कृषि बिल के समर्थन में वामदलों का राजभवन मार्च,पुलिस ने जम कर भांजी लाठी

मंगरूआ

पटना: दिल्ली में बॉर्डर पर जुटे किसान आंदोलन का आज 34वां दिन है। कई दौर की बातचीत के बावजूद कृषि कानून को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। वहीं पटना में कृषि बिल के विरोध में आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में राजधानी पटना में दोपहर को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और वाम संगठनों ने एक मार्च का आयोजन किया। जब किसानों का जत्था गांधी मैदान से निकलकर राजभवन की ओर बढ़ा आंदोलनकारियों को राजभवन की तरफ बढ़ने से रोकने के क्रम में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोक झोंक हुई और इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठी भांजा।


ये घटना उस वक्त हुई जब किसान मार्च डाक बंगला चौराहा पर पहुंचा। किसान मार्च को डाक बंगला चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन सैकड़ों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बात नहीं मानी। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। फिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। पुलिस के लाठीचार्ज करने के बाद डाकबंगला चौराहे पर भगदड़ सी मच गई। लाठी से बचने के लिए भाग रहे किसानों को भी पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस भगदड़ में कई महिला किसान सड़कों पर गिरकर चोटिल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया।


भाग रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने दौड़ाकर पीटा

डाकबंगला चौराहे पर रोके जाने के बाद किसानों और पुलिस के धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जब भीड़ अनियंत्रित होने लगी तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर कंट्रोल करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने के बाद भगदड़ मच गई। भाग रहे किसानों को भी पुलिस ने दौड़ाकर पीटा। कई किसानों ने गलियों में छिपकर जान बचाई। कई महिला किसान सड़कों पर गिर गईं, जिससे उन्हें काफी चोट पहुंची। उन्हें पीएमसीएच भी भेजा गया।


नये कृषि कानून को रद करने की थी मांग
दिल्ली में धरणा दे रहे किसानों के समर्थन में पटना में भी ​किसान बार-बार कृषि बिल रद करने की मांग कर रहे थे। डाक बंगला चौराहा पर काफी देर तक हंगामा होने के बाद आसपास के इलाकों में जाम लग गया। जाम के कारण गांधी मैदान से लोगों को आगे बढऩा मुश्किल हो गया। जमाल रोड, एक्जीविशन रोड, सहित कई सड़कों पर जाम लगने से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश लेकिन किसान नहीं माने और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय किसान महासभा ने इस बड़े मार्च की तैयारी की थी और राज्य के अलग—अलग हिस्सों से पूर्णिया, अररिया, सीमांचल के अन्य जिलों, चंपारण, सीवान, गोपालगंज सहित कई जिलों के किसान पटना में जमा हुए थे। इन किसान संगठनों का आह्वाण था कि वे पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर 10 से दोपहर 12 बजे राजभवन मार्च करेंगे।

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