किसान आंदोलन के बीच मनोहर लाल ने शुरू ​की रबी फसलों के खरीदगी की तैयारी

पंचायत खबर टोली


चंडीगढ़:एक तरफ देश में किसान आंदोलन चल रहा है। दिल्ली के सभी बोर्डर को देश के किसानों विशेष रूप से पंजाब के किसानों ने घेर लिया है। केंद्र सरकार किसानों से बातचीत कर रही है। एमएसपी और मंडी को लेकर किसानों के मन में कई तरह की आशंकाएं हैं। ​क​हा जा रहा है कि मंडियां खत्म हो जाएंगी। कांट्रैक्ट खेती पर किसान के एमएसपी का क्या होगा? वहीं दूसरी तरफ अब तक किसानों का रास्ता रोकने के लिए निशाने पर आये हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री के रूप में किसान हितैषी योजनाओं के कार्यान्यवयन की दिशा में फिर से एक कदम आगे बढ़ते हुए लोगों को आईना दिखाया है। यही कारण है कि आंदोलन की धमाचौकड़ी के बीच उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी रबी सीजन के लिए फसल खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है।

इस बाबत आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आगामी खरीद सीजन 2021-22 के दौरान फसलों की सुचारू खरीद हेतू किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा की। साथ ही संबंधित विभागों और खरीद एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि मंडियों में अपनी फसल बेचने आने वाले किसी भी किसान को असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री की बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल भी उपस्थित थे।

जल्द शुरू होगा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण

समीक्षा बैठक में यह तय किया गया कि इस बार, मेरी फसल-मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण जल्द शुरू होगा। साथ ही रबी खरीद सीजन के दौरान, राज्य सरकार ₹1975 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं, ₹4650 प्रति क्विंटल की एमएसपी दर से 8 लाख मीट्रिक टन सरसों, ₹5100 प्रति क्विंटल की एमएसपी दर से 11,000 मीट्रिक टन चना (चना दाल) और ₹5885 प्रति क्विंटल की एमएसपी दर पर 17,000 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद करेगी।

किसानों की मदद के लिए बनेगा कॉल सेंटर

प्रदेश में गेहूं की खरीद के लिए 389 मंडियां स्थापित की जाएंगी, सरसों के लिए 71 मंडियां, चना के लिए 11 मंडियां और सूरजमुखी के लिए 8 मंडियां बनाई जाएंगी। एजेंसी से किसान को सीधे या आढतियों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से भुगतान का विकल्प पंजीकरण के समय लिया जाएगा। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) द्वारा किसानों की सहायता के लिए एक पूरी तरह से कार्यात्मक कॉल सेंटर बनाया जाएगा।

ई-खरीद सॉफ्टवेयर का दिया जाएगा प्रशिक्षण

दिसंबर 2020 के महीने में आढतियों के साथ बैठक करके नए ई-खरीद सॉफ्टवेयर के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, फरवरी में एजेंसियों और एचएसएएमबी कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि खरीद शुरू करने की प्रक्रिया सुचारू बनी रहे। बैठक में बताया गया कि भुगतान मॉड्यूल भी ई-खरीद का एक हिस्सा होगा और इस उद्देश्य के लिए कई बैंकों को सूचीबद्ध किया जाएगा। जब भी भुगतान किया जाएगा, तो प्राप्तकर्ता आढतियों या किसानों को एक एसएमएस भी भेजा जाएगा। इसके अलावा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा रबी-2021 के दौरान भुगतान के बारे में जानकारी प्राप्त करने में हितधारकों की सहायता के लिए एक कॉल सेंटर संचालित किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री की उप-प्रधान सचिव आशिमा बराड़, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की मुख्य प्रशासक सुमेधा कटारिया, हैफेड के प्रबंध निदेशक श्री दुसमंत कुमार बेहरा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक चंद्र शेखर खरे, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव रतन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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