संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: शाषण की सबसे निचली इकाई यानी ग्राम पंचायत जब मजबूत होती है तो लोकतंत्र मजबूत होता है। तीसरी सरकार मजबूत होती है, गांव मजबूत होता है। वैसे भी कोरोना महामारी काल में जब लोग गांव लौटने लगे हैं तो गांव में रौनक है, भले ही सोशल डिस्टेंशिंग के कारण सरकारी कामकाज ठप हो। लेकिन इस बीच झारखंड के कपिलो पंचायत के लोगों को खुश होने का मौका एक बार फिर से आया है, वहां कोई डिस्टेंस नहीं है। हो भी क्यों न इस पंचायत को पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों में स्थान मिला है। सफलता भी ऐसी जो पूरे प्रदेश में किसी एक गांव को, पंचायत को नसीब हो।
जी हां, झारखंड के गिरिडीह जिले के एकमात्र कपिलो पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा अवार्ड के लिए चयन होने की खबर जैसे हीं कपिलो पंचायत के मुखिया को मिली तो कोरोना के भयावहता के बीच भी मुखिया इन्दु देवी और उनके पति मुकेश यादव के खुशी का ठिकाना न रहा। वे पूरे पंचायत के साथ अपनी खुशियां साझा निकल गये हालाकि जिम्मेवार जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने पूरी तरह से सोशल डिस्टेंशिंग का पालन किया और औरों को भी इस बाबत सचेत करते दिखे।
जब इस बाबत पंचायत खबर ने मुखिया इन्दु देवी और पति मुकेश यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि काम को सम्मान मिले तो आगे अच्छा काम करने का हौसला बना रहता है। इस पुरस्कार ने उनके काम की महत्ता को प्रदर्शित किया है। हालाकि उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत छोटी जगह होती है और इसकी सफलता में पूरे गांववासियों का योगदान होता हैै। वैसे तो कपिलो पंचायत को पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं वर्ष 2017-2018 के तहत पिछला वर्ष भी राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड पंडित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इतना ही नहीं कपिलो पंचायत के मुखिया इन्दु देवी को उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन के द्वारा कई बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। बड़ी बात ये है कि कपिलो पंचायत के उत्कृष्ट कार्य को देखने के लिए कई बार देश विदेश से अधिकारियों व प्रतिनिधिमंडल कपिलो पंचायत क्षेत्र भ्रमण के लिए आता रहा है। इस दौरान मुखिया के द्वारा बेहतर काम का अक्सर पदाधिकारियों द्वारा सराहना की गई और उन्हें प्रोत्साहित किया गया।
इन शब्दों में व्यक्त की खुशी
इस बाबत जब मुखिया इन्दु देवी से पूछे जाने पर उन्होने कहा कि हमें पहले से ही उम्मीद थी कि हमारे मेहनत और ईमानदारी पूर्वक काम को जरूर पहचान मिलेगा। लेकिन जिस कैटेगरी में पंचायत को सम्मानित किया गया है वह निश्चित रूप से पंचायत के लिए गौरव की बात है, क्योंकि न लोकसभा, न विधानसभा, सबसे बड़ा ग्राम सभा और आज एसे में हमारे पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार प्राप्त करना निश्चित तौर पर बहुत हीं खुशी की बात है। पिछला वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय अवार्ड के लिए चयन होना हमारे लिए एतिहासिक व गौरवान्वित भरा पल है, यह सुनहरा पल हमारे पंचायत के लिए इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है इसलिए आज मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि जनता जनार्दन ने जिस उम्मीद से हमें चुना था उनके उम्मीदों पर खरा उतरकर उनका विश्वास जीत ली हूँ। यह वे कहते हैं कि आज फिर से एक बार कपिलो पंचायत की जीत हुई है, ग्राम वासियों की जीत हुई