बिहार व उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आफत वाली बारिश से अन्नदाता को भारी नुकसान

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मंगरूआ

पटना: लोक कवि घाघ ने कहा था कि शुक्रवार की बादरी, रही सनीचर छाय।
तो यों भाखै भड्डरी, बिन बरसे ना जाए।।

अर्थ : यदि शुक्रवार के बादल शनिवार को छाए रह जाएं, तो भड्डरी कहते हैं कि वह बादल बिना पानी बरसे नहीं जाएगा। कुछ इसी तरह का नजारा आज तड़के बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग—अलग इलाकों में देखने को आया। एक तरफ देश कोरोना महामारी से परेशान है वहीं हमारा अन्नदाता कोरोना के साथ ही मौसम की मार भी झेल रहा है। फसल तैयार है। कटाई चल रही है। बोझा बांधा जा रहा है। इंतजार है दवनी का लेकिन इसी बीच जब बेमौसम बरसात हो वो भी तीन घंटे की भारी बरसात तो किसान की ​कमर टूटनी स्वाभाविक है। कुछ यही नजारा उत्तर प्रदेश के भी कई इलाको का था जहां शनिवार को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। ये आफत की ​बारिश आगे भी होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कहा है कि 36 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश के आसार हैं। इसके साथ-साथ कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं। रविवार को पटना, आरा, छपरा, बक्सर, मुजफ्फरपुर, सीवान सहित कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। इससे गेहूं और लीची की फसल को भारी नुकसान हुआ है।


बारिश के दौरान वज्रपात से 10 की मौत

बारिश के दौरान वज्रपात से राज्‍य में अभी तक 10 लोगाें की मौत की सूचना मिली है। भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र अन्तर्गत बखोरापुर गांव में रविवार सुबह बारिश के दौरान वज्रपात से एक युवती की मौत हो गई। वह सुबह पहर जलावन की लकड़ी चुनने घर से बाहर गांव में निकली थी। उधर, छपरा सदर प्रखंड के शेरपुर दियारा में वज्रपात से नौ लोगों की मौत होने गई। इसके अलावा करीब एक दर्जन लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। सभी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि दियारा क्षेत्र में किसी जमीन की मापी चल रही थी। इसी बीच वे लोग वज्रपात की चपेट में आ गए।

कई जिलों में हुई भारी बारिश
पटना में देर रात से ही मौसम का मिजाज बिगड़ गया और तापमान में गिरावट देखी गई। तेज हवा और वारिश के बीच पटना के आसपास धनरुआ आदि कुछ इलाकों में ओले भी पड़े हैं। वैशाली, सारण, सिवान व गोपालगंज आदि जिलों में भी सुबह से बारिश हुई। सिवान में आधी रात से गरज के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर व भागलपुर में भी बारिश हुई। जहानाबाद,नवादा आदि में भारी बारिश हुई।

उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक जिलों का किसान रविवार को यहां पर बेमौसम बारिश के कहर से टूट गया। खेतों में खड़ी फसल बारिश के कारण जमीन पर गिर पड़ी है। सुबह अचानक हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गईं। मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर आदि जिलों में रविवार की सुबह तेज हवा के साथ अचानक बारिश शुरू हो गई। घने बादलों के कारण कई जगह पर अंधेरा सा हो गया
फसलों को भारी नुकसान
तेज बारिश और भारी ओलावृ​ष्टि ने उन ​ किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी जिनकी फसल तैयार अवस्था में है। यह बारिश उन किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई जिनकी गेहूँ की फसल खेतों में कटी पड़ी है या तैयार खड़ी हैअचानक बादलों की गर्जन के साथ हो रही बारिश ने किसान के होश उड़ गए ​क्योंकि भारी बारिश के किसान की गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। ज्यादातर किसानों के केवल 40 फीसदी गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग कार्य हुआ है। 60 प्रतिशत फसल खेतों में है। बारिश के साथ ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हो गया और सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है।
जारी किया गया था मौसम पूर्वानुमान
करवट लेते मौसम के मिजाज को देखते हुए मौसम विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी गई थी कि वे खलिहान पड़ी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं एवं ओसाई के बाद एकत्रित गेहूं को तत्काल भण्डारित करें। साथ ही बचे हुए गेहूं की हार्वेस्टिंग के लिए मौसम में सुधार का 24 घंटे इंतजार करें। कड़क धूप निकलते ही पूरी तरह से सूख चुकी गेहूं की फसल की कटाई करें। मौसम विभाग ने 30 अप्रैल तक बिहार के सभी जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश में 28 अप्रैल के बाद मौसम में एकाएक बदलाव आएगा। मौसम साफ होगा और तेज धूप निकलेगी। इसकी वजह से दिन और रात दोनों के ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मई के पहले हफ्ते आते-आते प्रदेश के कई जिलों में लू के थपेड़े भी झेलने होंगे।
किसानों के नुकसान का हो रहा है आकलन
इस बेमौसम के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकल​न बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों द्वारा किया जा रहा है और जल्द ही इन किसानों को राहत देने की घोषणा सरकार द्वारा किया जाएगा।

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