विकास का पतवार थामे…किनारे लगने से पहले कैसे डूबी भाजपा की नैया

विकास की पतवार थामे कड़ाके की ठंड और वर्फवारी के बीच जम्मू में डीडीसी चुनाव का छठा चरण हुआ संपन्न, मतदान में हिस्सा लेने पहुंची 100 वर्षीय गनेरू देवी विकास के लिए पहुंची मतदान करने।

हरीश रसगोत्रा

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर इन दिनों जिला विकास परिषद का चुनाव चल रहा है। आज छठे चरण का मतदान संपन्न हुआ। वारिश और वर्फवारी के बीच सुबह मतदान की शुरूआत थोड़ी धीमी हुई लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया लोग अपने-अपने घरों से निकल कर मतदान बूथ पर पहुंचे और यह साबित किया कि अब कश्मीर में बुलेट के दिन लद गए और आम अवाम ने बुलेट की जगह पर बैलेट को चुनना स्वीकार किया है। उधर दूसरी तरफ आतंक को पोषित करने वाला पाकिस्तान लोकतंत्र के इस बढ़ते कारवां को लेकर हैरान है, वहीं विकास का नारा लगाते हुए भारत का झंडा डल झील में शिकारा चलाया जा रहा है। हालांकि सुरक्षा बल पूरी तरह सावधानी बरत रहे हैं लेकिन कहते हैं न की सावधानी हटी दुर्घटना घटी। ऐसी ही एक संभावित दुर्घटना डल झील में संभावित दुर्घटना होते—होते बची। जब एक शिकारा लुत्फ लेते हुए पलट गई वहीं दूसरी ओर हमारे सुरक्षा बलों ने भी जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के छठे फेज की वोटिंग के बीच दो आतंकियों को मार गिराया और उनके एक सहयोगी को पकड़ लिया।


छठे चरण में 51.51 प्रतिशत वोटिंग

आज छठे चरण का मतदान संपन्न हुआ। जम्मू-कश्मीर चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने बताया कि जम्मू में 68.5% और कश्मीर में 31.55% मतदान हुआ। आज कुल 3,85,606 लोगों ने वोट दिया जिनमें से 2,07,223 पुरुष और 1,78,383 महिलाएं थीं। वोटिंग प्रतिशत सबसे अधिक जम्मू के पुंछ जिले का रहा। पुंछ में 76.78 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया।
इस दौरान जम्मू कश्मीर की 31 सीटों पर मतदान हुआ। जम्मू संभाग की 17 और कश्मीर की 14 सीटों पर मतदान हुआ। इन सीटों में जम्मू संभाग के पुंछ जिला की बालाकोट, जिला डोडा की डोडा (घाट) और चिराला, जिला रामबन के संगलदान, गंधारी, जिला रियासी के पौनी और पौनी ए, जिला उधमपुर के जगानू, उधमपुर-1, जिला कठुआ के बरनोटी, हीरानगर, जिला सांबा के राजपुरा, रामगढ़-सी, जिला जम्मू के अरनिया, बिश्नाह और जिला राजोरी के नौशेरा और ढोंगी सीट पर मतदान हुआ। कश्मीर संभाग में बारामुला में 2, कुलगाम में 1, अनंतनाग में 2, पुलवामा में 1, कुपवाड़ा में 1, बड़गाम में 2, बांदीपोरा में 2, शोपियां में 2 और गांदरबल में 1 सीट पर मतदान हुआ।

कोरोना से बचाव के पुख्ता इंतजाम
  मतदान के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया। वही मतदान केंद्र में अंदर जाने से पहले लोगों का तापमान जांचा गया साथ ही उनके हाथ सैनिटाइज कराए गए। लोगों का उत्साह का आलम यह था कि बर्फबारी के वजह से पड़ रहे ठंड और कोहरे के बावजूद वहीं 100 वर्ष की गनेरू देवी ने वोट देने पहुंची और साबित किया कि मतदान कितनी जरूरी है। 100 वर्षीय गनेरू देवी ने कहा, “मैं यहां विकास और सार्वजनिक कार्यों के लिए वोट करने के लिए आई हूं।”