है, युवा साथियों और सभी वार्ड सदस्यों की जीत हुई है, आप सबों के अपनापन , प्यार, आशीर्वाद, स्नेह और सहयोग की जीत हुई है, SHG बहनों की जीत हुई है, आज सभी अपनों की जीत हुई है, आज फिर से एक बार कपिलो पंचायत का राष्ट्रीय स्तर नंबर 1 बना है, सभी के सहयोग से से पूरे राज्य में कपिलो पंचायत का डंका बजा है जिसमें हमारे सभी स्वास्थ्यकर्मियों, पंचायतकर्मी, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखण्ड से लेकर जिले तक सभी पदाधिकारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा है उन्हीं के बदौलत इस बार के नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा नेशनल अवार्ड के लिए कपिलो पंचायत का चयन हुआ है। और यह चयन का लिस्ट गूगल पर अपलोड कर दिया गया है जो वर्षों तक हमें याद दिलाता रहेगा। यह अवार्ड 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस पर कार्यक्रम आयोजन कर सम्मानित किया जाना था लेकिन कोरोना के प्रकोप को देखते हुए कार्यक्रम नहीं हो पा रहा है।
हर कदम पर ढ़ाल बन कर खड़े रहे पति मुकेश यादव
मुखिया इन्दु देवी बताती हैं कि वैसे तो सफलता के सब साथी होते हैं और विफलता का कोई नामलेवा नहीं होता। बावजूद इसके इस मौके पर मैं अपने पति मुकेश यादव की मेहनत को जरूर याद करना चाहूंगी जिन्होनें हमें काफी सहयोग किया और और बुरे समय में भी धैर्य पूर्वक पूरी कर्मठता से काम करने के लिए प्रेरित करते रहे जिससे मेरा मनोबल बढ़ता रहा और सही मायने में आज हमारे लिए यह पल न सिर्फ एतिहासिक है बल्कि अपनी सफलता को चुनौती के बावजूद बनाये रखने का पल भी है। उन्होंने कहा कि मैं यह राष्ट्रीय अवार्ड पूरे पंचायत वासियों को समर्पित करती हूँ। यह सम्मान मिलने से सभी वार्ड सदस्यों के साथ साथ ग्रामीणों में काफी हर्ष व उत्साह जैसा महौल है। शुभ चिन्तक फूले नहीं समा रहे हैं। भविष्य में आगे भी मौका मिला तो इससे भी बेहतर काम करके दिखाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूँ।
इन्दु देवी ने बताया कि पुरस्कार की सूचना मिलने के बाद प्रखंड से लेकर जिला प्रशासन के द्वारा बधाई देने का तांता लग गया है वहीं कोडरमा सांसद अन्नापूर्णा देवी और बगोदर के पूर्व व वर्त्तमान विधायक ने भी बधाई देते हुए पंचायत के विकास गतिविधियों की सराहना की है और आगे हर संभव योगदान देने की बात कही है।

कोरोना वारियर्स की भूमिका में दिखीं इन्दु देवी
राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड से सम्मानित कपिलो पंचायत के लोकप्रिय मुखिया इन्दु देवी के द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए खुद से श्रम दान कर पंचायत वासियों के हित के लिए मास्क बनाया,मास्क और सैनिटाइजर का वितरण पूरे पंचायत में करने के साथ ही कोशिश किया कि यथासंभव हर प्रकार की मदद पंचायत वासियों को किया जाए। इसके लिए कपिलो पंचायत भवन में आइसोलेशन वार्ड (कोरनटाईन कमरा) तैयार तो कराया ही साथ ही सभी लोगों से अपील किया कि कोरोना से बचने के लिए कृप्या आप सभी घर पर रहें, बेवजह घर से बाहर कोई नहीं निकलें। सभी समाजसेवी से आग्रह है कि एक दूसरे को मदद व प्रेरित करें।
