नई दिल्ली: UGC एक्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच सवर्ण समाज के बीच अभूतपूर्व एकजुटता दिख रही है। एक तरफ सवर्ण समाज इस बात से उत्साहित है की सुप्रीम कोर्ट ने सवर्णो की सुध लेते हुए नरेंद्र मोदी सरकार के सवर्ण विरोधी यूजीसी एक्ट पर रोक लगा दिया है वहीं समाज इस बात को लेकर भी आशंकित है कि कहीं अगली सुनवाई जो कि 8 मार्च को होनी है सर्वोच्च न्यायालय से कोई नकारात्मक फैसला न आ जाये।
इसी क्रम में आज नई दिल्ली “सवर्ण समाज समन्वय समिति” से जुड़े 40 से ज़्यादा संगठन एकत्रित हुए और सरकार को चेतावनी दी है कि अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो वे 8 मार्च (2026) को रामलीला मैदान में “UGC रोलबैक आंदोलन” शुरू करेंगे। पहले से ही आहूत देशव्यापी बंद को समिति ने जारी रखने का फैसला लिया है और इस क्रम में सवर्ण समाज कल देशव्यापी बंद करेगा।

क्या कहती है समिति
सवर्ण समाज समिति की निर्णय के बाबत आयोजित प्रेस वार्ता जो कि नयी दिल्ली के पंडित मदन मोहन मालवीय स्मृति भवन में आयोजित में समिति के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने समिति के निर्णयों को विस्तार से मीडिया के समक्ष रखा। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि यह एक्ट समाज के लिए गलत और बांटने वाला है, लेकिन हम किसी भी कीमत पर समाज को बंटने नहीं देंगे। इसके लिए हम सब मिलकर 8 मार्च (2026) को दिल्ली के रामलीला मैदान में “UGC रोलबैक आंदोलन” शुरू करेंगे। इसकी शुरुआत इस एक्ट के खिलाफ कल, रविवार, 1 फरवरी को बुलाए गए देशव्यापी बंद का समर्थन करने से होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है, लेकिन यह कानून तभी वापस लिया जाएगा जब इसे संसद में पास किया जाएगा। चूंकि यह कानून संसद द्वारा पास किया गया था, इसलिए केवल संसद ही इसे रद्द कर सकती है।
1 फरवरी से देशव्यापी जागरूकता अभियान
उन्होंने कहा कि वे 1 फरवरी से सवर्ण समाज देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू करेंगे और इस कानून का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार इस दौरान इस कानून को रद्द कर देती है, तो ठीक है, नहीं तो 8 मार्च (2026) को रामलीला मैदान में जो विरोध प्रदर्शन होगा, वह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मोदी सरकार को समाज को बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, नहीं तो इसके नतीजे बहुत गंभीर होंगे।
राजशेखावत समेत करणी सेना ने कई पदाधिकारी रहे उपस्थित
करणी सेना के राज सिंह शेखावत ने कहा कि इस draconian UGC कानून के खिलाफ सवर्ण समाज का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इसे रद्द नहीं कर देती। उन्होंने सरकार को यह भी चेतावनी दी कि अगर वह इस काले कानून को वापस नहीं लेती है, तो अगली बार बीजेपी सत्ता में नहीं आएगी।
इस मौके पर राज सिंह शेखावत के साथ ही प्रशांत सिंह (सनातन करणी सेना), संजीव राजपूत (वकील- सुप्रीम कोर्ट), कुंवर सिंह, करणी सेना के अजीत सिंह, संजीव सिंह (अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा), डॉ. संगीता सिंह, हिंदू महासभा के विजय कौशिक, कायस्थ महासभा के अनूप श्रीवास्तव, ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव, पूर्व हाई कोर्ट जस्टिस सुधीर सक्सेना, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट डीपी श्रीवास्तव, अग्रवाल महासभा के अनिल अग्रवाल, भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीधर साल्वे, जनसंघ के कुलदीप पांडे, योगी किशोर तिवारी, छगन सिंह राठौर, RSP के पंकज धवारिया और इस एक्ट का विरोध करने वाले संगठनों के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद थे।
भीम सेना भी समाज के साथ
भीम सेना के श्रीधर साल्वे ने कहा कि उनका संगठन सवर्ण समाज समन्वय समिति के साथ खड़ा है, और वे किसी भी कीमत पर अपने समुदाय को बंटने नहीं देंगे।
