Air Pollution: देश कि राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक्यूआई 400 से अधिक हो गया है बढ़ता प्रदूषण लोगों की सेहत को खराब कर रहा है। वहीं प्रदूषण के कारण लोगों को अस्थमा,ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी जैसी बीमारियां हो रही है। इस खराब होती हवा में सबसे ज्यादा खतरा लंग्स कैंसर के मरीजों को है। इस बीमारी के दौरान मरीजों की हालत पॉल्यूशन में बिगड़ जाती है। प्रदूषण के कारण मौत का खतरा भी 30 फीसदी तक बढ़ जाता है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट की स्टडी बताती है कि वायु प्रदूषण लंग्स कैंसर के मरीजों में मृत्यु दर को 20—30% बढ़ा सकता है। कई देशों में कैंसर मरीजों और बढ़े हुए एक्यूआई पर हुई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है।

रिसर्च में बताया गया है कि प्रदूषण कैंसर की बीमारी को और भी बढ़ा देता है। ये कैंसर मरीजों के इम्यून सिस्टम पर भी असर करता है। इससे कैंसर मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। प्रदूषण में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 और पीएम 10 लंग्स कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। प्रदूषण में मौजूद ये छोटे-छोटे कण फेफड़ों में जाते हैं और लंग्स की क्षमता को और भी खराब करते हैं। लंग्स कैंसर के मरीजों के फेफड़े कैंसर के कारण पहले ही खराब रहते हैं। इस बीच अगर पॉल्यूशन बढ़ जाए तो ये कैंसर मरीजों की स्थिति को और भी बिगाड़ देता है। जिन इलाकों में कैंसर मरीज हैं और वहां एक्यूआई लंबे समय तक 400 से ज्यादा बना रहता है वहां कैंसर मरीजों की मौत की दर बढ़ जाती है।
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लंग्स कैंसर मरीजों के लिए प्रदूषण खतरनाक
प्रदूषण में मौजूद नाइट्रोजन डाइऑक्साइड फेफड़ों में सूजन करता है इससे लंग्स की क्षमता पर असर पड़ता है। लंग्स कैंसर मरीजों में सूजन की समस्या सामान्य मरीजों की तुलना में ज्यादा गंभीर होती है। ये उनकी बीमारी को और बढ़ा देती है इससे मौत तक का खतरा रहता है। और प्रदूषण के कारण फेफड़ों की सेल्स को नुकसान पहुंचाता है। फेफड़ों की सेल्स को हुआ नुकसान लंग्स कैंसर मरीजों के लंग्स को काफी खराब कर देता है इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी और यहां तक की सांस लेने में काफी परेशानी होने लगती है। इससे कैंसर मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। जो कैंसर के मरीज आखिरी स्टेज में हैं उनको बढ़ता प्रदूषण ज्यादा परेशान करता है और ये उनकी मौत का कारण बन सकता है।
लंग्स कैंसर के मरीज ऐसे करें बचाव
वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनें, घर में एयर प्यूरीफायर का यूज करें। और स्वस्थ आहार लें और अपनी दवाओं को समय पर लें।
