.21

राजनीतिक दलों ने लगाया जोर
वैसे तो बिहार में दलगत आधार पर चुनाव नहीं होता है लेकिन आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों ने भी अपने स्तर पर चुनावी तैयारियां शुरू कर दी है। भाजपा ने अपने राजगीर अधिवेशन में ऐलान किया था कि चुनाव भले दलीय प्रणाली से नहीं हो, लेकिन पार्टी इसबार चुनावी मैदान में खम ठोंंकेगी। पार्टी की रणनीति कार्यकर्ताओं को सत्ता में भागीदारी दिलाने की है। कांग्रेस पार्टी ने भी बिहार में आगामी पंचायत और जिला पर्षद चुनाव के लिए तैयारी में जुट गयी है। इस बाबत सदाकत आश्रम में राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अफसर अहमद की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में प्रदेश के प्रमंडलीय संयोजक और जिला संयोजक उपस्थित थे। इस बैठक में प्रमंडलीय संयोजक और जिला संयोजकों ने आगामी पंचायत चुनावों में बढ़–चढ़ कर भाग लेने का संकल्प लिया। इस दौरान राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अफसर अहमद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए पंचायतीराज का सपना देखा था।
अन्य दल भी गंवई लोकतंत्र में अपनी ​दावेदारी मजबूती से रखने के लिए पूरे दमखम से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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