लोगों ने बताया कि कपिलो मुखिया इन्दु देवी सामाजिक न्याय की पक्षधर रही हैं। कोरोना संकट में भी उनका यह रूप देखने को मिला। उन्होंने खुद श्रमदान कर अपना निजी खर्च से बनाया हुवा मास्क सर्वप्रथम ग्राम कपिलो के हरिजन टोला में जाकर प्राथमिकता के आधार पर गरीबों के बीच वितरण किया। साथ ही साथ मास्क वितरण करने से पहले सभी ग्रामीणों को सेनेटाईजर से हाथ साफ करवाया गया और कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार के आदेश व लॉकडाउन को पालन करने का आग्रह किया गया एवं सभी लोगों को घर पर ही रहने का अपील किया गया। इतना ही नहीं उनके पति मुकेश यादव भी इस दौरान सक्रिय दिखे। ग्राम चानो में घर—घर जाकर कपिलो पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मुकेश यादव के द्वारा हर जाकर लोगों को सेनेटाईजर से हाथ सेनेटाईज किया गया और सभी को मास्क वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि कपिलो पंचायत के मुखिया ने ग्राम चानों को गोद लिया हैं और ऐसे विकट परिस्थितियों में ग्राम चानों के हर घर जाकर सभी ग्रामीणों को कोरोना से बचने के लिए प्रत्येक घर के ग्रामीणों को मास्क उपलब्ध कराकर अपनी भूमिका निभाई।

यूं आगे बढ़ा इन्दु देवी का सफर
कपिलो पंचायत के ग्रामीणों से जब इन्दु देवी की मुखिया के रूप में कामकाज की बाबत पूछा तो ग्रामीण दालगोविंद साव,जगदीश साव,दशरथ यादव,अर्जुन मोदी एवं देवेंद्र दास कहा कि पंचायत चुनाव जीतने के बाद एक साधारण परिवार की महिला, एक किसान की बहु, एक गरीब किसान बेटी इस कदर मेहनत करते नजर आयी कि अगल—बगल के लोग भी सराहना करते नहीं थकते। वे कहते हैं कि मुखिया इन्दु देवी पिछले चार वर्षों के कार्यकाल में घर परिवार के काम काज को संभालते हुए सामाजिक कार्यो में बहुत ही रुचि रखती हैं मानों वो हमारे परिवार की सदस्य हैं और पूरा गांव उनका परिवार है। वहीं ग्रामीण बुजुर्ग महिलायें क्रमश: रूक्मिणी देवी, भगिनिया देवी, कलावती देवी, तारा देवी कहती हैं कि किसी भी महिला के लिए गर्भधारण का पीरियड अहम होता है। इन्दु देवी खुद गर्भावस्था के अंतिम दिनों में भी ग्राम सभा की बैठक करते हुए एवं विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन करते हुए देखी गयी है। यहां तक की पिछले वर्ष भी दिल्ली में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त करने के लिए छः माह का अपना पुत्र साथ देखी गयी है। मुखिया पद की जिम्मेवारी संभालने के साथ ही वे अपना खेती का कार्य खुद से करती हैं। यह जुझारू महिला मुखिया लोगों से एक आम। आदमी और अपना घर परिवार के जैसा मिलजुल ग्रामीणों के हर दुःख सुख में साथ रहते हुए नजर आती है। यही कारण है कि न सिर्फ अपने पंचायत में बल्कि प्रदेश के अन्य पंचायत के प्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी हुई है। तभी इनके बेहतर कार्यों की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है।
आम तौर पर लोग सुविधाओं का भाव, कमजोर व भ्रष्ट तंत्र का हवाला देते हुए समस्याओं के मकड़जाल में उलझकर रह जाते हैं, लेकिन गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के कपिलो पंचायत के एक साधारण परिवार से 28 वर्षीय नारी शक्ति ने अपने सकारात्मक सोच, योजनाबद्ध कार्यशैली व अथक प्रयास से कपिलो पंचायत के मुखिया इन्दु देवी ने अपने पंचायत की तक़दीर ही बदल दी। यही कारण है कि इस सराहनीय कार्य के लिए भारत सरकार ने इन्दु देवी को राष्ट्रीय अवार्ड देने के लिए दुबारा चयन किया है। यह पूछे जाने पर कि आखिर कौन सी ऐसी गतिविधियां या विशेष कार्य से पंचायत ने किया है जिसकी वजह से पंचायत को यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। मुखिया इन्दु देवी और उनके पति मुकेश यादव ने कहा कि ये बात तो आप गांव के लोगों से पूछ सकते हैं। जहां तक काम का सवाल है आप पायेंगे और लोग भी यह बात कहते हैं कि पूरे पंचायत का तस्वी बदल गई है। एक वो भी समय था जब गांव मे आने जाने की दिक्कत थी। पक्के सड़क का निर्माण हुआ। सामुदायिक जगहों पर शौचालय और चबुतरा का निर्माण। सभी स्कूलों में हैंडवाश यूनिट, आंगन वाडी केंद्र में मिनी हैंडवाश यूनिट बना। लेकिन किसी भी पंचायत को अवार्ड मिलने की इतना काम काफी नहीं होता बल्कि व्यापक पहल की जरूरत होती है। इस बाबत जब पंचायत के कामकाज का अवलोकन किया तो पाया कि हर स्तर पर कपिलो पंचायत का चहुमुखी विकास के लिए ये काम किया गया है।
