irrigation

प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण गांव तिलईबेलवा…कुआं, तालाब, पोखर का जल आॅडिट

आर्यावर्ती सरोज “आर्या” भारत वर्ष में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का तिलईबेलवा गांव का ग्रामीण आंचल अपनी प्राकृतिक संपदा व सौंदर्य से परिपूर्ण व समृद्ध है। यह ग्रामीण अंचल अपनी प्राकृतिक और मनोहारी दृश्य से बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखती है। जिले से अधिकतम निकटतम होने पर भी अपने परंपरागत …

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अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है गांव का कुआं

गौतम पांडे,युवा पत्रकार अब दाल पकाने के लिए नही होती है विशेष कुओं की पानी की खोज कुएं का ठंडा पानी पीपल की छांव रे रुक जाओ परदेसी आज मोरे गांव रे भोजपुरी की स्टार गायिका देवी का ये गीत एक समय लोगों के जुबान से नही उतरता था, अब ना तो देवी के भोजपुरी …

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छप …छप . .. छप …..चूं चर मर ..क्यों विलुप्त हो रहे हैं गांव के परंपरागत कुएं

गांव के परंपरागत कुएं पर ढेंकुल चलाने का दृश्य आंखों के सामने आज भी चमक उठता है। बल के एक झटके  से युवक  बरहा  को खींचकर कूंड़ को कुंवे के जल में डुबोते थे। फिर एक झटके के साथ उसे ऊपर लाते थे और कुएं की जगत पर रखे पुआल के लादी पर कूंड़ को …

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गांव के सामाजिक ताने-बाने में रसूख का संकेत भी देते थे परंपरागत कुंवे

यदि गांव अपना एक विश्व है जिसमें सदियों की सभ्यता और सांस्कृतिक विकास का समुच्चय संचित हुआ दिखता है तो परंपरागत कुंवे के आसपास का सामाजिक आर्थिक ताना-बाना लघु विश्व। इस लघु विश्व में  हर व्यक्ति का अपना अलग अनुभव संचित है। प्रस्तुत है मेरे गांव के कुंओं की कहानी और उससे जुड़ा सामाजिक, वैयक्तिक …

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डेढ़ दर्जन से अधिक कुओं वाले मेरे गांव में अब गिनती के दो-चार कुएं

  डा. दीपक कुमार बहुत दिन नहीं बीते होंगे। चार दशक पहले तक पेयजल और सिंचाई के स्रोत गांव में कुएं ही होते थे। ज्यादातर गांवों के पनघट का केंद्र कुएं ही थे। बाल्टी-डोरी लेकर लोग सुबह-शाम जाते, नहाने-धोने के काम करते और लौटते वक्त एक हाथ में लपेट कर रस्सी और बाल्टी भर पानी …

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गांव में ही मिल रहा है रोजगार, जल-जीवन-हरियाली योजना बन रहा है जीविका का आधार

मंगरूआ पटना: लॉकडाउन के कारण जिस तरह से प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे हैं वैसे में बाहर से अपने गांव लौटे ग्रामीणों को लेकर एक तरफ गांव वालों के मन में इनके संक्रमित होने को लेकर आशंका के बादल तो हैं, वहीं इनके लौटने से गांव में चहल पहल है। कहीं क्वारंटिन सेंटर सजा हुआ …

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सब्जियों में सिंचाई

मनीष अग्रहरि लखनऊ: सब्जियों का 90 प्रतिशत या इससे अधिक भाग जल से बना होता हैै। एैसे में सब्जियाॅं जल के प्रति अतिसंवेदनशील होती है, ज्यादा सिंचाई और कम सिंचाई दोनो ही हालात सब्जियों पर भारी पड़ती है। जल पोषक तत्वों के लिए विलेय का काम करता है, जल के माध्यम से सारे पोषक तत्व …

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तैयारी खरीफ की..प्रकृति के भरोसे धान, व्यवस्था बेजान

90 हजार हेक्टेयर प्रक्षेत्र में होगी धान की फसल का लक्ष्य 334 नलकूप में 18 ठप, नाली-कुलाबा हैं ध्वस्त पंचायत खबर टोली  मऊ :खेती किसानी के क्षेत्र में प्रगती की बात बार—बार सरकारी महकमों द्वारा दुहराई जाती लेकिन जमीनी स्थिति यही है कि आज भी हमारा किसान मानसून पर निर्भर है। यदि मानसून बेहतर तो …

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किसान भाईयों को पसंद आ रही है बौछारी सिंचाई विधि

स्प्रिंकलर प्रणाली से पानी के बूंद-बूंद को होता है उपयोग खेती व गृह वाटिका तथा बागवानी के लिए वरदान जैसी पंचायत खबर टोली मउ :किसानों को खेती किसानी के लिए पानी की आवश्यकता होती है। किसान खेतों को पानी देने के लिए परेशान रहता है। जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है वहांं अधिक जल के …

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हर खेत को पानी मिले..योजना पर.. बजट में होगा जोर

 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर खेत को पानी’ को अंजाम तक पहुंचाने पर आम बजट में जोर होगा। लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के साथ कुछ नई परियोजनाओं की घोषणा हो सकती है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि उत्पादकता को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। आम बजट में …

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