Bihar Development

परायी बिटिया को सारा प्यार उड़ेल देना चाहते हैं ग्रामवासी

मेरी जन्मस्थली और पैतृक गांव अंजनी पटना के धनरुआ प्रखंड के पतरघट पंचायत में है। यह गांव पटना मुख्यालय से 30 किलो मीटर की दूरी पर पटना गया लाइन पटना के दक्षिण पूर्व दिशा में बसा हुआ छोटा सा गांव है। यदि गांव के रकबे को देखें तो मात्र 300 एकड़ का सुंदर सा गांव …

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श्रमिकों की मदद के साथ बिहार के नवनिर्माण के लिए सार्थक पहल कर रहे हैं प्रवासी बिहारी

मंगरूआ नयी दिल्ली: कोरोना महामारी के इस दौर में एक तरफ जहां देश के अन्य राज्यों से प्रवासी बिहारियों का तमाम तरह की दु​श्वारियां उठाते हुए बिहार लौटने का सिलसिला जारी है, और इस क्रम में जिस तरह की तस्वीरें मीडिया,सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए आ रही हैं वो निश्चित रूप से बिहार …

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चलते चलते इतना थक गया हूं अब चला नहीं जाता

मनोज कुमार भभुआ: पहले गरीबी और बेकारी ने परदेस जाकर रोजी रोटी कमाने को मजबूर किया और अब कोरोना ने एक बार फिर कदम गांव घर की ओर मोड़ने को विवश कर दिया दिल्ली फरीदाबाद नोएडा गुडगाँव सूरत, और बेंगलूर से पैदल और साइकिल के जरिए काफी तादात में प्रवासी मजदूर पहुंचें और सडक पर …

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मजदूरों की महावापसी…लिखी जा सकती है पिछड़े इलाकों में समृद्धि की पटकथा

प्रो डॉ पवन कुमार सिंह रोजगार मूलक संसाधनों की कमी और अत्यधिक जनसंख्या-घनत्व के कारण अविभाजित बिहार और उत्तर प्रदेश, खासकर भोजपुरी भाषी क्षेत्र से प्रवास पर निकलकर कमाने के लिए परदेस जाने की परम्परा काफी पुरानी है। चाहे गिरमिटिया मजदूर के रूप में जाकर मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी या त्रिनिदाद को आबाद करना हो अथवा …

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आंखों में विकास का ख्वाब

मनोज कुमार, युवा पत्रकार मेरा गांव भी भारत के लाखों गांवों जैसा ही है। लगभग तीन सौ घरों की इस छोटी-सी बस्ती का नाम अवर्हिया है जो बिहार के कैमूर जिला अंतर्गत दुर्गावती प्रखंड में पड़ता हैं। इस गांव के बारे में एक पुरानी उक्ति है कि पांडे पूरा बांधे जूरा, दरौली पीसे पिसान, नार …

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…दूर रहकर भी कहां रहा कभी गांव से दूर

यह सिवान, रघुनाथपुर थाना का कौसड़ स्टेशन है मगर आज भी यहां से न कोई ट्रेन गुजरती है, न बस। आज भी यह गांव है। मेरा गांव। हालांकि सुना है कि सरयू ( घाघरा ) के किनारे गांव के दक्षिण में जो बांध है वह 20 फीट चौड़ी पक्की सड़क में तब्दील हो रही है। …

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…और बेनीपुरी स्मारक नहीं बचा सके हम

महन्त राजीव रंजन दास बागमती तटबंध के बाहर सरकार द्वारा बसाए गए नए बेनीपुर की धरती पर रामबृक्ष बेनीपुरी स्मारक भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचा तो दिल में एक अजीब-सी टीस उठी। कार्यक्रम बेनीपुरी जयंती के अवसर पर 20 दिसंबर 2018 को आयोजित हुआ था। इस अवसर पर बेनीपुरी जी की पुस्तक ‘जयप्रकाश की …

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बदलता गांव अभी और बदलेगा

सुरेंद्र किशोर मेरा गांव बदल रहा है, बल्कि बहुत कुछ बदल चुका है। बदलाव जारी है। अभी और भी बदलेगा। वैसे तो देश के अन्य गांव भी बदले हैं, पर मेरे गांव के बदलाव की गति थोड़ी तेज है। मुख्य कारण है कि मेरे गांव में एक बाजार उभर आया है। हालांकि गांव अभी ‘बाजारू’ …

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विकास के लिए केन्द्र सरकार का समुचित सहयोग आवश्यक:तेजश्वी यादव

चंदन कुमार नई दिल्ली, 30 दिसम्बर: विगत माह के चुनावी गहमागहमी और आरोप प्रत्यारोप को पीछे छोड़ अब बिहार सरकार के मंत्री केद्र के साथ समन्वय के जरिए बिहार के विकास की रफतार को तेज करने में जुट गए है। आज बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजश्वी यादव ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राज मार्ग मंत्री …

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