— ग्राम सभा से पारित योजनाओं को कार्यकारिणी की मासिक बैठक में जनहित को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक के आधार पर चयन कर योजनाओं को शत प्रतिशत धरातल पर उतारा जाता है।
— पंचायत के अनुसूचित टोले में विकास कार्य को प्राथमिकता दी जाती है।
— सरकारी दिशा निर्देशानुसार हर महत्वाकांक्षी व जन कल्याणकारी योजनाओं को ग्राम पंचायत के धरातल पर बखुबी उतारा गया है।
— स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी गरीबों के घर में सुंदर व गुणवत्तापूर्ण शौचालय का निर्माण किया गया है और उसमें आकर्षक रंग रोंगन का विशेष कार्य किया गया है।
— पंचायत स्तर पर मिले सारे फंड का शत प्रतिशत उपयोग किया गया है।
— जनहित में दर्जनों पीसीसी रोड निर्माण, पेभर ब्लॉक पथ निर्माण, चबूतरा, शमशान शेड, छठ घाट, सौर ऊर्जा संचालित जल मीनार, पुलिया, नाली निर्माण, चापाकल निर्माण, सोखता टंकी, नाड़ेफ टैंक, आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं आकर्षक रंग रोंगन, पंचायत भवन का सुंदर साज सज्जा, कलस्टर केन्द्र में समुदायिक शौचालय निर्माण इत्यादि।
— जल स्तर पर बढाने के लिए दर्जनों तालाब, डोभा, कुँवा, टीसीबी, सोख्ता गडढा निर्माण किया गया है।
— बच्चों एवं धात्री महिलाओं का शत प्रतिशत टीकाकरण किया जाता है।
— गर्भवती महिलाओं का सौ फीसदी टीकाकरण ।
— स्कूली बच्चों का शत प्रतिशत उपस्थिति, नो ड्रॉप आउट।
— सीएसी केन्द्र एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों की क्रियाशीलता, शौचालय की शत प्रतिशत उपयोगिता ।
— स्कूलों में, आंगनबाड़ी केन्द्रों में और पंचायत के हर घरों में शौचालय की व्यवस्था और स्वच्छता का बेहतर उपलब्ध संसाधन।
— ग्राम स्तर पर ग्रामसभा का आयोजन एवं ग्रामीणों की बेहतर उपस्थिति और बेहतर प्रस्ताव।
— स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक एवं उनकी नियमित उपस्थिति।
— पंचायत स्तर पर निगरानी समिति, स्थायी समिति, ग्राम जल स्वच्छता समिति के द्वारा बेहतर कार्य किया जाता रहा है और सभी के सहयोग से जनहित में कार्य करने का निर्णय लिया जाता है।

इन सारे बिंदुओं पर जिला, राज्य,व केन्द्र, तीनों स्तर पर जांच के उपरांत कपिलो पंचायत को राष्ट्रीय अवार्ड देने की घोषणा हुई है। उल्लेखनीय है कि लगातार दूसरा बार कपिलो पंचायत का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार 2020 के लिए किया गया है । इस वर्ष पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा देश के 25 राज्यों के एक – एक पंचायत को और केंद्र शासित प्रदेशों के एक – एक पंचायत को भी सम्मानित किया गया है। कपिलो पंचायत के साथ ही इस वर्ष झारखंड का बुंडू वह पंचायत है जिसे इस वर्ष झारखंड के बोकारो जिले बुंडू पंचायत के मुखिया अजय कुमार सिंह के खुशी का ठिकाना न रहा। हो भी क्यों न इस वर्ष भी उनके देखरेख में काम करने वाले बोकारो जिले के पेटेरावार प्रखंड का बुंडू पंचायत राज्य का एक मात्र पंचायत है जिसे बाल हितैषी पंचायत का राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वैसे तो बुंडू की तरह ही कपिलो पंचायत को पहले भी कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं जिसमें वर्ष 2017 में पंडित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।


