होली का हुड़दंग में होना हो शामिल तो बरतें ये साव​धानियां..नहीं तो रंग हो सकता है फीका

शैल

नयी दिल्ली: होली का हुड़दंग किसे नही भाता। भाये भी क्यों न रंग के इस त्योहार में रंग से सराबोर होने का जी तो ललचाता ही है। मात्र एक दिन बाद ही होली है। होली के मौके पर देवर—भाभी, ननद—भाभी,जीजा—साली,प्रेमी—प्रेमिका एक दूसरे को खूब रंग लगाते हैं। रंग लगाने में कई बार हुड़दंग होता है और इस हुड़दंग में ज्यादातर महिलाओं की जो चिंता होती है वो है कि कहीं रंग का असर उनके त्चचा पर न पड़े। उनके स्वास्थ्य पर न पड़े। ऐसे में कुछ महिलायें अपने मन को मार लेती हैं और होली के रंग से बचने की कोशिश करती हैं। होली खेलने से मना कर देती हैं। ऐसी ही महिलाओं के  लिए आज पंचायत खबर पर चलाये जाने वाले साप्ताहिक श्रृंखला में ब्यूटी विशेषज्ञ शैल का ये आलेख…इससे पहले कि आप भी रंगों के इस त्योहार में खो जाएं, वो बता रही हैं कुछ ऐसे शानदार ब्यूटी टिप्स जो आपकी खूबसूरती पर किसी तरह का कोई ग्रहण नहीं लगने देंगे और आप चटखदार लाल,हरे,पीले, सुर्ख बैंगनी रंगों में सराबोर होते हुए भी अपनी सुंदरता को बरकरार रख सकती हैं…यानी आपके पास भी मौका है खुद को जरा भी रोके बिना रंग का पूरा लुत्फ उठाने का पर जरा सावधानी से..वैसे भी कहा गया है सावधानी हटी..दुर्घटना घटी।
होली के हुड़दंग में हो शामिल
हर्ष उल्लास और रंग के इस त्योहार में महिलायें शामिल तो होना चाहती हैं लेकिन त्वचा खराब होने का डर से मन में हिचक पैदा करता है, इसलिए ज्यादातर महिलाएं होली के रंग से बचने का प्रयास करती हैं। लेकिन आपको रंग से बचने की जरूरत नहीं है बल्कि जरूरी है कुछ सावधानियों की जिसके जरिए आप अपनी त्वचा को होली के रंगों का सामना करने के लिए पहले से तैयार कर सकें।
बनी रहे हुड़दंग, बचा रहे उल्लास
पहले के लोग अमूमन प्राकृतिक रंग से होली खेला करते थे। आमतौर पर लोग हल्दी, चदंन, गुलाब और टेसू के फूल से रंग बनाया करते थे पर आजकल तो रासायनिक रंगों का ही बोलबाला है। ऐसे मे सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. ऐसे रंगों मे कई तरह के रासायनिक और विषैले पदार्थ मिले होते हैं, जो त्वचा, नाखून व मुंह से शरीर मे प्रवेश कर अदंरूनी हिस्सों को क्षति पहुंचा सकते हैं। ऐसे में अगर होली खेलने से पहले कुछ सावधानियां बरती जायें तो त्वचा को रासायनिक रंगों से होने वाले नुक्सान से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
बरतें ये सावधानी
आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि ज्यादातर महिलायें केवल होली के दिन खुद को कवर कर होली के चुटीले रंग से खुद को बचाना चाहती हैं। लेकिन सिर्फ होली वाले दिन ऐसा करने से बात नहीं बनेगी बल्कि आपको होली से कुछ दिन पहले से खुद को ढक करके रखना है। स्लीवलेस या शार्ट्स से स्किन धब्बेदार हो सकती है, और होली के रंग इनको और भी गहरा कर देती हैं। आजकल बाजार में मिलने वाले ज्यादातर रंगों मे केमिकल का इस्तेमाल होता है और इसकी वजह से त्वचा पर गहरे दाग धब्बे पड़ने का डर रहता है। इसलिए आपको ध्यान रखना है कि यदि आपकी त्वचा पहले से हेल्दी होगी, तो होली के रंगों का इनपर खास असर नहीं होगा और इनकी चमक बरकरार रहेगी।
पहले से ही करें तैयारी शुरू
