डिजिटल इंडिया की राह चली हरियाणा की यह पंचायत, जूम एप पर हुई पंचायत की बैठक

पंचायत खबर टोली
चंडीगढ़: आपको याद होगा कि विगत माह में 24 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस’ पर ग्राम पंचायतों के सरपंचों और अध्यक्षों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया था। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी डिजिटल माध्यमों व तकनीक का प्रयोग करते हुए कोरोना महामारी के इस दौर में लगातार हर मोर्चे पर जंग जीतने की जुगत में लगे हुए हैं। प्रदेश के लोगों से सतत संवाद कर रहे हैं। अधिकारियों, कर्मचारियों,मंडी की गतिविधियों, उद्योग कर्मियों से बातचीत, किसानों से संवाद के जरिए लॉक डाउन के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आगे की राह निकालने की कोशिश में लगे हुए हैं। लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा डिजिटल माध्यमों के जरिए संवाद का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है और विशेष रूप से हरियाणा के गुरुग्राम में नयागांव पंचायत ने देश की पहली डिजिटल ग्रामसभा का आयोजन कर बाकी के पंचायतों को नई राह दिखाई है। इतना ही नहीं इस ग्राम सभा की कार्यवाही की न सिर्फ आनलाईन रिकार्ड की बल्कि कार्यवाही का विवरण रजिष्टर में भी दर्ज किया गया।
शहरों में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल आम बात है लेकिन गांवो में अमूमन ऐसा नहीं दिखता। लेकिन इस प्रचलित धारणा को तोड़ते हुए सोहना ब्लाक के नयागांव की ग्राम सभा ने डिजिटल मोड में बैठक कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। यह अपने तरह का शायद पहला उदाहरण होगा जहां पंचायत की पूरी र्कायवाही जूम एप के जरिए संचालित की गई हो।

कैसे हुई पंचायत
सेल्फी विद डाटर फाउंडेशन के प्रयासों से जींद जिले के बीबीपुर मॉडल पर आयोजित इस ग्राम सभा में समूची ग्राम पंचायत के सदस्य जहां अपने-अपने घरों से जूम एप के माध्यम से जुड़े, वहीं काफी ग्रामीण भी अपने-अपने घरों से डिजिटल माध्यम से इस सभा के गवाह बने। जहां पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याएं रखी, वहीं सरपंच सुरज्ञान की मौजूदगी में बकायदा प्रस्ताव पारित किए गए। ग्राम सचिव गंगा राम ने अपने कार्यालय में बैठ कर ग्राम सभा की कार्यवाही को रजिस्टर में दर्ज किया। इस दौरान सरपंच सुरज्ञान सिंह की अध्यक्षता में हुई ग्राम सभा में वार्ड सदस्य शिशिर कुमार ने कच्ची गलियों को पक्का करने का मुद्दा उठाया। वहीं वार्ड नंबर पांच के सदस्य विनय दुबे ने राशन कार्ड नहीं बनने और पानी निकासी नहीं होने की समस्या रखी। इसके साथ ही कई सदस्यों ने श्मशान घाट, गलियों के लेबल से ऊपर मकान बनाने का विरोध तथा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था के मुद्दे उठाए। गौतम बनर्जी, प्रमोद कुमार सिंह, अजय गुप्ता और वीरेंद्र ने भी समस्याएं रखी।

सरपंच ने बताया कि उन्होंने इस मीटिंग के लिए काफी तैयारी की थी। सबसे पहले गांव में चल रहे ह्वाटसएप ग्रुप के जरिए लोगों से संपर्क किया गया। इसके बाद दूसरा ग्रुप बना और इसका उपयोग वीडियो कांफ्रेंस के लिए एप डाउनलोड करने और मीटिंग आईडी और पासवर्ड संबंधित जानकारी देने के लिए किया गया। इसके बाद उन्होंने लोगों को मीटिंग से संं​बंधित प्रक्रिया समझाया। इतना ही नहीं ग्रामसभा की बैठक के पहले एक मॉक बैठक भी आयोजित की गई ताकि सही समय पर किसी भी तरह की रूकावट न हो।
सरपंच ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक प्रत्येक 4 माह पर होती है लेकिन लॉक डाउन के कारण बैठक नहीं हो पा रही थी जिसे मई माह में आयोजित किया जाना था। उन्होंने यह भी कहा कि आन लाईन मीटिंग ने गलत तरीके से सिर्फ कागज पर ग्राम सभा करा खानापूर्ती कर लेने की परंपरा पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी और इससे लोग काफी सीखेंगे।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने की सराहना
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री व पंचायत एवं विकास विभाग के मंत्री दुष्यंत चौटाला ने डिजिटल माध्यमों के जरिये आयोजित की इस ग्राम सभा की बैठक की सराहना की है। साथ ही पंचायत एवं विकास विभाग के पूर्व उपनिदेशक आरके मेहता ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इस तरह से ग्राम सभाओं का आयोजन क्रांतिकारी कदम है। वहीं इस पूरी प्रक्रिया के सूत्रधार रहे सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के अध्यक्ष व पूर्व सरपंच सुनील जगलान ने बताया कि सामाजिक दृष्टि से उत्थान के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन द्वारा हरियाणा के सौ गांवों को गोद लिया गया है। इन गांवों में बीबीपुर मॉडल को लागू करने के लिए पिछले कई वर्षों से काम हो रहा है। सुनील जागलान कहते हैं कि सामाजिक दृष्टि से उत्थान के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी फांउडेशन द्वारा हरियाणा के 100 गांवों को गोद लिया गया है। इन गावों में बीबीपुर मॉडल को लागू करने के लिए पिछले कई वर्षों से काम हो रहा है। फांउडेशन द्वारा ज्वलंत मुद्दों पर जहां वैबीनार का आयोजन किया जा रहा है, वहीं देश में सबसे पहला प्रयास करते हुए आज गुरुग्राम के सोहना उपमंडल के गांव नयागांव में डिजिटल ग्रामसभा का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को आईटी तकनीक के साथ जोड़ते हुए लॉकडाउन में सरकार के निर्देशों का पालन करना तथा उनके रूके हुए विकास कार्यों को गति देना था।

क्या है जींद जिले का बीबीपुर मॉडल

जींद जिले का गांव बीबीपुर देश का पहला ऐसा गांव है जहां बेटियों को समाज में मान-सम्मान दिलाने की दिशा में कई सफल प्रयोग हुए। जींद जिले के बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान ने यहां महिला पंचायत का आयोजन किया। घरों के आगे बेटियों के नाम की तख्ती लगाने की परंपरा शुरू की। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन से जुड़े सुनील अब उनके द्वारा गोद लिए गए गुरुग्राम के पांच गावों की देखरेख कर रहे हैैं। इसके बाद प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन ने गुरुग्राम तथा मेवात जिले के 100 गावों को गोद लिया। इतना ही नहीं इस फाउन्डेशन के संयोजक सुनील जागलान इस कोरोना महामारी के दौर में लगातार सक्रिय हैं और डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रव्यापी स्तर पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों व घरेलू हिंसा जैसे मसलों वेबीनार का आयोजन कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात कार्यक्रम में जागलान की कई बार तारीफ कर चुके हैं।

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