अक्षत सरोत्री
तिरूवनंतपुरम: केरल में बाढ़ से काफी तबाही हुई है। इस तबाही से शायद किसानों का जितना नुकसान हुआ है उतना शायद ही किसी का हुआ हो। इस पर केरल सरकार भी सख्त रवैया अपनाये हुए है। वायनाड हादसे ने तो देश को झकझोर दिया।
बारिश और बाढ़ के चलते केरल राज्य में कई हजार हेक्टेयर में खड़ी धान समेत अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों को राज्य सरकार मुआवजे के रूप में राहत दे रही है। अब किसानों के बकाया कर्ज को माफ करने के लिए सरकार ने बैंकों से अपील की है।
केरल सरकार ने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों और बचे लोगों के खातों से कर्ज की मासिक किस्तें काटने पर सोमवार को कड़ी नाराजगी जताई और मांग की कि इन कर्ज को पूरी तरह माफ कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम में बैकों के कार्यक्रम में कहा कि कर्ज माफ करने से बैंकों पर कोई असहनीय बोझ नहीं पड़ेगा, इसलिए इसे पूरी तरह माफ कर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ब्याज राशि में छूट या मासिक किस्तें जमा करने के लिए समय बढ़ाने से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में कोई समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कर्ज लिया था, उनमें से कई की मृत्यु हो चुकी है और आपदा के कारण उनकी जमीन अनुपयोगी हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केवल इतना कर सकते हैं कि इन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की बकाया कर्ज राशि को माफ कर दें।
