dallirajhara: दल्लीराजहरा में 100 बिस्तर, लोहारा में 50 बिस्तर अस्पताल संचालित करने मंजूरी

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बालोद। जिला बनने के 11 साल बाद भी ( dallirajhara) दल्ली में शासकीय अस्पताल नहीं है। कोण्डे पावर हाउस में कोविड सेंटर को शहरी परिवार कल्याण केंद्र के रूप में संचालित किया जा रहा है। वहीं 8 करोड़ से ( dallirajhara दल्लीराजहरा में 18 किमी और 2.60 करोड़ से अर्जुन्दा से चैनगंज तक 4.60 किमी बायपास बनाने सहमति देकर बजट में शामिल किया गया है। राज्य सरकार का बजट पेश हुआ। बड़ी सौगात के रूप में दल्लीराजहरा में 100 बिस्तर, कुसुमकसा में 20 और डौंडी लोहारा में 50 बिस्तर अस्पताल संचालित करने मंजूरी दी गई है।

दोनों स्थान में काम पूरा होने से ( dallirajhara) दल्लीराजहरा, चिखलाकसा, अर्जुन्दा, गुंडरदेही नगर के अलावा 70 से ज्यादा गांव के लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा सड़क हादसे थमेंगे। लगातार हो रहे सड़क हादसे को रोकने के लिए क्षेत्रवासी लंबे समय से मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने की मांग कर रहे थे। हालांकि बायपास की चौड़ाई कितना मीटर चौड़ा रहेगा, इसको लेकर दोबारा सर्वे किया जाएगा। बालोद वासियों को आने-जाने में सहूलियत हो, मार्ग का डेवलपमेंट हो इसके लिए एक करोड़ से दल्ली चौक बालोद से पाररास तक मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

वहीं चिरचार में तटबंध, लिफ्ट एरिगेशन बनेगा। सिंचाई सुविधा को ध्यान में रखते हुए जलाशयों से पानी छोड़ने नहर, नाली, लिफ्ट एरिगेशन, लाइनिंग सहित अन्य काम को बजट में शामिल किया गया है। दल्ली-बालोद-दुर्ग रेल रूट में पाउवारा व रिसामा में ओवरब्रिज बनाने सहमति दी गई है। गर्मी में निस्तारी संकट को दूर करने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्र में जलाशय निर्माण कराने सहमति देकर बजट में शामिल किया गया है। सड़क, पुल, मुढ़िया, मुजगहन, मार्रीबंगला, जेवरतला, कोटगांव, दर्रा में मिनी स्टेडियम बनेगा।

जुंगेरा से घुमका तक सड़क नवीनीकरण, नर्मदाधाम प्रवेश द्वार से सुरसुली तक सड़क डामरीकरण, उमरादाह-निपानी, अर्जुन्दा-ओड़ारसंकरी, सनौद-डोटोपार-अरकार मार्ग का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण, खरखरा नदी में देवरी द के पास 900 मीटर लंबा पुल निर्माण, खर्रा में तांदुला नदी पर एक हजार मीटर दायरे में बाढ़ नियंत्रण कार्य होगा। पैरी, चिरचार में तटबंध, तांदुला नदी का प्रोटेक्शन कार्य पुराना रपटा से हीरापुर एनीकट तक, गुंडरदेही एनीकट के ऊपर बाढ़ नियंत्रण कार्य, गौरेया नाला में पर्यटन स्थल मंदिर के पास पिचिंग एवं पचरी निर्माण कार्य होगा। सांकरी-कमरौद के बीच 5 करोड़ रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल निर्माण को इस बजट में शामिल किया गया है। दो साल पहले भी इस प्रोजेक्ट को शामिल किया गया था, लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति ही नहीं मिल पाने से काम शुरू नहीं हो पाया। जबकि सेतु विभाग की ओर से स्थानीय स्तर पर सर्वे से लेकर विभागीय कार्यवाही पूरी कर ली गई थी। विभागीय अफसर राशि मिलने का इंतजार ही करते रह गए। इस बार 5 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है, यानी इतना खर्च होने का अनुमान है। जबकि पहले 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। इस लिहाज से खर्च में 50% कटौती की गई है।

इन वर्गों को लुभाने का प्रयास

किसानों के लिए- कोदो-कुटकी- रागी का समर्थन मूल्य घोषित होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत ग्रामीण के अलावा शहरी क्षेत्र के किसानों को चिन्हांकित कर लाभ दिलाया जाएगा। इसके लिए सर्वे होगा। युवा वर्ग- परिवार के मुखिया की वार्षिक ढाई लाख से कम होने पर 12वीं उत्तीर्ण 18 से 35 साल के युवाओं को 2500 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। शहरी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना कर कुटीर एवं लघु उद्योग के जरिए रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका- कार्यकर्ताओ का वेतन 6500 से बढ़ाकर 10 हजार, व सहायिका का 3250 से बढ़ाकर 5 हजार। मिनी आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता का वेतन 4500 से बढ़ाकर 7500 किया गया। वेतन, पेंशन सहित 6 सूत्रीय मांग को लेकर पिछले जनवरी माह से कार्यकर्ता व सहायिका हड़ताल पर थे।

स्कूल, स्वास्थ्य, राजस्व से जुड़े कर्मचारी- मितानिनों को 2200 रुपए प्रतिमाह। कोटवारों का मानदेय 1000 से 1500 रुपए तक बढ़ाया गया है। ग्राम पटेल को मासिक मानदेय 3 हजार,स्कूल में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों का मानदेय 2500 से बढ़ाकर 2800, रसोईयों का मानदेय 300 रुपए बढ़ाया गया है। गौठान- स्वालंबी गौठान संचालन समिति के अध्यक्ष को 750 एवं सदस्य को 500 रुपए मानदेय। पात्रता केवल अशासकीय सदस्यों को होगी। आर्थिक तंगी दूर करने- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 25 हजार के बजाय अब 50 हजार रुपए सहायता राशि मिलेगी।

इधर नेवारीकला में तांदुला नदी पर बनेगा पुल

नेवारीकला-ओरमा तांदुला नदी में 3 करोड़ से उच्च स्तरीय पुल निर्माण कराने की मंजूरी देकर शासन ने इस प्रोजेक्ट को बजट में शामिल कर लिया है। जिसका इंतजार क्षेत्रवासी कर रहे थे। पुल बनने से नेवारीकला के अलावा खरथुली, ओरमा, मेड़की के ग्रामीणों को सहूलियत होगी। लाटाबोड़, दुर्ग मार्ग में पहुंचने लोग नेवारीकला शार्टकट मार्ग का उपयोग करते है। नेवारीकला सहित आसपास गांव के स्कूली बच्चे ओरमा, मेड़की होते हुए बालोद में संचालित स्कूलों व लोग काम के सिलसिले में पहुंचते है। नदी में पानी होने से 6 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ता है।

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