छठे चरण में कई जगह रोचक मुकाबला
छठे चरण में कई सीटों पर मुकाबला काफी रोचक रहा क्योंकि नेता-मंत्रियों के रिश्तेदार लड़ रहे हैं। कई सीटों पर पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री की बहू, जमाई तो कहीं पर भाभी लड़ रही हैं। पूर्व सांसद, विधायकों के संबंधियों के साथ राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के चहेते भी मैदान में थे। वहीं कई जगह बीडीसी चेयरमैन भी ताल ठोक रहे हैं।
आतंकियों की साजिश नाकाम
छठे फेज की मतदान के बीच सुरक्षाबलों को प्राप्त इनपुट के आधार पर आतंकियों से मुठभेड़ हुआ और दो आतंकी मारे गये और उनके एक सहयोगी को पकड़ लिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक ”इनपुट्स मिलने के बाद, पुलिस और सुरक्षाबल उस जगह पर पहुंच गए जहां आतंकी शुक्रवार को थे, लेकिन बर्फबारी के कारण ऑपरेशन शुरू नहीं कर सके।”रविवार दोपहर को फिर से प्रयास हुआ और इस दौरान आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद एनकाउंटर शुरू हो गया।”
जम्मू जोन के पुलिस आईजी के मुताबिक ‘’पुंछ के दुर्गम पोशाना इलाके में मारे गए लश्कर के 2 पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान साजिद और बिलाल के तौर पर हुई है। उनके पास से दो एके राइफल्स, एक यूबीजीएल और एक सैटफोन बरामद हुआ है।’’


डल झील में डूबी भाजपा की नैया
जम्मू कश्मीर में डीडीसी चुनाव में पार्टी को मिल रहे समर्थन से उत्साहित भाजपा नेताओं ने डल झील में रैली की और झंडा फहराया। इस दौरान भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहे। लेकिन इसी क्रम में भाजपा की नाव (शिकारा) बर्फीली झील में पलट गई। हालांकि, नाव पर सवार सभी नेताओं और पत्रकारों को बचा लिया गया। उल्लेखनी है कि डीडीसी चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने डल झील में शिकारा कैम्पेन चलाया था, जिसके तहत बीजेपी के नेता पर्यटकों के इस आकर्षण केंद्र में नाव पर सवार हो प्रचार कर रहे थे. उसकी कवरेज के लिए बड़ी संख्या में फोटो पत्रकार भी नाव पर सवार थे.
इस घटना के विषय में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने बताया कि किनारे पर पहुंचने के बाद शिकारा पलट गई। उन्होंने कहा नाव पर कई मीडियाकर्मी सवार थे। शुक्र है कि हर कोई सुरक्षित है। डल झील पर यह एक बहुत अच्छी रैली थी। नाव जब तट पर पहुंची, तो वह पलट गई लेकिन सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया।”

डल झील में भाजपा की शिकारा रैली

उल्लेखनीय है कि डल झील में भाजपा की शिकारा रैली में तिरंगों व भाजपा के झंडों कश्मीर के विकास के साथ राष्ट्रवाद का भी संदेश दिया गया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली इस शिकारा रैली में जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरुण चुग, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, पूर्व एमएलसी सौफी यूसुफ के साथ पार्टी के कई उम्मीदवारों व समर्थकों ने हिस्सा लिया। रैली दोपहर बारह बजे के करीब शुरू हुई व इसमें 70 के करीब नौकाओं में बैठ कर दौ सौ से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने करीब अढ़ाई घंटे तक डल झील में भाजपा के उम्मीदवारों को कामयाब बनाने के मुद्दे पर प्रचार किया।

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