चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह के सवाल पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ पांडे का जवाब…लातेहार एवं पलामू सहित झारखण्ड में खुलेंगे 14 नए जन शिक्षण संस्थान

संतोष कुमार सिंह

नई दिल्ली: लोक सभा में चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह ने सोमवार को प्रश्न काल के दौरान कौशल विकास एवं उद्यमिता से संबंधित तारांकित प्रश्न पूछा। अपने प्रश्न में सांसद सुनील कुमार सिंह ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडे से ये जानना चाहा कि वर्तमान में 248 जन शिक्षण संस्थान सक्रिय हैं। 83 नए जन शिक्षण संस्थान मौजूदा वित्त यानी मार्च 2020 में स्थापित करने प्रक्रिया में थे। अभी मार्च – 2021 समाप्त हो रहा है, 83 नए जन​ शिक्षण संस्थान जिसमें चतरा, लातेहार एवं पलामू सहित झारखण्ड में कुल 14 नए जन शिक्षण संस्थान खोलना भी शामिल है, वो कब तक खोले जायेगे?

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय से  सांसद का अगला सवाल था कौशल भारत मिशन के अन्तर्गत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीआई 3.0 ) (2020-21) के घटक शार्ट टर्म ट्रेनिंग यानी एसटीटी में 2.20 लाख तथा रिकॉगनिशल आॅफ प्रायर लर्निंग यानी आरपीएल के 5.80 लाख कुल 8 लाख अभ्यर्थी को प्रशिक्षण देना था, इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?

चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह  के इस महत्वपूर्ण सवाल के जवाब में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने बताया कि जन शिक्षण संस्थान वर्ष 1967 मे श्रमिक विद्यापीठ के रूप में शुरू हुये थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने वर्ष 2000 में इसे विशेष महत्व दिया और जे.एस.एस. को श्रमिक, गरीब, महिला और कमजोर वर्ग के क्षेत्रों पर फोकस करने के लिए इसकी संख्या बढाई गई। वर्तमान में केंद्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देकर देश में 248 तक पहुंचाया और 83 नए जेएसएस खोलने है। झारखण्ड में इस समय 3 जेएसएस कार्यरत है और 14 नए खुलने वाले है। इसमें चतरा लोक सभा में भी है। कुछ ही दिनों में जेएसएस की स्वीकृतियां जारी होने वाली है। जेएसएस के माध्यम से कोरोना काल में बहुत सेवा की गई है। यह बहुत उपयोगी है। मेादी सरकार इसपर गंभीरता से विचार कर रही है और देश में इसका विस्तार किया जाएगा।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने बताया कि जेएसएस के तहत प्रशिक्षित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी क्रमश: 27.05 प्रतिशत और 13.04 प्रतिशत है। जिसमें झारखण्ड के क्रमश: 5400 एवं 66 अभ्यर्थी है, जो वर्तमान में मात्र 3 ही जेएसएस झारखण्ड में संचालित है। आने वाले समय में 14 नए जेएसएस खुलने से इसकी संख्या में काफी बढोतरी होगी जिससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0 के तहत प्रशिक्षित एससी और एसटी के अभ्यर्थी क्रमश: 12.73 प्रतिशत में 13,63,008 व 4,84,977 तथा झारखण्ड में 20,055 व 26,291 संख्या है।

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