राफेल: गौरवान्वित हुआ विंग कमांडर मनीष सिंह का गांव,आसमान की ओर तकते रहे परिजन

आलोक रंजन

बलिया: बागी बलिया आज बल्लियों उछल रहा है। अपने लाल के करतब पर गौरवान्वित हो रहा है। मंगल पांडे का बलिया, चित्तु पांडे का बलिया, पूर्व प्रधानमंत्री और समाजवादी नेता चंद्रशेखर का बलिया, जनेश्वर मिश्र का बलिया। हजारी प्रसाद द्विवेदी का बलिया, केदार नाथ सिंह का बलिया।

जी हां खुश हो भी क्यों न। एक तरफ जब देश राफेल के इंतजार में आसमान की राह तक रहा था। उस वक्त बलिया जनपद के बांसडीह तहसील के छोटे से गांव बकवां के लाल मनीष सिंह बलिया के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जोड़ रहे थे। गांव की निगाहें आसमान की ओर थी। पूरा जिला अपने लाल उपलब्धि पर गर्व और खुशी से सराबोर हो रहा था या यूं कहें कोरोना के लॉक डाउन के बीच भी गांव शहर, आमा खास सब दीपावली मनाने के मूड में थे।


जी हां ये खुशी दुनिया के शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में शुमार राफेल विमान फ्रांस से भारत की सरजमीं पर लाने वाले 5 पायलटों के दस्ते में विंग कमांडर विंग कमांडर मनीष सिंह के शामिल होने की। मनीष सिंह के गांव में जश्न का माहौल है। बुधवार को गांव के युवाओं ने जमकर पटाखे फोड़कर आतिशबाजी की और अपने गांव के लाल की शानदार उपलब्धि पर जश्न मनाया । युवाओं व अन्य लोगों ने मनीष के घर पहुंचकर उनके माता-पिता को बधाई दी।


खुश है परिवार, खुश है गांव
38 वषींय मनीष सिंह के पिता सेवानिवृत सैनिक मदन सिंह व माता उमिंला देवी अपने पुत्र की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं और मनीष सिंह के पिता मदन सिंह व मां उर्मिला देवी बेटे की इस उपलब्धि पर गौरवान्वित है। बेटे की इस उपलब्धी पर पिता मदन सिंह ने कहा, यह मेरे लिए नहीं, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मां उमिंला देवी ने भगवान को याद करते हुए कहा कि मेरा बेटा पूरे देश का बेटा है। देश की सेवा व हिफाजत ही सवोंपरी है। यह गौरव परिवार, गांव व जनपद के साथ पूरे देश का हैं। मनीष के फ्रांस में ट्रेनिंग में जाने के बाद उनकी सलामती से लौटने की मिन्नत मांगने वाली उनकी मां की माने तो बेटे के राफेल लाए जाने की खबर ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। उन्‍होंने मन्नत मांगी थी कि अगर बेटा राफेल लेन वाले दाल में शामिल हो जाता है तो वह हवन कराएंगी। सीमा पर तनाव के समय थोड़ा डर तो लगता है, मगर उनके बेटे लिए परिवार से बड़ा देश भक्ति है। राफेल ला रहे मनीष सिंह की पत्नी कंप्यूटर इंजीनियर वृत्तिका सिंह इस समय अपने बेटे सात वर्षीय काविन सिंह के साथ लखनऊ में है। मनीष के छोटे भाई अनीश सिंह ने बताया कि भइया को छह माह के प्रशिक्षण के लिए फ्रांस भेजा गया था। लॉकडाउन होने से तीन महीने और वहां रूकना पड़ा।
गांव में खुशी का माहौल, युवा उत्साहित
गांव के युवा मनीष को अपना प्रेरणास्त्रोत बता रहे हैं। लड़ाकू विमान राफेल लेकर मनीष के स्वदेश लौटने की सूचना मिलने के बाद गांव के उत्साही युवकों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया। युवाओं ने मनीष को अपना प्रेरणास्त्रोत बताते हुए कहा कि हम सब भी फौजी बनकर देशसेवा में अपनी निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

भाई बहनों में सबसे बड़े हैं मनीष
फौजी मदन सिंह के पुत्र मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। फौजी परिवार से ताल्लुक रखने वाला मनीष में पिता, बाबा, भाई सभी रिटायर्ड फौजी है। गांव की गलियों से निकल कर विंग कमांडर तक पहुंचे मनीष की आरम्भिक शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकतन में हुई। छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी उच्च शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत रहे। सैनिक स्कूल कुंजपुरा हरियाणा से शिक्षा लेने के बाद वायुसेना में मनीष का चयन एनडीए के जरिये हुआ था।

वर्ष-2002 में इंडियन एयरफोर्स में हुए पायलट

मनीष वर्ष-2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट हुए। अंबाला व जामनगर के बाद दो वर्ष पूर्व सन् 2017–2018 में इनकी तैनाती गोरखपुर में थी। उस समय मनीष अपने गांव बकवां आए थे। फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल की डील के बाद मनीष को प्रशिक्षण के लिए सरकार ने फ्रांस भेजा। इनके साथ अन्य विंग कमांडर भी रहे। बलिया जिले के बकवा गांव का रहने वाला विंग कमांडर मनीष सिंह का पैतृक गांव हैं।

उल्लेखनीय है कि बांसडीह तहसील के छोटे से गांव बकवां के लाल मनीष सिंह का परिवार फौजी रहा है। इनके पिता मदन सिंह स्वयं थल सेना से अवकाश प्राप्त जवान हैं। विंग कमांडर मनीष सिंह देश के उन नामचीन पायलटों में शुमार हो गए हैं, जिन्होंने फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल को लेकर भारत के लिए उड़ान भरी और उसे सफलता पूर्वक अपने देश ले आए। यह भी उल्लेखनीय है कि फ्रांस से राफेल उड़ाकर लाने में उत्तर प्रदेश के एक और लाल विंग कमांडर का नाम अभिषेक त्रिपाठी भी शामिल हैं। अभिषेक हरदोई जनपद के संडीला कस्बे के मोहल्ला बरौनी के निवासी हैं। संडीला निवासी अनिल त्रिपाठी जयपुर में रहते हैं। अनिल त्रिपाठी के बेटे अभिषेक एयर फोर्स में विंग कमांडर हैं। ऐसे में अब फ्रांस से राफेल लाने वाले यूपी के दो लाल हो गये हैं।

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