मंगरूआ
पटना:- कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। आज एक तरफ मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने प्रधान मंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग में शामिल होकर प्रदेश की स्थिति की जानकारी उन्हें दी, वहीं दूसरी ओर सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की है।
गांव में सभी परिवारों को दिए जायें मास्क व साबुन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिये ग्राम पंचायतों के सभी परिवारों को सरकार की तरफ से साबुन और चार मास्क दिये जायें। माइकिंग के माध्यम से लोगों को कोरोना संक्रमण के संबंध में ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाय। स्किल सर्वे के आधार पर प्रवासी श्रमिकों के लिये रोजगार सृजन करने हेतु संबंधित निर्माण इकाईयों की स्थापना राज्य में होनी चाहिए, इस दिशा में समुचित कार्रवाई करें ताकि लोगों को स्थायी रूप से बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि क्वारंटाइन सेंटर पर बच्चों एवं महिलाओं खासकर गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पुख्ता प्रबंध करें। उनके लिये सेंटर पर अलग व्यवस्था सुनिश्चित हो।
उल्लेखनीय है कि ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर एक अनूठा प्रयोग है, जिसकी प्रशंसा भारत सरकार के स्तर पर भी हो रही है लेकिन यह बहुत बड़ी जिम्मेवारी है और हमलोग अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास कर रहे हैं। ब्लॉक क्वारंटाइन केन्द्र की संख्या अभी 3,665 है, जिसमें 1 लाख 22 हजार 4 लोग आवासित हैं।
प्रधानमंत्री को बताया प्रखंड और पंचायत स्तर बना है क्वारंटाइन सेंटर
प्रधानमंत्री के साथ हुई वीडियों कांफ्रेसिंग में भी मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अभी तक जितने लोग बाहर से आये हैं, उनके लिये प्रखंड स्तर, पंचायत स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर बनाये गये हैं, जहां भोजन, आवासन एवं चिकित्सकीय सुविधा के साथ-साथ मच्छरदानी, दरी, बिछावन, कपड़े एवं बर्तन की व्यवस्था की गयी है। क्वारंटाइन सेंटरों पर लोगों को 14 दिनों तक रहने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाती है।
हर स्तर राहत देने की कोशिश
लोगों को हर स्तर पर राहत देने के लिये सभी जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं। आपदा राहत केन्द्रों की संख्या अभी 172 है, जहां 68,591 हजार लोग लाभ ले रहे हैं। बिहार के जो लोग बाहर फॅसे हुये हैं, वे लोग मुख्यमंत्री सचिवालय, आपदा प्रबंधन विभाग एवं बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त के कार्यालय में फोन कर अपनी समस्यायें बता रहे हैं। प्राप्त फोन पर अधिकारी रोजाना लोगों से फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं और उसके आधार पर लोगों की समस्याओं का संबंधित राज्य सरकारों तथा जिला प्रशासन से समन्वय कर समाधान किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 93 हजार कॉल/मैसेज प्राप्त हुये हैं। इनमें 18 लाख 64 हजार से ज्यादा लोग सम्मिलित हैं।
रोजगार देने का हो रहा उपाय
बिहार में इस दौरान रोजगार सृजन के लिए 3 लाख 47 हजार योजनायें काम कर रही हैं और अब तक 1 करोड़ 68 लाख 41 हजार से ज्यादा मानव दिवस सृजित किये गये हैं। अधिक से अधिक रोजगार सृजन हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। लॉकडाउन को देखते हुए अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंचायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि 7 दिनों के अंदर इच्छुक लोगों को बिहार लाने की तैयारी सुनिश्चित करें। आपदा प्रबंधन विभाग के परिवहन नोडल पदाधिकारी से अभी तक प्राप्त सूचना के अनुसार आज बिहार आने वाली ट्रेनों की संख्या 19 है, जिसके माध्यम से 23,286 लोग आ रहे हैं। कल आने वाली प्रस्तावित ट्रेनों की संख्या 21 है, जिससे 25,052 लोग आयेंगे।लगातार चल रही है जांच पिछले 24 घंटे में कोरोना के 61 पॉजिटिव मामले सामने आये हैं और अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 714 हो गयी है। 24 घंटे में 23 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं। अब तक कुल 377 लोग स्वस्थ हुये हैं। बिहार में अब तक कुल 6 लोगों की मौत हुई है। इस प्रकार बिहार में फिलहाल कोरोना संक्रमण के 331 एक्टिव मामले हैं। बिहार के 38 जिलों में से 37 जिले कोविड-19 की चपेट में हैं। अब तक कुल 34,662 सैंपल्स की जांच की जा चुकी है।
जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी
राज्य के तीन अस्पतालों- एनएमसीएच0 पटना, एएनएमसीएच गया, भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय को कोविड अस्पताल के रूप में चिन्हित किया गया है। अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों के लिए ब्लॉक स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर पर उन्हें क्वारंटाइन करने की व्यवस्था है। बिहार आने वाले लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए क्वारंटाइन सेंटर एवं विभिन्न जिलों में कोविड केयर सेंटर में भी आइसोलेशन वार्ड की संख्या बढ़ायी गयी है। कोरोना प्रभावित जिलों की डोर टू डोर स्क्रीनिंग करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। बाहर से आने वाले लोगों की सतत् निगरानी की जा रही है, उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है और हेल्थ रिपोर्ट भी ली जा रही है।
सख्ती से हो रहा लॉकडाउन का अनुपालन
लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है। अब तक कुल 1,972 एफआईआर दर्ज की गयी है और 1,993 लोगों की गिरफ्तारियां हुयी हैं। 65,590 वाहन जब्त किये गये हैं। अब तक इससे कुल 14 करोड़ 90 लाख 75 हजार 114 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। पिछले 24 घंटे में अवरोध पैदा करने के कारण 16 एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी हैं और 08 लोगों की गिरफ्तारियां हुयी हैं। 1,033 वाहन जब्त किये गये हैं और 29 लाख 28 हजार 400 रूपये जुर्माने के रूप में वसूल किये गये हैं। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और लॉकडाउन का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं।




