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कोरोनाकालीन संकट के बीच रामभरोसे चल रहा है जीवन, सबसे ज्यादा प्रभावित हैं बच्चे

संतोष कुमार सिंह राइट टू एजुकेशन (आरटीई) फोरम द्वारा 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के अधिकारों की अनदेखी एवं मौजूदा दौर की चुनौतियों पर आयोजित वेबिनार में वक्ताओं की राय नयी दिल्ली: कोविड—19 महामारी के दौरान सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की। स्वाभाविक रूप से सरकार ने जब ऐसा किया होगा तो …

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ढ़ीले-ढ़ाले लॉकडाउन में सीधा-सीधा ‘मन की बात’…खुद बरतें सावधानी, सिर्फ राम रखवार

मंगरूआ नयी दिल्ली: कोरोना के रोजाना बढ़ते आंकड़े और महामारी के संक्रमण के खतरे के बीच देश को अनलॉक करने की घोषणा हो गई है। आज लॉक डाउन का आखिरी दिन है। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 65वीं बार ‘मन की बात’ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन में लोगों …

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गांधी की राह पर फिर से चलना होगा

अशोक भगत सचिव, विकास भारती कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उपाय की तलाश ने नीति-निर्माताओं के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी है. उत्पाद, उत्पादन और बाजार के विकास की संभावनाओं के बीच शहरों से गांव की ओर बढ़ रहे बेरोजगार मजदूरों की भीड़ को काम …

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तालाबंदी से परेशान प्याज उत्पादक किसानों ने की सरकार से हस्तक्षेप की गुहार

अमितेश सिंह रोविंग एडिटर पंचायत खबर गाजीपुर: भारत एक कृषि प्रधान देश है। लेकिन इस कृषि प्रधान देश में सबसे ज्यादा मार जनसंख्या के किसी वर्ग पर होती रही है तो वो किसान ही है। एक तरफ वो लॉकडाउन से परेशान है तो दूसरी तरफ मौसम की मार से। इस वर्ष तो ऐसा लगता है …

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…वर्क फ्रॉम गांव की तरफ बढ़ने की है दरकार

धर्मेंद्र कुमार   कोविद-19 जीवाणु के प्रकोप ने अफरा-तफरी मचा रखी है। लॉक डाउन के कारण सब कुछ ठहर सा गया है। कल कारखाने बंद पड़े है। बाज़ार सुनसान हैं। सड़के सुनी है और डरावनी दिखती है। शहर भूतहा प्रतीत होता हैं लेकिन प्रवासी मजदूर सड़को पर निकल आया है। बोरिया बिस्तर व बच्चो को …

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प्रवासी मज़दूरों की वापसी-नये अवसरों की दस्तक

अनिन्दो बनर्जी निदेशक, कार्यक्रम प्रभाग, प्रैक्सिस देश में लाॅकडाउन लागू किये जाने के बाद से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मज़दूरों की अपने गांव वापसी हो रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि निकट भविष्य में महामारी से निपटने में ठोस कामयाबी नहीं मिली तो अर्थव्यवस्था के बहुत …

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अपने ही खेतों को ट्रैक्टर से रौंद रहे हैं सब्जी किसान

अमितेश सिंह रोविंग एडिटर पंचायत खबर गाजीपुर: कोरोना महामारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिग सबसे बेहतर फार्मूला बनके उभरा है। लोग लॉकडाउन में हैं। गांव बंदी है। शहर बंदी है, नगर बंदी है,बाजार बंदी है लेकिन इस बंदी ने हमारे अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। बावजूद ​इसके कि दावा है कि सरकार अन्नदाताओं …

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तालाबंदी में आई गांव की याद, खत्म होते ही शहर लौटना चाहते हैं श्रमिक

प्राक्सिस ने कराया अध्ययन, जाना लॉक डाउन में गांव वापस लौटने वाले श्रमिकों का हाल बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश लौटने में कामयाब हुए 238 प्रवासी श्रमिकों से की गई  बातचीत संतोष कुमार सिंह नयी दिल्ली: शहर बसाने वाले अब गांव के रास्ते में हैं, ये चुनौती नहीं गांव के लिए अवसर है। केंद्र सरकार …

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