
- एमए;हिन्दी, की छात्रा है मीनाक्षी, बोली . पिता का साया उठने से जीवन में खालीपन था, गांव के लोगों ने आर्शीवाद देकर कमी को पूरा किया।
- . रविवार देर रात तक गांव में हुई पंचायत, काफी जद्दोजहद के बाद ग्रामीण ने लिया ऐतिहासिक फैसला।
फरीदाबादः जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर गांव गढ़खेड़ा इतिहास बनाने की कगार पर खड़ा है। इसके पहले भी गांव गढ़खेड़ा में आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में ें 75 फुट उंचा तिरंगा लगाकर इतिहास रचा गया था। अब गांव की पढ़ी लिखी, बिन पिता की बेटी मीनाक्षी को निर्विरोध सरपंच चुने जाने की गंभीर कवायद ग्रामीणों ने शुरू कर दी है।
पंचायत चुनाव के मद्देनजर विगत रविवार देर रात नई पहल की शुरूआत हुई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर वाल्मीकी समाज की बेटी कुमारी मीनाक्षी को निर्विरोध सरपंच का उम्मीदवार घोषित किया। ग्रामीणों द्वारा एकमत से लिए गये इस फैसले को लेकर ग्रामीण खूब उत्साहित हैं। हालांकि चुनाव मैदान में अन्य प्रत्याशी भी हैं लेकिन गांव की बेटी के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए बाकि इच्छुक उम्मीदवारों से समझाया जा रहा है।
इस लिहाज से देखा जाए तो हरियाणा के उन चुनिंदा पंचायतों की तरह जहां सर्वसम्मती से निर्विरोध सरपंच चुने जाते हैं की तरह ही गांव गढ़खेड़ा भी निर्विरोध पंचायत गठन की कवायद में जुटा हुआ है। ऐसा भी नहीं कि एकाएक रविवार को ही इस दिशा में पहल शुरू हुई है बल्कि करीब डेढ महीने से ग्रामीण निर्विरोध पंचायत बनाने को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं। गांव में सर्वसम्मति बनाने के लिए तीन बड़ी समन्वय बैठक व दर्जनों नुक्कड बैठकें हो चुकी हैं। जिसमें अधिकांश भावी सरपंच पद के उम्मीदवारों ने गांव.बस्ती के फैसले का पुरजोर स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि वोट.बैंक की राजनीति गांव के भाईचारे को नुकसान पहुंचा रही है। इसकी वजह से गांव के समग्र विकास में भी अक्सर अड़चन पैदा होती रही है। इसलिए ग्रामीण इसबार निर्विरोध पंचायत बनाना चाहते हैं।
दिख रहा है व्यापक असर
गांव में निर्विरोध पंचायत के इस मुहिम का व्यापक असर भी दिखाई दे रहा है। अधिकांश वार्ड में निर्विरोध पंचों का चुनाव किया जा रहा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए रविवार को निर्विरोध पंचायत को लेकर गांव में सुबह.शाम दो बार बैठकों का आयोजन किया गया। बैठकों की अध्यक्षता कंवल लाल व श्रीचंद ने की। दोनों बैठकों में सरपंच पद के उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया और अपने विचार प्रकट किए। और पूरे गांव ने मिलकर जो फैसला लिया वो वास्तव में काबिले तारीफ है । रात करीब 8 बजे हिन्दी;साहित्य, से एमए करने वाली छात्रा कुमारी मीनाक्षी को निर्विरोध सरपंच का उम्मीदवार घोषित किया गया।
इस फैसले से खुश है बेटी
गांव वालों द्वारा समग्र रूप से लिए गये इस फैसले की बाबत मीनाक्षी ने कहा कि वर्ष 2010 में पिता की मृत्यु हो जाने से एक खालीपन था। आज गांव के बुजुर्गों ने उस कमी को पूरा कर दिया। यदि मुझे मौका मिला तो वह गांव में सामूहिक विचार.विमर्श के बाद विकास कार्यों को करेंगी।
अब ग्रामीण बाकी इच्छुक उम्मीदवार को मानने का प्रयास कर रहे है। ताकि गांव में इसबार निर्विरोध सरपंच चुना जा सके।
सर्वसम्मति से चुनी गई पंचायतों को मिलेगा ये इनाम
सर्वसम्मति से चुनी गई पंचायतों को 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावाए सर्वसम्मति से चुने जाने वाले सरपंच तथा पंच को क्रमशः 5 लाख रुपये व 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इसी प्रकारए सर्वसम्मति से चुने जाने वाले जिला परिषदों के सदस्यों तथा पंचायत समितियों के सदस्यों को क्रमशः 5 लाख रुपये व 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
आजादी के 75 साल, 75 फुट ऊंचा तिरंगा फहरायेंगे गढ़खेड़ा के ग्रामीण
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में पहले और दूसरे चरण में हुए पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में निर्विरोध सरपंच और पंच चुने गए है। गांव गढ़खेड़ा द्वारा की जा रही इस एतिहासिक कवायद को अगर सफलता मिलती है और बेटी निर्विरोध चुनी जाती है तो गांव इतिहास तो दर्ज करायेगा ही साथ ही गांव गढ़खेड़ा को सरकार के प्रावधानों के तहत दी जा रही इनाम राशि का फायदा भी मिलेगा।
गांव गढखेड़ा की बैठक में विवेक सैनी, विजयपाल थानेदार, राजपाल तोमर, नेत्रपाल छौक्कर, प्रेमचंद मास्टर, पंडित शिवराम, वीरेंद्र फौजी, कृष्णा देवी, सुखदेव लोर, प्रताप सांगवान, मास्टर चंद्रपाल, सुनील सैनी, चौधरी डालचंद, माया देवी, बाबूराम कश्यप, खडक सिंह सैनी, राजवीर, लिखीराम, नवल सिंह, हरिदत्त वशिष्ठ और शब्बू सहित सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।