होली खेलने से चंद रोज पहले ही त्वचा की देखभाल बेहद जरूरी है। यदि आपको पहले से ही स्किन संबंधी समस्या है या आपकी स्किन पहले से ही खराब है तो होली के रंगों के इस्तेमाल से पहले थोड़े सावधानी की जरूरत है। ऐसा कर आप त्वचा को होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। होली के रंग, खुले हुए रोमछिद्र, ब्लैकहेड्स और कील-मुंहासों को बढ़ा सकते हैं। आप कोई भी होममेड स्क्रब इस्तेमाल कर सकते हैं। बेसन, ओट्स या आटे के चोकर में दही मिलाकर फुल बॉडी स्क्रब कीजिए। इसलिए इन्हें पहले ठीक करना जरूरी है, तभी आप खुलकर होली खेल पाएंगी।
होली के रंग के लिए त्वचा को यूं करें तैयार
इसके लिए जरूरी है कि आप चंद रोज पहले से ही अपनी त्वचा को विशेष रूप से चेहरे को दिन में कम से कम दो बार जरूर धोयें। त्वचा धोने के बाद त्वचा पर टोनर और मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे त्वचा अंदर से हेल्दी होने लगेगी और कुछ ही दिनों में चमकने लगेगी।
आइस क्यूब रब करें
यह आपकी त्वचा को होली के रंग के लिए तैयार करने का सबसे आसान तरीका है। वैसे भी जब आप मेकअप करते है, तो आइस क्यूब रब करते हैं। इससे मेकअप अच्छे से सेट हो जाता है और स्किन भी खराब नहीं होती है। आइस क्यूब रोम छिद्र को बंद करने में सहायक होते हैं। यह एक प्राइमर की तरह काम करता है। यह एक्ने और पफीनेस को कम करता है। यदि आप होली खेलने से पहले अपनी त्वचा पर आइस का इस्तेमाल करेंगे निश्चित रूप रंगों के दुष्प्रभाव से बचे रहेंगे।
परंपरागत तौर पर करते रहे हैं तेल का इस्तेमाल
आपको याद होगा कि जब आप बचपन में होली खेलने के लिए जाती होंगी तो बड़ों की तरफ से ये हिदायत दी जाती होगी कि होली के रंग खेलने से पहले अपने बाल व त्वचा में तेल का इस्तेमाल करने को कहा जाता था। त्वचा विशेषज्ञ भी दादी—नानी के जमाने के इस नुस्खे पर पूरा भरोसा करते हैं और इसके इस्तेमाल की बात कहते हैं। हमारी त्वचा के लिए सबसे अच्छा ऑयल, कोकोनट ऑयल है। यह स्किन को मुलायम और दाग-धब्बे रहित बनाता है। होली के दिन तक आपकी स्किन काफी हद तक हेल्दी हो जाएगी। आज भी ज्यादातर लोग होली खेलने से पहले त्वचा पर तेल लगा लेते हैं मगर हमें साथ ही यह भी ध्यान रखना है कि खुश्क त्वचा पर तेल ज्यादा देर नहीं टिकेगा। इसलिए रोजाना सोने से पहले या नहाते समय स्किन को मॉइस्चराइज करें। क्रीम की जगह नारियल तेल का इस्तेमाल करें।
होली के दिन बरतें ये सावधानी
1. होली के रंग खेलने से 20 मिनट पहले अपने पूरे बदन पर ढ़ेर सारा तेल या फिर मॉइश्चराईजर लगायें। अपने शरीर पर वाटरप्रूफ सनस्क्रीन लगा कर ही होली खेलने निकलें।
2. पूरे बदन को ढ़कने वाले कपड़े पहने जिससे रासायन युक्त रंग आपकी त्वचा के अंदर न जा पायें।
3. त्वचा के साथ ही बालों का भी ध्यान रखना जरूरी है। अच्छा होगा कि आप रंग खेलने से पहले बालों में तेल लगा लें ताकी नहाते समय ये रंग बालों में न चिपकें और आसानी से धुल जायें।
4.बालों के साथ खूबसूरत होठों को भी रंग से बचाना है इसलिए  होली के रंग खेलने से पहले लिप बाम का इस्तेमाल न भूलें।
5. हमारी आखें काफी संवेदशील होती हैं। इसलिए होली के रंग,गुलाल और अबीर में मिश्रित केमिकल से आंखों को बचाना जरूरी है। यदि होली खेलते समय आंखो में रंग चला जाए तो आंखों को साफ पानी से तब तक धोएं जब तक रंग निकल न जाए।
6. महिलायें नाखून के रखरखाव के प्रति ​काफी सावधान होती हैं। इसलिए होली के मौके पर आपके नाखूनों में रंग न चढ़ जाए इसलिए जरूरी है कि नेलपालिश का इस्तेमाल करें और वैसलिन लगाएं।
7.होली के रंग खेलने के बाद त्वचा रुखी हो जाती है, जलन होने लगती है। इसलिए रंग खेलने के बाद शरीर पर मलाई या बेसन का पेस्ट इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

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