Gram Chaupal

चंद्रशेखरजी प्रधानमंत्री क्यों बने?

अरविंद कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार 23 अक्तूबर 1990 को चंद्रशेखरजी से उनके निवास पर मिला था और बातचीत की थी तोे सारे समीकरण पक्ष में होने और तमाम चर्चाओं के बाद भी प्रधानमंत्री बनने को तैयार नहीं थे। देश चुनाव के कगार पर खड़ा था। वीपी सिंह की सरकार तो मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू …

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चंद्रशेखरजी के जीवन में अपनी माटी-पानी, बागी बलिया की धरती का था असर

हरिवंश वरिष्ठ पत्रकार, उप सभापति राज्यसभा आज चंद्रशेखरजी की जयंती है. ‘बागी बलिया’ के सपूत. अपनी राह गढ़ने और बनानेवाले जननेता. सीधे प्रधानमंत्री बननेवाले राजनेता. अपने प्रधानमंत्रित्व काल में देश को गंभीर चुनौतियों से निकालनेवाले कुशल प्रशासक. आजीवन देसज चेतना के साथ रहनेवाले जमीनी, सरोकारी नेता. देश में ‘युवा तुर्क’ के नाम से मशहूर. उन …

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गांव से लौटकर …अपने ही लोगों ने बूढ़ी मां का रास्ता तक रोकने की रच दी थी साजिश

  हरेश कुमार कई सालों के बाद गांव गया था। गांव से लौटकर … मन खिन्न हो गया। जिनको बाबूजी ने बसाया था, उन लोगों ने गांव में रह रही मेरी बूढ़ी मां का रास्ता रोकने के लिए मुकम्मल तैयारी कर ली थी। सारे अपने ही लोग थे। मेरे चचेरे भाई को आगे कर मकान …

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महानगर में भी गांव ( जमानियां ) की खुशबू जहां से उठती है, मन वहीं का हो लेता है

मैं गांव को छोड़ आया। लेकिन मेरा गांव जमानियां मुझे छोड़कर कभी नहीं गया। रोजी-रोटी की तलाश में मुझे गांव से निकलना पड़ा लेकिन गांव मेरे अंदर से नहीं निकला। आज भी मेरा गांव से गहरा नाता है। इस शहर में भी गांव की खुशबू जहां से उठती है, मन वहीं का हो लेता है। …

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एक अवसर लोकसेवक बनने का, बशर्ते… दलगत ठप्पों से मुक्त हो पंचायती चुनाव

अरुण तिवारी उत्तर प्रदेश, बिहार,झारखंड,हरियाणा,मध्यप्रदेश में पंचायती चुनाव की तैयारी शुरु हो चुकी है। आगे चलकर आंध्र प्रदेश समेत कई अन्य कई राज्यों में पंचायती चुनाव होंगे। ये अवसर भी है और चुनौती भी। जमीनी स्तर पर लोकसेवक बनने का, लोकसेवा की चाह रखने वालों के लिए पंचायती चुनाव  एक अवसर है और मतदाता के …

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बिहार में पंचायत चुनाव में राजनीतिक पार्टी का झंडा लगाने की नहीं होगी अनुमति

अमरनाथ झा नयी दिल्ली: बिहार में पंचायत चुनाव को दलगत आधार पर करने की मांग समय-समय पर उठती रही है लेकिन सैद्धांतिक तौर पर बिहार में दलगत आधार पर पंचायत चुनाव नहीं होते रहे हैं। इस बार भी बिहार में पंचायत चुनाव दलगत आधार पर नहीं होंगे। अगर किसी उम्मीदवार ने किसी पार्टी का झंडा …

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मैं ही महेंदर मिसिर हूं…

निराला विदेशिया महेंदर मिसिर कलकत्ता गये। एक गायिका की महफिल में पहुंचे। उस गायिका ने उस शाम महेंदर मिसिर के ही गीतों को सुनाया। वह चेहरे से नहीं जानती थी महेंदर मिसिर को, इसलिए स्वाभाविक तौर पर वह जान न सकी कि श्रोताओं में महेंदर मिसिर भी हैं। लोग वाह-वाह करते रहे। असल में उस …

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ग्राम पंचायत व नग​रपालिका जमीनी विकास में लगी, राजस्व संग्रह में बढ़ानी होगी तत्परता

अशोक कुमार लाहिरी सदस्य, नीति आयोग स्थानीय सरकारें अर्थात ग्रामीण इलाके में ग्राम-पंचायत और शहरी इलाके में नगरपालिकाएं जमीनी स्तर पर जमीनी विकास से जुड़ी होती हैं। वे महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाएं मसलन- सड़क,पानी और साफ-सफाई तथा प्राथमिक शिक्षा व प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराती हैं। पंद्रहवे वित्त आयोग ने इन स्थानीय सरकारों को केन्द्रीय सरकार की …

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प्रवासियों के प्रयास से गांव में विकास की बयार

मेरा गांव झारखंड में धनबाद जिला के बरमसिया में है। आज गांव में विकास की बयार है। यह शहरीकृत गांव 1857 के आसपास बसा जब ब्रिटिश सेना ने यहां कैंप लगाया था। आगे चलकर यहां बाल्टी व कांटी फैक्टी लगाई गई थी। 1950 तक सौ-डेढ़ सौ घर थे। बरमसिया गांव के चार कर्णधार माने जाते …

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गांव की मुकम्मल तस्वीर के बीच… उदासी की कथा कहते पलायन में छुपा है गांव का यथार्थ

शहर की इस भीड़ में चल तो रहा हूंज़ेहन में पर गांव का नक़्शा रखा है ये शेर ताहिर अज़ीम का है लेकिन हर उस शख्स के भीतर है जो गांव से शहर आकर बसा है या जो कहीं भी रहे लेकिन जिसके दिल में हमेशा उसका गांव आबाद होता है। महात्मा गांधी भी कहते …

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