RAJENDRA SINGH

अविरल-निर्मल गंगा का अधूरा सपना

जीतेंद्रानंद सरस्वती तीन वर्ष बाद भी गंभीर सवालों के घेरे में है गंगा को साफ करने का अभियान आखिरकार एनएमसीजी गंगा का हितैषी है या प्रदूषण पैदा करने वाले कल-कारखानों का? फरक्का बांध के कारण बिहार की तरफ आने वाले मलबे से गंगा में बढ़ती गाद और उत्तर बिहार में बाढ़ एवं दक्षिण बिहार में …

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गंगा की अविरलता से ही निर्मलता का सपना साकार होगा:नीतीश कुमार

कन्नौज से वाराणसी तक गंगा के गंदगी पर बात होती है, लेकिन गंगा की अविरलता पर ध्यान नहीं जाता। अब समय आ गया कि अविरल धारा पर बात की जाये: जयराम रमेश संतोष कुमार सिंह नयी दिल्ली:बिहार के एक बड़े हिस्से में गंगा बहती है लेकिन गंगा में गाद की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही …

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सभ्यता बचानी है, तो नदियां बचानी होगी- शिवराज सिंह चौहान

संतोष कुमार सिंह अक्टूबर में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में गंगा संसद का आयोजन होगा- स्वामी  अभिमुक्तेश्वरानन्द नयी दिल्ली: मानव सभ्यता का अस्तित्व बचाने के लिए नदियों को बचाना होगा। लोगों की जिन्दगी और बच्चों का भविष्य बचाने के लिए नदियों का पुनर्जीवन अति आवश्यक है। जब तक हम प्रकृति को आदर नहीं देंगे, …

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गंगा-यमुना ही नहीं सभी नदियों को जीवित ईकाईं मानते हुए कानून बने: राजेंद्र सिंह

संतोष कुमार सिंह नयी दिल्ली: नदियों के पुर्नजीवन के सवाल पर एक तरफ सरकार चिंतित दिख रही है वहीं दूसरी ओर पानी पर काम वाले जनसंगठन भी नदियों और देश में पानी की समस्या देखकर और उसके कारन उत्पन्न होने वाली समस्या को लेकर चिंतित है। यही कारण है कि एकतरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नर्मदा …

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पर्यावरण के साहित्य गुरु थे अनुपम मिश्र

राजेंद्र सिंह अनुपम मिश्र ऐसे व्यक्ति थे, जो मानवता और प्रकृति के बीच गहरे रिश्ते बनाने का काम जीवनभर करते रहे। वे पानी पर्यावरण पर काम करने वाले पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने जो भी कुछ लिखा, उसमंे भारतीय ज्ञान तंत्र को भारत के विकास से होने वाले खतरों के प्रति हमेशा आगाह किया। उनकी …

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चंपारण में गांधीवाद की बात करना भी गुनाह

कुमार कृष्णन बिहार में जिस चंपारण की धरती पर महात्मा गांधी ने किसानों को जुल्मी फिरंगियों के अत्याचार से मुक्त् िदिलाने के लिए सफल सत्याग्रह कर देश और दुनिया  को  राह दिखायी थी। आज उसी धरती पर उनके सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर गांधीवाद की बात करना गुनाह हो गया है। इसकी नजीर  …

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बिहार में जल अधिकार कानून की जरूरत-राजेन्द्र सिंह

अमरनाथ,वरिष्ट पत्रकार बिहार में जल अधिकार कानून की जरूरत है। लोगों के जलाधिकार को जल सुरक्षा में बदला जा सकेगा। यह बात जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने जेपी द्वारा स्थापित ग्राम निर्माण मंडल, सर्वोदय आश्रम में जल-संकल्प यात्रा के समापन के अवसर पर कही। आश्रम नवादा जिला के कौआकोल प्रखंड के सेखोदेवरा गांव में स्थित है। …

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समझ, संकल्प और इच्छाशक्ति का अकाल : योगेन्द्र यादव

21 मई को मराठवाड़ा के लातूर से चली जल–हल पदयात्रा का समापन बुंदेलखंड के महोबा में हुआ। संतोष कुमार सिंह वो गांव गये थे..दावा है कि गांव—गांव यात्रा किये हैं..खेत—खेत, आरी—डरेड़ा सब जगह घूमें। उन्हें ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि देश सूखे से बेहाल और सरकार दो साल के जश्न में निहाल है। उनका दावा …

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बेपानी होते गांव..बेपरवाह होता समाज..सोती सरकार

जल और हल मिले साथ..तभी मिलेगी सूखे से राहत:योगेंद्र यादव सिर्फ राज्य ही नहीं समाज और समुदाय को भी पानी से जुड़े मुद्दों पर भागीदारी करनी चाहिए: राजेंद्र सिंह गांधी जी कहते थे 5 लाख स्वावलंबी गांव बनाना है तभी भारत बनेगा। और आप सोचो कि पांच लाख स्वावलंबी गांव बिना पानी का कैसा होगा। …

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हर खेत को पानी..पहले पीने का पानी तो दें सरकार: राजेंद्र सिंह

संतोष कुमार सिंह सूखे को लेकर कई स्तर पर चर्चा शुरू हुई है। आम लोग पानी की कमी से परेशान है, किसान पेयजल से लेकर सिंचाई के लिए खेतों में पानी की बांट जोह रहा है। टैंकर माफिया का हमेंशा की तरह दसों उंग्ली घी में है। यदि आप खरीद सकते हैं तो पीने की …

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