भालू की वजह से डरे-सहमे हैं चंबा के रिंगी व सिंगी पंचायत के ग्रामीण

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वर्षा वर्मा

चंबा: पहाड़ी राज्यों में वन्यजीवों का पाया जाना कोई नयी बात नहीं है लेकिन वही वन्यजीव यदि संरक्षित क्षेत्रों को छोड़कर उन ईलाकों में चले आयें जहां इंसानों की रिहायश हो तो निश्चित रूप से आम अवाम के लिए चिंता का विषय है और लोग खौफ के माहौल में जीते हैं। कुछ इसी तरह के डर के माहौल इन दिनों चंबा जिला व उसके आसपास रहने वाले लोगों को जीना पड़ रह रहा है। क्योंकि इस इलाके के अलग—अलग क्षेत्रों में जंगली भालू के देखे जाने से लोगों के अंदर खौफ का माहौल है। हाल ही में जंगली मादा भालू अपने दो शावको के साथ अक्सर रिहाशी इलाकों में दिख रही हैं। ​इसकी वजह से ग्रामीण इलाकों में दहशत बना हुआ है।

रिंगी व सिंगी पंचायत में भालू का खौफ
चंबा जिला मुख्यालय से सटे रिंडा वा सिंगी पंचायत में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों के दिल में इन दिनों मादा भालू और उसके साथ उसके दो बच्चों ने दहशत पैदा कर दी है। दरअसल यह मादा भालू अपने दोनो बच्चों के साथ गांव के रिहाइशी इलाकों के नीचे झाड़ियां में जमकर बैठी हुई है। इतना ही नहीं पूरे दिन में करीब दो या तीन बार वह बाहर नाले में पानी पीने के लिए भी निकलती है।


प्रभावित हो रहा है जन जीवन
इस जंगली मादा भालू की दहशत इतनी है कि इन पंचायत के निवासी अपने बच्चों को स्कूल तक छोड़ने नही जा पाते है। साथ ही गांव की महिलाएं उस क्षेत्र में घास काटने तक जंगल में नहीं जा रही है। महिलाओं का कहना है कि अक्सर यह माता भालू कहीं से भी निकल पड़ती है। कई महिलाओं का तो यहां तक कहना है कि दोपहर में मादा भालू कई मर्तबा इसी जंगल में देखा गया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि जब वह अपने जानवरों को घास लाने जंगल में गई हुई थी तो मादा भालू को देखा और जोर—जोर से चिल्लाने लगी। इसी बीच गांव के लोगों ने भी शोर मचाया तब जाकरमादा भालू वहा से भागी।

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मक्के की फसल हो रहा बर्बाद
न सिर्फ ग्रामीण बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी आजकल भालू के आतंक से दहशत में हैं। बच्चे व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जहां पर यह मादा भालू झाड़ियां में छिपी बैठी है वहां से आसपास के क्षेत्र के लोग घास काटने को नहीं जा सकते हैं। इतना ही नहीं यह मादा भालू मक्की की फसल को भी बर्बाद कर रही है। साथ में उनके बगीचे में अखरोट के पेड़ पर चढ़कर उन्हें भी नष्ट कर रही है।
उन्होंने कहा कि दिन को दो या तीन बार हो यहां से निकलती है। इसी दहशत में गांव लोग रह रहे हैं उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए साथ जाना पड़ता है और शाम को उन्हें वापस साथ ही लाना पड़ रहा है। रात के समय कोई भी घर से बाहर नहीं निकल पा रहा है।


वन विभाग को किया सूचित
मादा भालू से डरे हुए ग्रामीणों ने इस बाबत वन विभाग को सूचना दे दी है। हालांकि वन विभाग के कर्मी अभी तक इस इलाके में नहीं पहुंचे है। ग्रामीणों को इस बात का इंतजार है कि वन विभाग के लोग यहां आए और मादा भालू को बच्चों सहित पड़कर कहीं दूर जंगल में छोड़ा है ताकि वह चैन से यहां रह पाए।
वरिष्ठ अधिकारियों को दी सूचना
वहीं दूसरी ओर इस जंगली मादा भालू की शिकायत को लेकर ग्रामीण लोग उपायुक्त कार्यालये पहुंचे और अपनी फरियाद को डीसी के सामने रखा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है की बहुत जल्द इसका निवारण कर दिया जाएगा।

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