मधुमक्खी पालन से होगी लाखों की कमाई, 16 सितंबर से शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण

पंकज साहू
प्रयागराज: कृषि और किसान इस देश की आत्मा हैं। हों भी क्यों न देश की ​अधिकांश आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है और ऐसे में जब किसी चीज पर निर्भरता होती है तो दबाव भी होता है। हमारे अन्नदाता दबाव में न आयें इसलिए जरूरी है कृषि के साथ कृषि से जुड़े अन्य कार्यों पर भी ध्यान दिया जाए जिससे खेती किसानी के साथ ही नगदी आमदनी भी बढ़े। ऐसे में मधुमक्खी पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण जरिया हो सकता है। यही कारण है कि सरकार के साथ कृषि से जुड़ी अन्य संस्थाएं भी इस दिशा में पहल कर रही हैं। लेकिन किसी भी कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी है कि हम उसके विषय में पुख्ता प्रशिक्षण लें।

बहुत ही लाभकारी है मधुमक्खी पालन
आम किसान भाईयों को सरकार की तरफ से मधुमक्खी पालन के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। प्रशिक्षण की जरूरत पर बल देते हुए राजकीय उद्यान अधीक्षक ने बताया है कि मधुमक्खी पालन अनुपूरक कृषि उद्यम के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मधुमक्खियों से शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों में पर-परागण से पौधों की जीवितता एवं उत्पादन में वृद्धि होती है। कृषि के साथ-साथ अन्य ऐसे अनुपूरक व्यवस्था अपनाये जाने की आवश्यकता है, जिसमें भूमि की ज्यादा जरूरत न हो। इसके लिए वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन (मधुमक्खी) को बढ़ावा देने के उद्देशय से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केन्द्र, प्रयागराज में दीर्घकालीन मुधमक्खी पालन प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है।

तीन माह में सीख सकेंगे मधुपक्खी पालन के गुर
इस कार्यक्रम के अन्तर्गत तीन माह (90 दिवसीय) का प्रशिक्षण सत्र दिनांक 16.09.2021 से 15.12.2021 तक राजकीय मौन पालन प्रशिक्षण केन्द्र, कम्पनीबाग, प्रयागराज पर आरम्भ हो रहा है। यह प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जायेगा, प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रशिक्षार्थियों को रहने व खाने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

इस प्रशिक्षण में पुरूष एवं महिलायें भाग ले सकती हैं, जिसकेे लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा-08 पास होना आवश्यक है। मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण में भाग लेने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों को कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सोशल डेस्टेंसिंग का पालन व मास्क लगाना अनिवार्य होगा। अधीक्षक राजकीय उद्यान के कार्यालय से सम्पर्क कर निर्धारित प्रारूप पर दिनाँक 15.09.2021 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ दो सम्भ्रान्त व्यक्तियों या राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र आवश्यक है। मौन पालक प्रशिक्षक सुरेश चंद्र ने बताया कि इस समय बेरोजगार युवक/ युवतियों के लिये मौन पालन एक बेहतर अवसर है। मौन पालन से लाखों रुपये की कमाई हो रही है। जनपद प्रयागराज में 16 सितम्बर से मौन पालन के लिये प्रशिक्षण शुरू हो रहा है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार मौन पालन के लिये आर्थिक सहायता भी देगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *