
नयी दिल्ली: भारत में शायद ही ऐसा कोई घर होगा जहां ब्लैक पेपर यानी काली मिर्च का इस्तेमाल ना होता हो। तभी तो काली मिर्च को मसालों की रानी कहते हैं। यहां तक की आजादी के पहले भी भारत काली मिर्च का प्रमुख उत्पादक रहा है और हमारे देश से काली मिर्च विदेशों में निर्यात किया जाता रहा है।
काली मिर्च की विश्व बाजार में बढ़ती मांग के कारण इसकी खेती मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। किसान इसकी खेती करके अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। भारत में प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपए की कालीमिर्च का निर्यात विदेशों को किया जाता है। इसे देखते हुए इसकी खेती किसी भी प्रकार से घाटा नहीं है।
भारत में अधिकांशत काली मिर्च की खेती दक्षिणी भारत में की जाती है। कई राज्य में किसान इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। यदि इसकी जैविक तरीके से खेती की जाए तो काफी अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है।
काली मिर्च की खेती के लिए बारिश के साथ-साथ नमी बहुत ज़रूरी है। 20 डिग्री के आसपास का तापमान काली मिर्च की खेती के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
कैसा होता है काली मिर्च का पौधा
काली मिर्च के पौधे की पत्तियां आयताकार होती है। इसकी पत्तियों की लम्बाई 12 से 18 सेंटीमीटर की होती है और 5 से 10 सेंटीमीटर की चौड़ाई होती है। इसकी जड़ उथली हुई होती हैं। इसके पौधे की जड़ दो मीटर की गहराई में होती है। ये झाड़ के रूप में विकसीत होता है।
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काली मिर्च की बुवाई और भूमि व जलवायु तापमान
काली मिर्च की खेती के लिए लाल लेटेराइट मिट्टी और लाल मिट्टी उत्तम मानी जाती है। जिस भूमि में काली मिर्च की खेती की जाती है उस खेत की मिट्टी में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए। भूमि का पी. एच. मान 5 से 6 के बीच होना चाहिए। इसके लिए हल्की ठंड वाली जलवायु उत्तम होती है। इसके लिए न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस होना आवश्यक है। इससे नीचे के तापमान में इसका पौधा बढ़ोतरी नहीं कर पाता है।
कब होती है सिंचाई
इसकी खेती वर्षा पर आधारित है। बारिश नहीं होने की अवस्था में इसकी हल्की सिंचाई करनी चाहिए व आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहना चाहिए। इसके रोपण के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करनी चाहिए। उसके बाद आवश्यकतानुसार सिंचाई की जा सकती है।
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कहा होती है पैदावार और कितनी होगी कमाई
काली मिर्च की एक झाड़ से लगभग दस हजार रुपए की आमदनी कर सकते है और इसकी खेती में किसानों को ज्यादा मेहनत करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। गत वर्ष में घरेलू बाजार में काली मिर्च के दाम 400 रुपए प्रति-किलोग्राम के आसपास था। अब यह बाजार में 420 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है। हम यदि काली मिर्च के 400 झाड़ लगाते हैं तो हमें सालाना 40 से 50 लाख रुपए तक की कमाई हो सकती है। भारत में काली मिर्च के उत्पादन का 98 प्रतिशत हिस्सा अकेले केरल और कर्नाटक में होता है। इसके बाद तमिलनाडु,महाराष्ट्र के कोंकण के साथ ही नॅार्थ ईस्ट के राज्यों में भी इनकी खेती की जाती है।

