जनसंख्या नियंत्रण कानून मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री सम्राट चौधरी के सुर अलग..नगर निकाय की तरह पंचायत में भी लागू होगा दो बच्चों का कानून

राहुल राज

पटना: उत्तर प्रदेश के योगी सरकार द्वारा लाए जा रहे जनसंख्या नियंत्रण कानून (Population Control Act) पर भले ही बिहार सरकार के मुखिया यानी मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) यह कह रहे हों कि कानून बनाने से जनसंख्या नियंत्रण नहीं हो सकता बल्कि यह कार्य जन जागरूकता के जरिए ही किया जा सकता है। लेकिन नीतीश के इस बयान के बावजूद न सिर्फ जदयू से बल्कि विपक्षी दल राजद से भी इक्का दुक्का विधायक जनसंख्या नियंत्रण कानून को देश के हित में बता रहे हैं। बड़ी बात यह है कि खुद नीतीश सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी भी इस बात के पक्षधर दिखाई दे रहे हैं कि और पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के लिए दो बच्चों के कानून के लागू किये जाने की हिमायत कर रहे हैं।


क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्य नाथ द्वारा प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किये जाने के प्रयासों पर राजनीतिक दलों के सुर अलग—अलग हैं। बिहार के मुख्यमंत्री कानून से नहीं बल्कि जागरूकता से जनसंख्या के नियंत्रण की बात कह रहे हैं। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी (Panchayti Raj Minister Samrat Chaudhary) ने संकेत दिए हैं कि बिहार में नगर निकायों की तरह पंचायतों में भी दो से अधिक बच्‍चे वाले चुनाव लड़ने से वंचित किए जा सकते हैं। इसको लेकर तैयारी चल रही है। इतना ही नहीं चौधरी ने उत्तर प्रदेश के कानून की सराहना करते हुए कहा है कि बिहार में तो यह पहले से ही लागू है।
देश में जनसंख्‍या नियंत्रण कानून बहुत जरूरी है। जहां पढ़े लिखे लोग होते हैं वहां प्रजनन दौर स्‍वाभाविक तौर पर कम है। आजादी के बाद देश अब 75 वर्ष का होने जा रहा है। उससे पहले यह सब व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। आज के समय में यह कानून बहुत जरूरी है।


मुख्यमंत्री ने पहले ही कर दिया है लागू
मुख्‍यमंत्री के बयान को आगे बढ़ाते हुए बिहार में तो यह पहले से लागू है। प्रदेश के मुख्यमंत्री तो बिहार में पहले ही एक तरह से जनसंख्या नियंत्रण कानून की व्‍यवस्‍था लागू कर चुके हैं। उन्‍होंने ही नगर निकाय में दो से ज्‍यादा बच्‍चों वाले के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। बिहार के बाद दूसरे राज्‍यों ने इसका अनुसरण किया। अब समय आ गया है कि इसे पंचायतों में भी लागू किया जाए। क्‍योंकि उस समय लगा था कि पंचायतों में अभी शिक्षा दर बढ़ाने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि पंचायत व ग्राम कचहरियों के चुनाव में दो या उससे अधिक बच्चे वालों को अयोग्य घोषित करने का मसौदा तैयार हो रहा है। उसमें कहा गया है कि यह प्रावधान 2021 के चुनाव में लागू नहीं होगा।

क्या कहा था मुख्यमंत्री ने

गौरतलब है कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून  बनाए जाने पर कहा था कि सिर्फ कानून बना देने से कुछ नहीं होगा। जब तक महिलाएं शिक्षित नहीं होंगी, आबादी को लेकर कितने भी कानून बना देने से प्रभावी नहीं होगा। लोगों की जागरूकता से ही इस पर लगाम लगाना संभव है। महिलाएं पढ़ी-लिखी होंगी तो प्रजनन दर में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री भले ही जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर कानून के सवाल पर जागरूकता की बात कह रहे हों लेकिन जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कानून का समर्थन किया है। वहीं राजद विधायक सुदय यादव ने कहा है कि जनसंख्‍या नियंत्रण को लेकर कानून बनना चाहिए। उसका पालन भी होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि जनहित में जो भी कानून लाए जाएंगे उसका हम और हमारे नेता भी समर्थन करेंगे।

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