बिहार पंचायत चुनावों में मतदान कार्य में जरूरत पड़ने पर हो सकती है मास्टर साहब की तैनाती

अमरनाथ झा

पटना: बिहार पंचायत चुनावों में जरूरी होने पर मतदानकर्मी के रूप में मतदान कार्य के लिए मास्टर साहब की तैनाती भी की जा सकती है। इस बारे में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव योगेन्द्र राम ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि पंचायत चुनाव के कार्यों में अपरिहार्य होने पर मास्टर साहब की तैनाती किया जा सकता है।
आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव में मास्टर साहब की तैनाती के अतिरिक्त स्थानीय प्राधिकारों जैसे- पंचायतों, नगरपालिकाओं के कर्मी, व विद्यालय, महाविद्यालय, एवं विश्वविद्यालय के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी, व लोक उपक्रमों के कर्मचारियों को चुनाव कार्य में नियुक्त किया जा सकता है। आयोग ने कहा है कि भारत के चुनाव आयोग के निर्देश पर लोकसभा व विधानसभा चुनावों में जिसतरह कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की जाती है, उसी तरह पंचायत चुनावों में भी कर्मचारियों की नियुक्ति की जा सकती है। शिक्षकों की तैनाती को ​इसी के अंतर्गत किया जायेगा। पंचायत चुनाव में उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा जहां संचार की सुविधा कमजोर है और वहां संचार की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कर्मचारियों की तैनाती रैंडम ढंग से की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव योगेन्द्र राम ने कहा है कि मतदान कार्य में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को पीठासीन अधिकारी नहीं बनाया जाएगा। जिलों को भेजे निर्देश में आयोग के सचिव ने कहा है कि किसी भी स्थिति में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को पीठासीन अधिकारी नहीं बनाया जाएगा। आयोग ने पीठासीन अधिकारी, मतदानकर्मी, गश्तीदल, दंडाधिकारी सह संग्रह दल की तैनाती के बारे में मानक निर्धारित कर दिया है। पीठासीन पदाधिकारी व मतदान अधिकारी की तैनाती उनके पद और वेतनमान के आधार पर किया जाएगा। पीठासीन पदाधिकारी के रूप में उसी अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है जो अन्य मतदान अधिकारियों से ऊंचे पद व वेतनमान का हो। कर्मियों को उनके घर और कार्यस्थल से संबंधित प्रखंड में मतदान कार्य के लिए नहीं भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही मतदान दल के दो कर्मचारी एक ही विभाग के नहीं होना चाहिए। इन सभी का चयन रेंडम आधार पर किया जाना चाहिए। प्रत्येक मतदान कर्मी को उनकी तैनाती की जगह के बारे में जानकारी उसके रवाना होने के कुछ ही समय पहले दी जानी चाहिए।

इसके साथ ही मतदान कार्य में प्रतिनियुक्ति के दौरान मिलने वाले भत्ते का निर्धारण भी कर दिया गया है। पुलिस निरीक्षक, अवर निरीक्षक को 500 रु प्रतिदिन, मतदान अधिकारी-375 रु प्रतिदिन, सहायक निरीक्षक-हवलदार-375 रु प्रतिदिन, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी 250 रु प्रतिदिन, सरकारी चालक 375 रु प्रतिदिन, मतगणना सहायक 375 रु प्रतिदिन निर्धारित किया गया है।

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