देवभूमी हिमाचल में बजा पंचायत चुनाव का बिगुल 10 जनवरी को होंगे पंचायत चुनाव

अभिषेक राज

शिमला: देवभूमी हिमाचल प्रदेश में जैसे—जैसे मौसमी पारा लुढ़क रहा है,वर्फवारी और तापमान में गिरावट के कारण लोग इस ठिठुराने वाली सर्दी में अपने घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं सियासी पारा चढ़ने लगा है। वजह प्रदेश में तीसरी सरकार के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है यानी प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है।
बज गया पंचायत चुनाव का बिगुल
गुरुवार को प्रदेश चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। पचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी 24, 26 और 28 दिसंबर को नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 29 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 31 दिसंबर को नामांकन वापसी का दिन तय किया गया है। इसी दिन चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
24 दिसंबर तक पोलिंग बूथों की सूची जारी की जाएगी। 10 जनवरी, 2021 को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा और इसके बाद तुरंत नतीजे घोषित किए जाएंगे। पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया 12 जनवरी 2021 तक पूरी कर ली जाएगी। इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने अधिसूचना जारी की है। चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश आर्दश चुनाव आचार संहिता लागू कर दी गई है।


50 शहरी निकायों के चुनाव
हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग ने गुरुवार को 50 शहरी निकायों के चुनाव के लिए अधिसूचना की है। इनमें नई सृजित अंब, चिढ़गांव, कंडाघाट, नेरवा, निरमंड और आनी नगर पंचायत के चुनाव शामिल नहीं है।
प्रदेश में 3615 पंचायतों का होगा चुनाव
हिमाचल में 3615 पंचायतों के लिए चुनाव होगा। 412 नई पंचायतों का गठन हुआ है। कुल 23 पंचायतें नए नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में शामिल की गईं हैं। पंचायतों में 3615 प्रधान और उप प्रधान चुने जाएंगे। कांगड़ा में सबसे अधिक 4785 वार्ड हैं। इसके अलावा, मंडी में 3271, शिमला में 2304, चंबा में 1771, ऊना में 1555, सोलन में 1524, सिरमौर में 1601, हमीरपुर में 1430, कुल्लू में 1387, बिलासपुर में 1140, किन्नौर में 389 और लाहौल-स्पीति में 227 वार्ड हैं। पंचायत समिति के कुल 1792 वार्डों में चुनाव होगा।
प्रदेश के 12 जिला परिषद अध्यक्ष पदों में से छह पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। मंडी, कांगड़ा, कुल्लू व सोलन के जिला परिषद अध्यक्ष पदों को अनारक्षित रखा गया है।
जिला परिषद का चुनाव
जिला परिषद अध्यक्ष के लिए महिलाओं को लेकर आरक्षित श्रेणी में दो पद सामान्य वर्ग, दो पद अनुसूचित जाति की महिलाओं, एक पद ओबीसी महिला और एक पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है।
जिला परिषद अध्यक्ष के लिए आरक्षण रोस्टर
जिला परिषद, आरक्षण
कांगड़ा, अनारक्षित
मंडी, अनारक्षित
सोलन, अनारक्षित
कुल्लू, अनारक्षित
शिमला, सामान्य वर्ग महिला
बिलासपुर, सामान्य वर्ग महिला
चंबा, अनुसूचित जाति
किन्नौर, अनुसूचित जनजाति
सिरमौर, ओबीसी महिला
हमीरपुर, अनुसूचित जाति महिला
ऊना, अनुसूचित जाति महिला
लाहुल स्पीति, अनुसूचित जनजाति महिला
चुनाव ड्यूटी में कर्मचारियों के सुरक्षा का इंतजाम
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव ड्यूटी के दौरान अगर किसी कर्मचारी की जान जाती है तो उसके परिजनों को 10 लाख का मुआवजा मिलेगा। इसी तरह चुनाव ड्यूटी में स्थायी अपंगता होने पर कर्मचारी के लिए पांच लाख का मुआवजा देने का प्रावधान है।


कोरोना के दौरान चुनाव दिलचस्प
हालांकि कोरोना की वजह से यह पूरा साल ही पंचायतों में विकास की दृष्टि से अधूरा ही रहा। पहले ही कोरोना संक्रमण के बीच ग्राम पंचायतों में महीनों से कई विकास कार्य नहीं हुए हैं। अब करीब एक डेढ़ महीने तक चुनाव की अधिसूचना जारी होने के कारण यही स्थिति रहेगी। राज्य की तमाम पंचायतें चुनाव संपन्न करवाने की प्रक्रिया में व्यस्त होंगी। ऐसे में विकास की कई गतिविधियां ठप हो जाएंगी।
15वें वित्त आयोग का पैसा हो या आपदा राहत के तहत मिला बजट, तमाम तरह का पैसा या तो जिलाधीशों की ओर से पंचायतों में खंड विकास अधिकारियों को जारी किया गया है या पंचायतों को जारी किया गया है। इसे आने वाले दिनों में खर्च करने की स्थिति नहीं होगी।
बढ़ सकती है लोगों की भागीदारी
भले ही देश प्रदेश में कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है लेकिन इस दौरान घोषित हुए लॉकडाउन में बड़ी संख्या में लोग विशेष रूप से युवा अपने गांव लौटे हैं। ऐसे में वो युवा जो बाहर से लौटे हैं वो गांव में तीसरी सरकार के चुनाव में न सिर्फ मतदान करेंगे बल्कि बड़ी संख्या में लोग प्रत्याशी के रूप में भी भागीदारी करेंगे। ऐसे में पंचायत चुनावों के दौरान सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को आ​​कर्षित करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। मतदाताओ को लुभाया जा रहा है। गांव के विकास के वादे किये जा रहे हैं। यू कहें कि सोशल मीडिया पर चुनाव लड़ने के दावेदारों की बाढ़ सी आ गई है और हर तीसरा शख्स चुनाव लड़ने का ऐलान कर रहा है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *