Gram Chaupal

गांव की तरक्की के बिना देश के विकास की तस्वीर धुंधली

भारत गांवों का देश है। गांवों की खुशहाली के बिना देश की खुशहाली की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जयपुर से मात्र ढ़ाई घंटे की दूरी पर सीकर और झुंझनू के बीच नवलगढ़ तहसील है। यह पूरा क्षेत्र शेखावटी कहलाता है। यहां 120 ऐसे गांव और शहर हैं जहां से देश के अधिकांश उद्योगपति …

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दिल्ली.. के बासिंदो के भाग्य में भुनभुनाना ही बदा है,ये तो अभी झांकी है,गणतंत्र बाकी है

दावा था उनका लगा देंगे दिल्ली को चार चांद…हर प्रवेश द्वार पर आके बैठ गये हैं किसानजहां देखो वहीं है ट्रैक्टरों का शोरगणतंत्र के मेले का बनेगा रेला ये आशंका है चहुं ओरहुक्मरानों का वादा था कि दिल्ली को बना देंगे लंदनऐसी खुली पोल की चंदन घिसते रह गये रघुनंदनऐसे में कौन फिक्र करे दिल्ली …

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ग्रामीण भारत को जानने की भक्ति से भरी साधना थी चंद्रशेखर की भारत यात्रा

नयी दिल्ली: अकेला हूं तो क्या, आबाद कर देता हूं वीराना।याद करेगी शामे तन्हाई, मेरे जाने के बाद।।यदि जाने माने कृषि वैज्ञानिक गौहर रजा की शब्दों में कहूं तोजुनूं के रंग कई हैं, जुनूं के रूप कईआजाद भारत की सियासत के जुनूं (जुनून) का नाम ही चंद्रशेखर है। आज युवा तुर्क चंद्रशेखर के भारत यात्रा …

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गांव में बहुत कम रहा पर गांव मेरे भीतर हमेशा रहा

यह सिवान, रघुनाथपुर थाना का कौसड़ स्टेशन है मगर आज भी यहां से न कोई ट्रेन गुजरती है, न बस। आज भी यह गांव है। मेरा गांव। हालांकि सुना है कि सरयू ( घाघरा ) के किनारे गांव के दक्षिण में जो बांध है वह 20 फीट चौड़ी पक्की सड़क में तब्दील हो रही है। …

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अन्नदाता की मौत के बाद भी सरकार की असंवेदनशीलता शर्मनाक

जब भारत आज़ाद हुआ तब इसकी पहचान कृषि प्रधान देश की थी और प्रधानमंत्री की योजनाएं कृषि के साथ ही कृषकों का जीवन स्तर सुधारने को बाध्य थीं। आज तक कृषि विकास की जो धारा पूरे देश में प्रवाहमान है, चाहे वह मृदा संरक्षण, बांध, नदी और नहर के पानी की सुविधाएं हों या बिजली, …

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मौका मिलते ही गांव जाना चाहता है शहरवासी

मेरा गांव तरांव, जौनपुर जिले के डोभी प्रखंड स्थित कराकत तहसील में है। भौगोलिक अवस्थिति की बात करें तो गांव आजमगढ़ और गाजीपुर की सीमा पर है और बनारस से 30 किलोमीटर दूर अवस्थित है। मेरी पैदाइश 20 जुलाई 1959 को गांव में ही हुई। मेरे पिता स्वर्गीय विंग कमांडर डी डी सिंह स्वतंत्रता सेनानी …

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बरखा-बुनी, जिनगी के हेन तेन अउर पापा

सावन का आधा हिस्सा बीतते और भादो की चकवादह बरखा-बुनी के बीच गाँव का जीवन और लैंडस्केप एक नया आकार लेने लगता। सड़क किनारे के उपेक्षित गड्ढे चंवरे, धान के खेत और हर छोटे-बड़े गड्ढे पानी से लबालब हो जाते। इन दो महीनों में जीवन में दो ही रंग हर ओर शामिल हो जाते थे, …

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खेमेबंदी में खड़ा गांव

मेरा गांव परियावां है। यह गांव जनपद, प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के कालाकांकर प्रखंड के अंतर्गत आ़ता है। भौगोलिक रूप से गांव की बसावट ऐसी है कि रेलवे, हाइवे जैसी कुछ खास सुविधायें आजादी के पूर्व से ही मौजूद है। स्मृतियों में झांकता हूं, तो पाता हूं कि लगभग ढ़ाई दशको में गांव में बहुत कुछ …

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हरियाणा: सरपंच बनने की है ख्वाहिश, सता रहा है डर…कहीं लग न जाये किसान आंदोलन का ग्रहण

चंडीगढ़: हरियाणा में एक तरफ नगर निगम के चुनाव हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव की तैयारियां भी चल रही हैं। यानी तीसरी अर्थात छोटी सरकार के चुनाव आयोजित करने की घोषणा जल्द ही प्रदेश में हो सकती है। इसके संकेत उपमुख्यमंत्री और पंचायती राज मंत्री दुष्यंत चौटाला कई बार दे चुके हैं। …

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एमएसपी खत्म कर प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण वाली व्यवस्था की ओर बढ़ें किसान और सरकार

आज जरूरत है कि सभी किसान संगठन सरकार और सभी पार्टियां साथ मिलकर एमएसपी से प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण की ओर बढ़ने का खाका तैयार करें। एमएसपी के कारण चंद फसलों की अत्यधिक खेती से पंजाब आज कृषि उत्पादकता में गिरावट का शिकार हो गया है। नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे कुछ किसान संगठन …

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