मंगरूआ
नयी दिल्ली: कोरोना महामारी के दौर में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तकनीक का इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग भागों में लोगों से जुड़ रहे हैं। कभी वे मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रदेश का हाल संवाच रहे होते हैं तो कभी आम जनता से रूबरू होते हैं। स्वाभाविक है जान की परवाह तो उन्हें है ही जहान की चिंता भी है। तो आज पंचायती राज दिवस के मौके पर मौका था देश के पंचायत प्रतिनिधियों से बातचीत करने का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉक डाउन कि दौरान उनके जीवन चर्या पर बात करने के साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के कामकाज की भी जानकारी लेते दिखे और पंच प्रतिनिधियों को दो गज की दूरी बनाये रखने का मंत्र भी दिया। इस क्रम में पीएम ने जम्मू-कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र और असम, यूपी, बिहार व पंजाब के पंच प्रतिनिधियों से लंबी चर्चा की।
इन प्रतिनिधियों को मिला नरेंद्र मोदी से बात करने का मौका
बस्ती जिले के नकटीदेई ग्राम पंचायत की प्रधान वर्षा सिंह
प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज प्रखंड की नकटीर्दई ग्राम पंचायत की प्रधान वर्षा सिंह से जब पंचायत में कोरोना से लड़ने के तौर तरीकों की चचा की तो वर्षा ने अपनी बात विस्तार से रखी। उन्होंने कहा कि मैं घर-घर जाकर लोगों को महामारी के प्रति जागरूक करा रहा हूं। गरीबों और जरूरतमंदों को केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। पूरा पैसा मिलने से लोग खुश हैं। लोगों में चर्चा है कि आप नहीं होते तो महामारी से कैसे लड़ते?

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना विचित्र वायरस है। वह अपने आप घर में नहीं आता। हमें दो गज की दूरी का ध्यान रखना है। सबसे पहले पूछा कि गांवो में अक्सर लोगों के बीच आम धारणा यही थी कि सरकार सौ रुपये भेजती है तो जनता तक महज 15 रुपये ही पहुंच पाता है। अब आप कैसा महसूस कर रहीं हैं।
प्रधानमंत्री के सवाल पर प्रधान वर्षा सिंह ने कहा कि अब तो सरकार सीधे लाभार्थियों के खाते में रकम भेज रही है। अब पूरा पैसा लाभार्थियों को सीधे मिल जा रहा है। लोग आप से खुश हैं। उन्होंने प्रधान से लाॅकडाउन के बारे में पूछा कि उनके ग्राम पंचायत में इसका पालन हो रहा है कि नहीं। लोग फिजिकल डिस्टेंस बनाकर रह रहे हैं या नहीं। ग्राम पंचायत में किस तरह लाॅकडाउन का पालन कराया गया। गांव में सैनिटाइजेशन, मास्क वितरण आदि के बारे में भी प्रधनमंत्री ने जानकारी ली। पीएम के एक-एक सवालों का जवाब प्रधान ने दिया।
इतना ही नहीं पीएम ने वर्षा सिंह से पूछा कि वह कब से प्रधान हैं, जिस पर उन्होने कहा कि वह पहली बार प्रधान बनी हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा, जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीना आदि मौजूद रहे।
जहानाबाद के धरनई पंचायत मुखिया अजय सिंह यादव ने प्रधानमंत्री से की बात
जहानाबाद जिले के धरनाई के सरपंच अजय सिंह यादव ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए अपने पंचायत में किये जा रहे काम काज का लेखा जोखा प्रधानमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि हमने गांव में सभी लोगों को हाथ धोने और साफ-सफाई की व्यवस्था की है। लोगों को मास्क लगाने के लिए जागरूक किया है। आशा वर्कर और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हर तीन दिन में बैठक करते हैं। लोगों से कहा कि बाहर रहने वाले लॉकडाउन खुलने पर ही आएं, नहीं तो हम 14 दिन स्कूल में क्वारैंटाइन रखेंगे।

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने मुखिया अजय सिंह यादव से जानना चाहा कि गांव के लोग जो बाहर रह रहे हैं उनकी क्या स्थिती है। इसके जवाब में अजय सिंह ने कहा वे उनलोगों से बातचीत में जो जहां है उसे लॉकडाउन के दौरान वहीं बने रहने की बात करते है। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि आप दूसरे शहरों में फंसे गांव के लोगों से बात करें, उन्हें प्रेरित करें, उन्हें अच्छा लगेगा।
