सब्जियों में सिंचाई

0
495

मनीष अग्रहरि

लखनऊ: सब्जियों का 90 प्रतिशत या इससे अधिक भाग जल से बना होता हैै। एैसे में सब्जियाॅं जल के प्रति अतिसंवेदनशील होती है, ज्यादा सिंचाई और कम सिंचाई दोनो ही हालात सब्जियों पर भारी पड़ती है। जल पोषक तत्वों के लिए विलेय का काम करता है, जल के माध्यम से सारे पोषक तत्व पूरे पौधे तक पहुॅंच पाता है। ऐसे में जरूरत होती है कि सब्जियों से अच्छी आमदनी के लिए समुचित सिंचाई प्रबंधन किया जाये। विशेषत: फूल आते समय, फलों की बढ़ोत्तरी के समय जल की कमी से पैदावार घट जाती है।

आइये संक्षेप में जानते है, विभिन्न सब्जियों में किन, किन अवस्थाओं पर पानी की कमी या अधिकता से क्या, क्या प्रभाव पड़ता है।

जड़ वाली सब्जियां: जड़ वाली सब्जियों में प्रमुख रूप से गाजर और मूली शामिल है। जड़ो के बढ़वार के समय मिट्टी में नमी की कमी से जड़ो का विकास अवरूद्व हो जाता है। जड़े टेड़ी-मेड़ी और खुरदरी हो जाती है व जड़ो में नाइट्रेट की मात्रा बढ़ जाती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। खेत के सूखे रहने के बाद अचानक सिंचाई करने से जड़े फट जाती है। जड़ो के विकास के समय अत्याधिक नमी होने पर जड़ो के मुकाबले पत्तियों का विकास ज्यादा हो जाता है।

प्याजः प्याज उथली जड़ वाली फसल होती है, अतः इसमें बार-बार मगर हर बार हल्की सिंचाई करनी चाहिए। कंदो के विकास के समय नमी की कमी होने पर दो षल्क कंद बनते हुये अथवा षल्क कंदो को फटते हुये देखा गया है।

बैगन: इसमें अधिक जलभराव से जड़ विगलन रोग लगने की सम्भावना ज्यादा होती है, जब कि कम नमी होने की दषा में फलो का रंग हल्का हो जाता है।टमाटर: मिट्टी में नमी के उतार-चढ़ाव से फल फट जाते है। जब कि नमी की कमी होने पर मिट्टी में कै​ल्शियम की कमी हो जाती है, जिससे पुश्पवृन्त सड़ने लगता है, और फूल झड़ने लगता है। फूल आते समय मिट्टी में नमी के कमी होने पर फूल झ़ड़ने लगते है या फल छोटे होने लगते है।

मटर: मटर एक दलहनी फसल है, जिसमें कम सिंचाई की जरूरत होती है, ज्यादा सिंचाई करने से पौधे जड़ से सूखने लगते है। इसमें दो सिंचाई अति आवश्यक है, पहली फूल आते समय लगभग 30-40 दिनो पर, दूसरी फली विकास के समय लगभग 50-60 दिनो पर। 

 मिर्च और शिमला मिर्च: इसमे लगातार पर्याप्त नमी का बना रहना जरूरी है। कम नमी की दशा में फूल तथा छोटे फल गिर जाते है और पौधा फिर से सिंचाई करने पर भी समायोजित नही हो पाता है। कम नमी होने के कारण पोषक तत्वों का अवषोशण कम हो जाता है, जिससे फलो का वृद्वि और विकास अवरूद्ध हो जाता है। 

पत्ता गोभी: फसल की शुरूआती अवस्था में अधिक नमी होने की दशा में जड़ो का ज्यादा विकास हो जाता है, जब कि शीर्ष (बंद) फट जाता है। काफी समय तक सूखा रहने के बाद सिंचाई करने पर अथवा वर्षा होने पर बंद फट जाता है।

खीरा, ककड़ी, तरबूज: कुकरबिटेषी कुल की ये सब्जियां पानी के प्रति अति संवेदनशील होती है। खरबूज एवं तरबूज में फलो के पकने के समय सिंचाई नही करनी चाहिए, इससे फलो का सुगंध-सुवास और मिठास कम हो जाती है। खरबूज में पकने के समय सिंचाई करने पर विटामिन सी और विलेय पदार्थो की मात्रा घट जाती है। तरबूज में पकते समय सिंचाई करने पर त्वचा फट जाती है, गूदे रेशेदार एवं कम रसीले होते है व फलो की गुणवत्ता खराब हो जाती है, जब कि फलो के बढ़वार के समय नमी की मात्रा कम होने पर फलो में नाईट्रेट की मात्रा बढ़ जाती है, जो सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। खीरे में जलभराव की दशा में पत्तियां पीली पड़ जाती है, और लताओं का विकास अवरूद्व जाता है। वही फूल आने पर मिट्टी में नमी की कमी के कारण परागकण विकृत एवं मरे हुए बनते है, जिससे फसल उत्पादन कम हो जाता हैै। फलो के विकास के समय नमी के आभाव में फलो का आकार बिगड़ जाता है, और फलो में कड़वाहट होती है।

           प्रमुख सब्जियों में सिंचाई की क्रान्तिक अवस्था 

क्र0स0       सब्जी ​क्रान्ति अवस्था                            जल की कुल मात्रा (से0 मी0) में 

  1  .          मूली जड़ के विकास के समय                       20-35               

 2 .      गाजर जड़ के विकास के समय                         20-30

3.    टमाटर फूल आने एवं फल के विकास के समय       40-90

4.     बैगन फूल एवं फल आने के समय                          50-110

5 .    मिर्च फूल आने पर एवं फल निशेचन के बाद         45-100

6 .       पत्तागोभी बन्द के विकास के समय                     15-20

7.      फूलगोभी फूल के विकास के समय                         30-35

8.    प्याज कन्द के निर्माण व विकास के समय                 50-75

9 .     भिण्डी फूल आने के समय                                     25-60

10 .     खीरा फूल व फल आने के समय                          25-50

11.      खरबूज लता विकास के समय, फल आने पर          50-60

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here