तारीख पे तारीख…तारीख पे तारीख…समाधान तक पहुंचने के लिए एक और तारीख..4 जनवरी

संतोष कुमार सिंह

संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: तारीख पे तारीख—तारीख पे तारीख…अब अगली तारीख 4 जनवरी..। यानी सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के सातवें दौर की बातचीत में हुई साढ़े पांच घंटे की बातचीत में लंच विराम हुआ और जब मंत्री लंगर खाते, किसान नेताओं के साथ सेल्फी खिंचाते दिखे तो संदेश ये गया कि सब कुछ ठीक ठाक है। लेकिन जब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर सामने आये तो मंत्री जी के चेहरे पर तनाव गायब था।


बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मीडिया से मुखातिब हुए तो उन्होंने कहा, “आज की बैठक पहले की तरह अच्छे वातावरण में हुई। किसान नेताओं ने 4 मुद्दे चर्चा के लिए रखे थे, उनमें 2 विषयों पर आपसी रजामंदी सरकार और यूनियन के बीच बन गई है।” तोमर ने कहा- किसानों की मांग में पहली पर्यावरण से संबंधित ऑर्डिनेंस में किसान और पराली से संबंधित हैं। उन्हें चिंता थी कि किसान को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए। सरकार और किसानों में इस मुद्दे पर रजामंदी हुई है। दूसरा- इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, जो अभी आया नहीं है। उन्हें लगता है कि किसानों को इससे नुकसान होगा। किसानों को सिंचाई के लिए जो सब्सिडी दी जाती है, वैसी ही चलनी चाहिए। इस मांग पर भी दोनों के बीच रजामंदी बन गई है।

एमएसपी को कानूनी दर्जे पर फिलहाल सहमति नहीं
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा​ कि तीन कानूनों को वापस लेने की बात यूनियन के प्रतिनिधि करते रहे। हमने अपने तर्कों से उन्हें यह बताने की कोशिश की कि किसान की कठिनाई कहां है, जहां कठिनाई है, वहां सरकार खुले मन से विचार को तैयार है। एमएसपी के विषय में भी सरकार पहले से भी कहती रही है कि ये पहले से है और जारी रहेगी। उन्हें ऐसा लगता है कि एमएसपी को कानूनी दर्जा मिलना चाहिए। कानून और एमएसपी पर चर्चा जारी है। हम 4 तारीख को 2 बजे फिर से इकट्ठा होंगे और इन विषयों पर चर्चा को आगे बढ़ाएंगे। आंदोलन खत्म करने के सवाल पर नरेंद्र तोमर ने कहा कि , ”सर्दी का मौसम है, इसलिए किसानों को बुजुर्गों और बच्चों को घर जाने के लिए कहना चाहिए। यह भी किसान संगठनों से मैंने कहा है।”
किसान संगठनों के नेता राकेश टिकैत ने भी कृषि मंत्री के बात को दुहराया और कहा कि आंदोलन चलता रहेगा। हालांकि आज की बातचीत सकारात्मक हुई है और हमने जो कल ट्रैक्टर और ट्राली मार्च करने का आह्वाण किया था उसे वापस ले लिया है।


4 जनवरी को फिर होगी बैठक
अब 4 जनवरी को केंद्र और किसानों के बीच बातचीत होगी। हालांकि, लंच के दौरान तब बात बनने के आसार दिखे थे, जब किसानों के साथ मंत्रियों ने खाना खाया था। किसान दाल-रोटी तो अपनी ही लाए थे, पर इस बार लंच में उनके साथ कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। इस दौरान किसान नेता मंत्रियों के साथ सेल्फी लेते भी दिखे।

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