पठानकोट की हाडा पंचायत की सरपंच पल्लवी ठाकुर से प्रधानमंत्री की हुई बात
वीडियों कांफ्रेंसिग में पंजाब पठानकोट की हाडा पंचायत की सरपंच पल्लवी ठाकुर ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि हम गांव के दोनों प्रवेश द्वारों पर पहरा देते हैं। पल्लवी ठाकुर ने बताया कि उनकी पंचायत कोरोना से निपटने में पूरी तरह सक्षम बनी हुई है। गांव के दोनों प्रवेश द्वारों पर दिन रात पहरा लगाकर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक है, केवल ग्रामीणों को आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाने की अनुमति है। वह खुद नाकों की मॉनीटरिंग करती हैं, जबकि ग्रामीणों को खुद मास्कर उपलब्ध करवाए एवं साबुन से हाथ धोने, शारीरिक दूरी बनाने को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही गेहूं की कटाई के समय किसान इस कार्य में व्यस्त हैंं, सरकार के दिशानिर्देशों से इन्हें जागरूक किया जा रहा है। पंचायत में कोरोना अपने पांव पसार नहीं सका है। लोगों को घर में रहने और हाथ धोने के बारे में समझा रहे हैं। फसल की कटाई हो रही है। ऐसे में किसान, मजदूर दो गज की दूरी का ध्यान रख रहे हैं। इसके अलावा फसलों की कटाई के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनका भी गांव के लोग पालन कर ही रहे हैं। पांच गांव की एक मंडी बनाई गई है, जहां पर्ची देकर ही किसानों को प्रवेश दिया जा रहा है। पीएम ने इसपर पल्लवी को बधाई दी और देश में खाद्यान्न की आपूर्ति करने वाले किसानों को बधाई भी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान का स्वस्थ रहना जरूरी है। वह निस्वार्थ भाव से देश को अनाज उपलब्ध कराता है। पठानकोट और गुरदासपुर की बहनें मुझसे कहती थीं कि हमारे युवाओं को ड्रग्स के नशे से बचाइए। ऐसे ही हमें किसानों को समझाना होगा कि धरती मां को बचाने के लिए यूरिया का कम से कम इस्तेमाल करें। पंजाब में अपने संगठन में काम करने के दिनों के याद करते हुए पीएम ने कहा कि उन्होंने पंजाब में काफी वक्त बिताया है। प्रधानमंत्री ने पंजाब और हरियाणा के किसानों से अपील की कि वे यूरिया के इस्तेमाल को कम करें। उन्होंने सुझाव दिया कि यूरिया पर निर्भरता किसान धीरे-धीरे कम करें। इससे स्वास्थ्य, भूमि की उर्वरकता बची रहेगी।
नारबाओ ब्लाक के चेयरमैन मोहम्मद इकबाल से प्रधानमंत्री ने की बात
कश्मीर के बारामूला में नारबाओ ब्लाक के चेयरमैन मोहम्मद इकबाल ने कहा- हमारे यहां 100 फीसदी लॉकडाउन का पालन हो रहा है। जनता कर्फ्यू से पहले ही आशा वर्कर और स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग दिलाई। बाहर से आए लोगों सभी लोगों को होम क्वारैंटाइन कराया। हमारे इलाके में 99.9% स्थिति कंट्रोल में हैं।
मोदी ने कहा- मुझे विश्वास है कि आप फील्ड में जाते हैं, इसलिए इतनी जानकारी है। रमजान के दौरान कश्मीर के सभी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं।
असम के दूधपाटिल गांव के प्रधान रंजीत कुमार ने प्रधानमंत्री से की बात
असम: कचर जिले में छोटा दूधपाटिल गांव के प्रधान रंजीत कुमार ने कहा- महामारी से जंग में आपकी कोशिशों की सभी गांववाले प्रशंसा करते हैं। हमने घर-घर जाकर लॉकडाउन के नियमों का पालन करने और हाथ धोने के लिए प्रेरित किया। स्थानीय विधायक भी हरसंभव मदद करते हैं।
मोदी ने कहा- आपके गांव और असम के लोग नाराज होंगे कि हमारा बिहू बिगाड़ दिया। सरपंच बोले कि गांव में कोई नाराज नहीं है। सभी सुविधाएं मिल रही हैं।
महाराष्ट्र के पूणे जिले के ग्राम प्रधान प्रियंका मेडिकर से बातचीत
महाराष्ट्र में गांव की प्रधान प्रियंका मेडंकर ने कहा कि उनके गांव की महिलाओं ने गांव के लिए मास्क बनाकर बांटे हैं। इसके अलावा गांव की महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन का भी वितरण किया गया है और गांव के स्तर पर ही होम क्वारंटीन की फसिलटी भी शुरू की है। पीएम ने पूछा कि गांव के लोग थक गए होंगे और उनको लगता होगा कि पीएम मोदी क्या कर रहे हैं। इसपर प्रियंका ने कहा कि उनका गांव उनपर विश्वास करता है और लोग उनके अभियान के साथ हैं। प्रियंका ने इस मौके पर कोरोना से लड़ाई को लेकर एक कविता भी सुनाई, जिसे पीएम ने देश की भावनाओं का प्रतिबिंब बताया।
