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आत्मनिर्भर भारत के प्रधानमंत्री के संकल्प से गांव की आत्मनिर्भरता की राह तलाशता ‘तीसरी सरकार अभियान’

मंगरूआ दिल्ली: ​कोरोना महामारी के दौरान गांव की आत्मनिर्भरता का सवाल बहस के केंद्र में है। कई स्तर पर इस विषय पर संवाद की प्रक्रिया चल रही है। इस बहस को नया आयाम तब मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से कहा कि लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, हम सभी की जिम्मेदारी है। …

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गांव में ही मिल रहा है रोजगार, जल-जीवन-हरियाली योजना बन रहा है जीविका का आधार

मंगरूआ पटना: लॉकडाउन के कारण जिस तरह से प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे हैं वैसे में बाहर से अपने गांव लौटे ग्रामीणों को लेकर एक तरफ गांव वालों के मन में इनके संक्रमित होने को लेकर आशंका के बादल तो हैं, वहीं इनके लौटने से गांव में चहल पहल है। कहीं क्वारंटिन सेंटर सजा हुआ …

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लगातार बढ़ रही है कोरोना पीड़ितों की संख्या, पंचायतें निभा रही हैं अहम जिम्मेवारी

मंगरूआ पटना: बिहार में रोजाना प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। रोजाना कोरोना पॉजिटिव मामलों का ग्राफ भी बढ़ रहा है लेकिन उसी तेजी से और तत्परता से सरकार भी अपने काम में लगी हुई है। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और चाहते हैं अन्य राज्यों से जिन बिहारी …

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ब्लाॅक और पंचायत क्वारंटाईन के जरिए जीतेंगे कोरोना की जंग

मंगरूआ पटना:- कोरोना संक्रमण की  स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतिश कुमार  के स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। आज एक तरफ मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने प्रधान मंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग में शामिल होकर प्रदेश की स्थिति की जानकारी उन्हें दी, वहीं दूसरी ओर सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, जिलाधिकारियों …

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परंपराओं से जुड़कर वापस आ सकती है गांव की खुशहाली

वेंकटेश नारायण सिंह मेरा गांव हेमतपुर आरा शहर से 13 किमी की दूरी पर है। यह 1961 दिसंबर से पक्की सड़क से जुड़ा हुआ था लेकिन शहरीकरण से बचते हुए भारतीय संस्कृति को संजोए हुए था। गाँव की गलियां कच्ची थी तथा गाँव में शायद ही कोई चप्पल पहनता था। बरसात में पैरों में कीचड़ …

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बदलकर भी नहीं बदला मेरा गाँव

डाॅ पवन कुमार सिंह दुहाई कोशिका महरानी, बाल बच्चा के जान बकस दे मइया, बाढ़ में दूध चढ़ैबो अरु दुहाई हे कोशिका महरानी, बाल बुतरू के जान बकस दे माय, भादो में दूध चढ़ैबो आरु माघी पूर्णिमा में पाठी देबौ गे माय। बाबा कहा करते थे कि कोसी को पक्का घर नहीं सुहाता। इसके दोनों …

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पंचायती राज व्यवस्था की बेहतरी की दिशा में आगे बढ़ता हरियाणा, बदली है गांव की सूरत

संतोष कुमार सिंह कहते हैं भारत की आत्मा गांव में बसती है क्योंकि देश की अधिकांश आबादी गांव में निवास करती है। आज देशभर में लगभग ढाई लाख ग्राम पंचायतें निरंतर भारत के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। इन ढाई लाख पंचायतों में हरियाणा की 6500 पंचायतें भी शामिल हैं जिनको सशक्त बनाने …

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अपंग बना दी गई हैं पंचायती राज संस्थाएं

अमरनाथ झा गांव अपने अपरिहार्य अंत की बाट जोहते मृतप्राय अवशेष हैं या नवसृजन के लिए बेचैन आहत जन निकाय,इस मार्मिक प्रष्न के इर्दगिर्द एक पूरी किताब गांव, स्वशासन और पंचायती राज लिख दी है मंथन ने। संविधान सभा की बहसों और तमाम कानूनों की पड़ताल लेखक ने की है और इस निष्कर्ष पर पहुंचा …

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