Model Village

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर का आदर्श गांव “प्रोटो विलेज”

टेकुलोडू आत्मनिर्भरता की कहानी बताने को तैयार ….बशर्ते आनेवाले उन्हें कुछ सिखाकर जाएं … बेंगलुरु: गांधी जी ने कहा था, जहां कपास उगाने से लेकर सूत कातने तक के सभी कार्य एक ही गांव या क़स्बे में किये जाते हों, वही सच्चा स्वदेशी है।” बेंगलुरु से 120 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के …

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चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह के सवाल पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ पांडे का जवाब…लातेहार एवं पलामू सहित झारखण्ड में खुलेंगे 14 नए जन शिक्षण संस्थान

संतोष कुमार सिंह नई दिल्ली: लोक सभा में चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह ने सोमवार को प्रश्न काल के दौरान कौशल विकास एवं उद्यमिता से संबंधित तारांकित प्रश्न पूछा। अपने प्रश्न में सांसद सुनील कुमार सिंह ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडे से ये जानना चाहा कि वर्तमान में 248 जन शिक्षण …

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प्रणव दा, तुस्सी ग्रेट हो, गोद लिए गांवों की चमका रहे किस्मत

पंचायत खबर टोली चंडीगढ़: प्रणब दा, तुस्सी ग्रेट हो! यह हम नहीं उन गांवों के लोग कह रहे हैं जिनकी किस्‍मत देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी चमका रहे हैं। प्रणब मुखर्जी ने विकास के दौड़ में पीछे रह गए गांवों को गोद लिया था। वह इन गांवों के विकास को लेकर खासे उत्साहित हैं। …

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देश का पहला गाँव, जिसके हर घर में सोलर इंडक्शन पर पकता है खाना

मंगरूआ मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का एक छोटा-सा अनुसूचित जनजाति (शेड्यूल ट्राइब) बाहुल्य गाँव है- बाचा। आजकल यह छोटा-सा गाँव अपने बड़े नवाचारों के कारण चर्चा में बना हुआ है। वर्ष 2016-17 से बाचा ने बदलाव की करवट लेनी शुरू की। आज बाचा न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत के सभी गाँवों के लिए प्रेरणा स्रोत …

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डिजिटल इंडिया की राह चली हरियाणा की यह पंचायत, जूम एप पर हुई पंचायत की बैठक

पंचायत खबर टोली चंडीगढ़: आपको याद होगा कि विगत माह में 24 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस’ पर ग्राम पंचायतों के सरपंचों और अध्यक्षों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया था। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी डिजिटल माध्यमों व तकनीक का प्रयोग करते हुए …

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अब गोविंदाचार्य बनायेंगे आदर्श गांव…आजमगढ़ के कैथोली तिरहुतीपुर गांव में बनाएंगे ठिकाना

मंगरूआ नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ का जो हश्र हुआ है उसकी पड़ताल की जानी बाकी है। जो मीडिया रिपोर्ट सामने आती है उसके आधार पर यदि बात रखी जाये तो नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने के 6 साल पूरे होने …

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स्मृतियों में अटका मेरा गांव

हरिवंश जहां मैं पैदा हुआ, उस गांव का नाम सिताबदियारा है. थोड़ा समझना शुरू किया, तो पता चला कि गांव में कुल 27 टोले हैं. यह गांव दो नदियों ‘गंगा और घाघरा’ के बीच है. गांव के उत्तर घाघरा या सरयू, तो दक्षिण में गंगा. चौथी क्लास में पहुंचा तो पता चला कि यह गांव …

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जखनी गांव के देश का पहला जलग्राम बनने की कथा

उमाशंकर पांडे अक्सर कहा जाता है कि ‘हिम्मते मरदा, मददे खुदा’। लेकिन एक मर्द ही क्यों पूरा का पूरा गांव, और न​ सिर्फ मर्द बल्कि स्त्री पुरूष जब  अपने गांव की तकदीर बदलने में लग जायें तो सिर्फ खुदा ही क्यों, पूरी कायनात उसके सामने नतमस्तक होती है और गांव वालों की खुद के परिश्रम …

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परंपरा की पगडंडी पर धूल-धूसरित हो लुप्त होती गांव की स्मृतियां…

गांव से मेरी स्मृति की डोर अस्सी के दशक के मेरे स्कूली दिनों से जुडी है। गर्मियों की छुट्टी में हम लोग हर साल सपरिवार गांव जाते थे। दिल्ली रूपी कंक्रीट के जंगल से दूर गांव में छप्पर की छांव तले दो-ढाई महीने व्यतीत होते थे। मेरे माता-पिताजी यूपी के उन्नाव जिले के पड़री खुर्द …

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बाजार और ब्रांड के दबाव में शोषणकारी परंपरा से मुक्त होते गांव

गांधी के हिंद स्वराज की बार-बार चर्चा होती है और कहा जाता है कि यह ऐतिहासिक किताब है। मेरी राय थोड़ी अलग है। मेरी समझ से गांधी की दृष्टि न सिर्फ पिछड़ी हुई थी, अपितु मनुष्य विरोधी भी थी। गांधी एक तरफ छुआछूत मिटाने की बात करते थे, तो दूसरी तरफ वर्ण व्यवस्था के पक्षधर …

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