पर्यावरण

कंक्रीट का जंगल उगाना तो ठीक पर्यावरण को दरकिनार कर नहीं बचेगा जीवन

डॉ रणविजय निषाद कालान्तर में भौतिक समृद्धि के साथ सम्पूर्ण विश्व उत्तरोत्तर प्रगतिपथ पर अग्रसर है, तो दूसरी तरफ हमारी उदात्त सभ्यता और संस्कृति से विमुखता, भोगवादी जीवनशैली के कारण जल-थल और वायुमण्डल पूर्णतयः संदूषित हो चुका है। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई, जल का अतिशय दोहन, प्राकृतिक संसाधनों का अविवेकपूर्ण प्रबंधन तथा ईंट-भट्टों की अत्यधिक …

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पत्तल, दौना तथा पंगत वाली संस्कृति, प्लास्टिक मुक्त भारत

रणविजय निषाद, पर्यावरणविद वर्त्तमान में वैश्विक स्तर पर अपने स्वास्थ्य को लेकर लोकमानस चिन्तित हैं। प्राचीन संस्कृति में आमजनमानस और बुद्धजीवी प्रकृतिप्रेमी हुआ करते थे। शादी-विवाह या अन्य कार्यक्रमों में हम इन्ही पेड़-पौधों के पत्तियों, लकड़ी, छाल आदि का प्रयोग करते थे। नीम की दातून का प्रयोग दाँतों की सफाई के लिए किया करते थे। …

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जल की महत्ता बताती रणविजय निषाद की पुस्तक जल संचेतना

मनीश अग्रहरि दुनिया भर में जल की समस्या है फलत: जल एक गंभीर विषय है। लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर मेंं किताब कौन पढ़ना चाहता है बावजूद इसके कोरोना महामारी के दौर में लोगों में पाठकों में किताबों के प्रति आकर्षण देखा जा रहा है। आप भी यदि इस लॉक डाउन पीरियड में गंभीर …

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एक इंजीनियर की रूफ गार्डन में गुलजार होता जीवन और खिलखिलाते पौधे

गोविंद नारायण सिंह बरेली: पेड़ पौधे हमारे जीवन का बिल्कुल वैसा ही आधार है जैसे भोजन और जल । हालांकि भोजन और जल भी अप्रत्यक्ष रूप से बहुत हद तक पौधों पर निर्भर है । आदिकाल से ही मानव पेड़ पौधों की अहमियत समझता था ,प्रकृति की अहमियत जानता था इसीलिए दुनिया में विकसित हर …

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पराली की समस्या से निपटने के लिए आगे आया आईआईआरडी शिमला

संतोष कुमार सिंह चंडीगढ़: पराली की समस्या को लेकर संसद से लेकर सड़क तक चर्चा है। आम जन हैरान हैं, किसान परेशान है, कोई यज्ञ का सुझाव दे रहा है तो कोई मौसम को दोषी बता रहा है। कहीं अन्नदाता निशाने पर हैं तो कहीं ​नीति नियंता। एक तरफ संसद में पराली की समस्या को …

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प्लास्टिक से डीजल बनाने का संयंत्र देहरादून में शुरू

उमाशंकर मिश्र पर्यावरण पर बढ़ते प्लास्टिक कचरे के बोझ का प्रबंधन मौजूदा दौर की प्रमुख चुनौती है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसका उपयोग प्लास्टिक कचरे से डीजल बनाने में किया जा सकेगा। प्लास्टिक अपशिष्ट से डीजल बनाने के लिए एक संयंत्र देहरादून में स्थापित किया गया है। इस संयंत्र की …

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सरकार सस्‍ती दर पर स्‍वच्‍छ और हरित ऊर्जा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रति मेगावाट 30,000 रुपये की दर से लिए जाने वाले अनिवार्य पट्टा किराये में छूट देने का फैसला किया है। एक समीक्षा बैठक में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिएप्रति मेगावाट 30,000 रुपये की दर से पट्टा …

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प्रधानमंत्री का गांधी जयंती से एक बार प्रयोग होने वाले प्लास्टिक के खिलाफ आंदोलन का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार प्रयोग होने वाले प्लास्टिक के खिलाफ दो अक्टूबर से एक ‘‘नया जन-आंदोलन’’ शुरू करने का रविवार को अपने मासिक संबोधन ‘मन की बात’ में आह्वान किया. मोदी ने कहा कि जब देश राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती मना रहा है, तब ऐसे में ‘‘ हम प्लास्टिक के खिलाफ एक नया …

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केवीके, पी जी कालेज गाजीपुर द्वारा चलाया गया वृक्षारोपण कार्यक्रम

पंचायत खबर टोली गाजीपुर:इन दिनों देश के लगभग हरेक ईलाके में वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के भी कई जिले इस कार्य में सक्रियता से भाग ले रहे हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए ‘वृक्षारोपण महाकुम्भ’ के अन्तर्गत ‘‘स्वतंत्रता दिवस’’ की 73वीं वर्षगाॅठ के अवसर पर स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिवार के संयुक्त …

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पक्षियों के लिए खतरा बन रही हैं पवन-चक्कियां

सुशीला श्रीनिवास पवन अक्षय ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत मानी जाती है। लेकिन, पवन-चक्की की टरबाइनें आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के जीवन के लिए खतरा बनकर उभर रही हैं। एक नए अध्ययन में पता चला है कि पवन-चक्कियों के ब्लेड से टकराने के कारण पक्षियों की मौत हो रही है। गुजरात के कच्छ में …

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