Bio Farming

दिल्ली बोर्डर पर ठंढ़ से ठिठुरते और मरते किसानों पर चुप्पी… शेर,बाघ और तेंदुआ की बढ़ती जनसंख्या पर वोकल दिखे प्रधानमंत्री

नयी दिल्ली: साल बीत रहा है। इस गुजरे साल में जिस तरह की पीड़ा से आम जन को गुजरना पड़ा वह किसी से छिपा नहीं है। लेकिन कहते हैं ​न चलने का नाम ही जिंदगी है। ​और अगले वर्ष आपकी जिंदगी नये रफ्तार से दौड़े इसका टिप्स लिये आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर …

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कृषि शिल्पियों से समृद्ध खेती

देश के निर्माण में शिल्पकार की बहुआयामी भूमिका होती है। इसलिए यदि कृषि और कृ​षकों को बचाना है तो कृषि यंत्र निर्माण करने वाले ग्रामीण कारीगरों को भी सशक्त करना होगा।चाहे कोई भी व्यक्ति हो या परिवार या देश, उसकी प्रगति का मौलिक तत्व उसके नैसर्गिक स्वभाव और प्रकृति में निहित होता है। भारत की …

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कोक नहीं काढ़ा की बढ़ी मांग, कोरोना में चाय की चुस्की भूल गर्म पानी का हो रहा है सेवन

अभिषेक राज कलौंजी पीस और आंवला रस पीकर भी कोरोना को ठेंगा न दिखा पाये बच्चन ठंढ़ा मतलब कोकोकाला और गरम-गरम चाय की चुस्की भूल लोग काढ़े का स्वाद ले आम लोग बढ़ा रहे हैं इम्युनिटी नई दिल्ली: महानायक अमिताभ बच्चन का वह कोरोना गीत जिसमें वो कहते हैं “बहुत इलाज बताते हैं जन-जनमानस सब, …

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पराली की समस्या से निपटने के लिए आगे आया आईआईआरडी शिमला

संतोष कुमार सिंह चंडीगढ़: पराली की समस्या को लेकर संसद से लेकर सड़क तक चर्चा है। आम जन हैरान हैं, किसान परेशान है, कोई यज्ञ का सुझाव दे रहा है तो कोई मौसम को दोषी बता रहा है। कहीं अन्नदाता निशाने पर हैं तो कहीं ​नीति नियंता। एक तरफ संसद में पराली की समस्या को …

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परंपराओं से जुड़कर वापस आ सकती है गांव की खुशहाली

वेंकटेश नारायण सिंह मेरा गांव हेमतपुर आरा शहर से 13 किमी की दूरी पर है। यह 1961 दिसंबर से पक्की सड़क से जुड़ा हुआ था लेकिन शहरीकरण से बचते हुए भारतीय संस्कृति को संजोए हुए था। गाँव की गलियां कच्ची थी तथा गाँव में शायद ही कोई चप्पल पहनता था। बरसात में पैरों में कीचड़ …

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