पंचायत राज दिवस के मौके पर देश भर के पंच प्रतिनिधियों से रूबरू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरपंचों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपकी बात सुनकर देश के सभी लोगों को पता चला होगा कि सुदूर गांवों में हमारे सरपंच संकट की इस घड़ी में कैसे काम कर रहे हैं। भले ही सभी को नहीं सुन पाया, लेकिन आप सभी अपने अच्छे कामों के बारे में मुझे लिखकर भेजें। हम सब बचपन से सुनते आए कि महात्मा गांधी कहते थे कि मेरे स्वराज का आधार ग्राम पंचायतें हैं। आपकी बात सुनकर देश के सभी लोगों को पता चला होगा कि सुदूर गांवों में हमारे सरपंच संकट की इस घड़ी में कैसे काम कर रहे हैं। भले ही सभी को नहीं सुन पाया, लेकिन आप सभी अपने अच्छे कामों के बारे में मुझे लिखकर भेजें। हम सब बचपन से सुनते आए कि महात्मा गांधी कहते थे कि मेरे स्वराज का आधार ग्राम पंचायतें हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि एकजुट रहने में ही शक्ति है। किसी एक ही लापरवाही सबकी जिंदगी खतरे में डाल सकती है। हमें सैनिटाइजेशन और लोगों को क्वारैंटाइन करना जारी रखना होगा। अगर किसी को कठिनाई होगी तो वह सबसे पहले सरपंच के पास ही आएगा।
ग्राम विकास के कई महत्वपूर्ण विंदुओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए कहा कि सबको दो गज की दूरी के मंत्र का ध्यान रखना चाहिए। गमछे या मास्क के प्रयोग का ध्यान भी रखा जाए। आने वाले दिनों में हमें इस बीमारी से बचने के लिए यही कदम उठाने होंगे। बारिश के दिनों की शुरुआत में हमें अपने गांवों की पूरी हिफाजत करनी होगी। किसी भी देश में शिक्षा का पता संकट के दौर में चलता है। कोरोना संकट के दौर में आप सबने अनुशासन और सूझबूझ की मिसाल पेश की है। आपने देश को प्रेरणा देने वाला काम किया है। आपने दुनिया को बड़ा सरल मंत्र दिया है। दो गज दूरी का मैसेज दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर आप खुद को बचा रहे हैं। आज दुनिया में चर्चा हो रही है कि कैसे भारत ने कोरोना को जवाब दिया है। इतनी बड़ी महामारी के बीच देश का हर नागरिक अनेक कठिनाइयों के बीच उससे टकरा रहा है, लोहा ले रहा है। शास्त्रों में कहा गया है कि एकजुट रहने में ही शक्ति है। किसी एक ही लापरवाही सबकी जिंदगी खतरे में डाल सकती है। हमें सैनिटाइजेशन और लोगों को क्वारैंटाइन करना जारी रखना होगा। अगर किसी को कठिनाई होगी तो वह सबसे पहले सरपंच के पास ही आएगा।
गर्मी के बाद बारिश में भी सतर्क रहते हुए गांवों को बचाना है। ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। हमें हर परिवार तक सही जानकारी पहुंचाकर लोगों को बचाना है। छोटी-छोटी टोलियां बनाकर लोगों को जागरुक करें। इसमें आशा वर्कर्स और हर किसी की मदद लेनी चाहिए। सोशल मीडिया में खाने-पीने की चीजों को लेकर तमाम अफवाहें उड़ती हैं, उन्हें दूर करें। काढ़ा पीने और योग-प्राणायाम करने से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी। आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप डाउनलोड करें। एक अभिनेता ने तो विज्ञापन में इसे पर्सनल बॉडीगार्ड बताया है। सभी पंचायत प्रतिनिधि इसे हर मोबाइल में डाउनलोड कराएं। यह हमारी सुरक्षा का सेतु है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता की सीख लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायत, जिले और राज्य आत्मनिर्भर बनें, ताकि अपनी जरूरतों के लिए कभी बाहरियों का मुंह न देखना पड़े। इसके साथ ही मोदी ने ई-स्वराज पोर्टल और ई-ग्राम स्वराज ऐप भी लॉन्च किया, इससे पंचायत के विकास कार्यों, फंड और कामकाज की जानकारी मिलेगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे।

