परंपरागत फूड की बजाय लोगों को पसंद आ रहा है फास्ट फूड… जीविका दीदियां ले रही हैं प्रशिक्षण

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संतोष कुमार सिंह

उन्नति के तहत मनरेगा मजदूर को फास्ट फूड बनाने की प्रशिक्षण दी जा रही है। जीविका, ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में ग्रामीण युवाओं के कौशल एवम उद्यमिता विकास के लिए नोडल बैंक पीएनबी बैंक कैमूर जिले में आरएइटीआई का संचालन करती है।
कैमूरः लिट्टी बाटी के पार्टी में जुटल गांव समाज, पिज्जा बर्गर के बाबू हउएं इ लिट्टी महाराज। इंटरनेशनल लिट्टी चोखा जे खईलस न पईलस धोखा…गाड़ के झंडा आई गईल हो जहां गईल संसार में। भोजपुरी कलाकार और वर्तमान भाजपा सांसद मनोज तिवारी का ये गाना काफी लोकप्रिय हुआ था।
जाहिर है लिट्टी चोखा ने बिहार की धरती से बाहर निकलकर देश विदेश में अपनी पहचान बनाई हैं लेकिन उसी भोजपुरिया समाज या यूं कहें तो पूरे बिहार में लोग लिट्टी चोखा को भूल फास्ट फूड की ओर न सिर्फ बढ़ने लगे हैं बल्कि हर चौक चौराहे पर चाउमीन, मोमोज के दुकान आपको आसानी से दिखाई देंगे और लिट्टी-चोखा, घुघनी और भूंजे और समोसे का संसार सिमटने लगा है और आजकल आजकल ग्रामीण क्षेत्रों में भी फास्ट फूड जैसे की बर्गर, चाउमीन, मंचूरियन, मोमो इत्यादि की भारी मांग है। आप कह सकते हैं कि लोगों की खानपान संबंधी आदतें बदली हैं और इसी का परिणाम है कि इन उत्पादों को तैयार करने और विक्रय करने वालों की मांग बढ़ी है और बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावना भी पैदा हुई हैं।


प्रोजेक्ट उन्नति के तहत प्रशिक्षण की व्यवस्था
फास्ट फूड की बढ़ती हुई मांग और रोजगार की संभावनाओं के मद्देनजर जीविका कैमूर के द्वारा चैनपुर ब्लॉक परिसर में स्थित के आरएसईटीआई प्रशिक्षण भवन में कुल 33 लोगों को जिसमे 25 सतत जीविकोपार्जन योजना के अत्यंत गरीब दीदियों को और 8 प्रोजेक्ट उन्नति के तहत मनरेगा मजदूर को फास्ट फूड बनाने की प्रशिक्षण दी जा रही है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ दो नवंबर को हुआ जो कि 11 नवंबर तक चलेगा।
क्या है प्रशिक्षण का उद्देश्य
इस प्रशिक्षण के अंतर्गत आरएसईटीआई परिसर चैनपुर में ट्रेनर्स के द्वारा दीदियों को खाद्य उद्योग संबंधी मानक के अनुरूप साफ सुथरा एवं स्वादिष्ट फास्ट फूड बनाने का कौशल सिखाया जा रहा है। दीदियां इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद, फास्ट फूड आउटलेट,ठेला, स्टॉल खोल के अपनी आजीविका बढ़ा सकेंगी। यह प्रशिक्षण दीदियों के आजीविका विविधिकरण और अलग-अलग तरह के रोजगार प्राप्त करने में भी सहायक साबित होगी।

क्या कहते हैं अधिकारी
जिला एसजेवाई नोडल रवि रौशन ने इस प्रशिक्षण के विषय में बताया की फास्ट फूड ट्रेनिंग की मांग दीदियों के द्वारा निरंतर आ रही थी, यह ट्रेनिंग उनकी मासिक आय बढ़ाने के लिए बहुत कारगर होने वाली है।
वहीं कैमूर के जिला परियोजना प्रबंधक कुणाल शर्मा का कहना है की, दीदियों को अपने आजीविका की बढ़ोतरी हेतु जीविका द्वारा कई तरह के प्रयास किए जा रहे इसके लिए परियोजना द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आजीविका के श्रोत में बढ़ोतरी हेतु दीदियों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिससे जीविका दीदियां अपने आमदनी में इजाफा कर अपने परिवार की आय वृद्धि कर रोजगार से जुड़ सके।

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