संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: शुक्रवार यानी 24 अप्रैल को प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पंचायती राज दिवस मनाया जाना है। इस दिन पर प्रत्येक वर्ष सामान्य परिस्थितियों में देश के उन पंचायतों को सम्मानित किया जिन्होनें लोकतंत्र की सबसे मौलिक इकाईं यानी पंचायत में बेहतर काम किया है। गांधी के ग्राम गणराज्य के सपनों को पंचायती राज संस्था के जरिए जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन जैसा कि सर्वविदित है कि कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉक डाउन है इसलिए सोशल डिस्टेंसिग रखने की बात कही गई है जिसके जरिए हम इस महामारी के फैलाव को रोक सकते है। इसी को ध्यान में रखकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कंफ्रेंसिग के जरिए देश के पंचायत प्रतिनिधियों से बात करेंगे। हालांकि पंचायती राज मंत्रालय द्वारा बेहतर काम करने वाले पंचायतों के लिए अवार्ड की घोषणा कर दी गई है। मंत्रालय द्वारा घोषित अवार्ड पाने वाले पंचायतों में बिहार की दो पंचायते शामिल हैं जिन्हें नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार और चाईल्ड फ्रेंडली पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन दोनों श्रेणियों में क्रमश: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड के मोतीपुर पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार देने की घोषणा हुई है, वहीं औरंगाबाद जिले के कुटुंबा पंचायत को चाईल्ड फ्रेंडली पंचायत पुरस्कार दिया जाएगा।

चर्चा करते हैं मोतीपुर पंचायत की
जैसे ही पंचायती राज मंत्रालय के वेबसाइट पर अवार्ड पाने वाले पंचायतों की सूची लगाई गई रोसड़ा प्रखंड के मोतीपुर पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी और उनके पति रंजीत साहनी को यह सूचना मिली कि उनके पंचायत का नाम नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार के लिए चुना गया है, उनके लिए माने कोरोना काल में ही दीवाली की सौगात आ गई हो। उल्लेखनीय है कि पंचायती राज मंत्रालय की ओर से पुरस्कार प्राप्त पंचायतों की सूची 21 अप्रैल को जारी किया गया है, जिसमें नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार के लिए बिहार की एकमात्र पंचायत रोसड़ा प्रखंड के मोतीपुर का नाम शामिल है।
क्या कहती हैं मुखिया प्रेमा देवी
इस बाबत जब पंचायत खबर ने मुखिया प्रेमा देवी और उनके पति रंजीत साहनी से बात किया तो उन्होंने बताया कि निश्चित तौर पर राष्ट्रीय तौर पर पंचायत को सम्मान मिलने से यह सुनिश्चित हुआ है कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनके द्वारा किया गया काम सही दिशा में हो रहा है। केवल पंचायत के निवासी ही नहीं बल्कि पूरे प्रखंड के लिए यह खुशी की खबर है। यह पूछे जाने पर कि आपको पुरस्कार मिलने की कितनी उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि उम्मीद इसलिए थी कि अबतक हमने पंचायत के विकास के लिए काफी काम किया है। उन्होंने इसका श्रेय मुखिया प्रेमा देवी को दिया जिनके नेतृत्व में सतत रूप से पंचायत में विकास गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके अबतक के कार्यकाल में पंचायत में विकास कार्य हुआ है, उससे अपेक्षित था कि पंचायत को किसी न किसी श्रेणी में अवार्ड मिलेगा।
वहीं मुखिया प्रेमा देवी से जब इस बाबत बात की गई तो उन्होंने कहा कि जैसे जीवन रूपी रथ में पति पत्नी एक दूसरे के पूरक होते हैं वैसे ही इस पंचायत के कार्यो कें संचालन में भी उनके पति हर कदम पर साथ देते रहे हैं। वे कहती है वर्ष 2016 में जब वह मुखिया बनीं तो उन्हें काफी भय लग रहा था कि कैसे वह अपने पंचायत का विकास करेंगी। लेकिन, पति रंजीत साहनी के सहयोग से उन्होंने पंचायत के हर वर्ग के लोगों का विकास किया है।
गांव में घर-घर नल-जल, बिजली, रसोई गैस सहित सभी सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि वह पंचायत के हर महिला के उत्थान एवं आत्मबल बढ़ाने को लेकर लगातार कार्य करतीं आ रहीं हैं। आगे भी इसी तरह का विकास कार्य करती रहेंगी। उनका एक ही लक्ष्य है कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ पंचायत के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने में कोई भी कसर छूटे।

लॉक डाउन का किया जा रहा है सक्रियता से पालन
कोरोना महामारी में जिस तरह से राज्य सरकार ने पंचायतों के उपर क्चारंटिन सेंटर बनाने और लॉक डाउन, साफ—सफाई के जरिए इस महामारी को न फैलने देने की महत्ती जिम्मेवारी पंचायत पर डाली है मुखिया प्रेमा देवी और उनके पति रंजीत सहनी अन्य पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों के साथ मिलकर दिन रात एक किये हुए हैं ताकि उनका पंचायत राज्य का सिरमौर बन सके और इस बीमारी के फैलाव को रोक सके। यही कारण है कि 26.03.20 को ग्राम पंचायत राज मोतीपुर रोसरा समस्तीपुर के पंचायत सरकार भवन सभा कक्ष में मुखिया प्रेमा देवी की अध्यक्षता में पंचायत स्तरीय कर्मी एवं जनप्रतिनिधि का कोरोना वायरस संक्रमण की रोक-थाम हेतु लाउकडाउन की समीक्षा बैठक की और तय किया कि लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को निवेदन किया जाय कि सभी घरों में रहे और अपने आस पास सफाई रखेगे, बाहर (परदेश) से आने वाले लोगों की निरंतर निगरानी रखेगे, इत्यादि ।
इस दौरान उन्होंने खुद ही ग्राम पंचायत राज मोतीपुर के सभी गांव में घूमकर न सिर्फ लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की रोक-थाम हेतु बचाव के बारे में जागरूक किया बल्कि ग्रामीणों को मास्क, हैंडवास साबुन, और कोरोना वायरस से बचाव के उपाय से जुड़े पर्चे भी बांटे। इस दौरान मोतीपुर के पंचायत सरकार भवन में कोरोना वायरस से बचाव हेतु आईसोलेशन केन्द्र बनाया गया है, जहां परदेश से आये पन्द्रह प्रवासियों को भोजन, रहने, पेयजल, शौचालय, बिजली, सेनेटाइजर,मास्क, एवं साबुन इत्यादि की वयवस्था की। खुशी की बात ये है क्वारंटाइन में रह रहे परदेश से अपने गांव लौटे सभी 17 प्रवासी चौदह दिनों अवधि पूरी कर सकुशल अपने घर लौट चुके हैं। जाते समय माननीय डॉ साहब- बिस्नू भगत और मुखिया पति रंजीत सहनी के द्वारा प्रमाण पत्र तथा गुलाब का फूल देकर बेहतर भविष्य की शुभकामनायें दी गई।
उल्लेखनीय है कि औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा पंचायत को बिहार के एकमात्र चाईल्ड फ्रेंडली पंचायत पुरस्कार होने का गौरव हासिल हुआ है।


