कोरोना के तीसरी लहर की आशंका पर सवार..तीसरी सरकार के चयन को आगे बढ़ता बिहार

मंगरूआ
पटना: बिहार में पंचायत चुनाव की अधिसूचना आज जारी हो गई यानी तीसरी सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। उसके बाद तीसरी सरकार का अंग बनने के लिए उम्मीदवारों के भागदौड़ शुरू हो जाएगी।  हालांकि कोरोना के तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है और सरकार के स्तर पर इसको लेकर तैयारियां भी चल रही हैं। इस बीच आशंका यह भी जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के दौरान जिस तरह से पंचायत चुनाव में शिरकत कर रहे अधिकारी कर्मचारी कोरोना के चपेट में आ गये थे,कहीं बिहार पंचायत चुनाव के बाद भी वही नजारा न देखने को मिले। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में पंचायत चुनावों में ड्यूटी करने वाले 2,000 से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं इसी अवधि में 137 पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई थी और 4,117 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए थे।

ऐसा नहीं था कि कोरोना के दूसरी लहर के मद्देनजर पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से बचाव के इंतजामात नहीं किए थे या उसके पुख्ता तरीके से अनुपालन की हिदायत सरकार द्वारा नहीं दी गई थी। ये सारी व्यवस्थाएं थी। निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष के बाहर थर्मल स्कैनिंग, हैंड सेनेटाइजर, साबुन व पानी इत्यादि की व्यवस्था रखने की बात कही गई थी इसके साथ ही इनके उपयोग के लिए डेडिकेटेड कर्मी की प्रतिनियुक्ति वहां की जाएगी ऐसा भी निर्देश था। वहां पर कोविड 19 से बचाव और क्या करें व क्या न करें, इससे संबंधित पोस्टर व बैनर भी लगाए गए थे। लेकिन उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना के प्रसार जो आंकड़े सामने आये वो सबके सामने हैं। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का नतीजा तो यही रहा कि एक महीने के भीतर ही दोगुने से भी ज्यादा कोरोना के केस सामने आए और मौत के आंकड़ों में भी करीब 60 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हो गया। कुछ इसी तरह के दिशा निर्देश की बातें महकमें द्वारा बिहार पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी कही जा रही है लेकिन पर बड़ा सवाल तो यही है कि यह सब सुरक्षा के मानक पालन करने का दावा तो उत्तर प्रदेश चुनाव में भी किया गया था।
जाहिर है अब बिहार चुनाव को लेकर भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है कि अगर थर्ड वेव की आशंका के बीच पंचायत चुनाव करवाए गए तो कहीं लोकतंत्र की प्रक्रिया पूरी करने की कवायद में कहीं लोगों को अपनी जान न गंवानी पड़ जाए।
यदि विभागीय तैयारियों और विभागीय निर्देश को देखें तो दोनो स्तर पर तैयारियां है और साथ ही साथ कोरोना के फैलाव और तीसरी वेब के मारक होने की आशंकाएं भी। सूरते हाल यह है कि बिहार में पहली बार ईवीएम से पंचायत चुनाव होना है। आज अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। पंचायत चुनाव में 2 लाख 9 हजार ईवीएम का इस्तेमाल होगा।

कोरोना गाइडलाइन पालन करने का कागजी दावा और हकीकत
ईवीएम से चार पदों- मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान होगा. जबकि दो पदों पंच व सरपंच के लिए बैलेट बॉक्स के माध्यम से मतदान होना है. आयोग के अनुसार, इस बार कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन नामांकन की भी सुविधा दी गयी है। ऑनलाइन नामांकन के बाद उसका प्रिंट निकालकर उसे प्रारूप-6 में निर्वाची पदाधिकारी द्वारा जारी सूचना में बताए गए स्थान पर नामांकन दाखिल करना होगा।
राज्य के सभी जिलों के लिए जारी दिशा-निर्देश के तहत आयोग ने नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच एवं प्रतीक (चुनाव चिन्ह) आवंटन के दौरान निर्वाची पदाधिकारी के कमरे में सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग के अनुसार निर्वाची पदाधिकारी संभावित उम्मीदवारों के लिए अलग से पहले ही नामांकन का समय भी निर्धारित कर सकते हैं. निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष में सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने के लिए दो गज की दूरी रखी जाएगी।
अब यदि कोरोना के तीसरी लहर और सरकारी तैयारियों की बात करें तो बिहार के सभी बड़े अस्पतालों ने तीसरी लहर के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की हैं। चाहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – पटना की बात करें या फिर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल या फिर नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की हर जगह व्यापक तैयारियां दिख रही हैं।
पटना एम्स में बड़ी तैयारी
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – पटना (Patna Aiims) की ओर से विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के लगभग 600 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को बच्चों को वायरस से बचाने के लिए उपचार प्रोटोकॉल पर वर्चुअल ट्रेनिंग दी गई है।

पटना एम्स के बाल रोग विभाग के प्रमुख और प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ लोकेश तिवारी ने कहा कि चूंकि महामारी के खिलाफ बच्चों के लिए उपचार का तरीका बड़ों की तुलना में थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए प्रशिक्षण इसी को ध्यान में रखकर दिया गया। पटना एम्स ने तीसरी लहर के लिए 30-बेड के कोविड आईसीयू को भी चिह्नित कर लिया है।

पीएमसीएच में ये है तैयारी…
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) भी कोरोना के तीसरी लहर का सामना करने के लिए अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में व्यस्त है। तीसरी लहर के लिए साठ बिस्तरों को चिह्नित किया गया है और अस्पताल के ICU में दर्जनों नए चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं। पीएमसीएच के अधीक्षक ‘लिक्विड ऑक्सीजन संयंत्र विभिन्न विभागों में मौजूदा रोगियों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है। राज्य सरकार की तरफ से दी गई सक्शन मशीन पहले ही अस्पताल में पहुंच चुकी है। इसके अलावा वेंटिलेटर, वार्मर, ह्यूमिडिफायर और इन्फ्यूजन पंप जल्द ही उपलब्ध होने की संभावना है।’

एनएमसीएच में भी तैयारी
नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH), जिसने दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन का संकट देखा, अब ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर हो गया है। एनएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर बिनोद कुमार सिंह के मुताबिक ‘अस्पताल में 136 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार है। बिहार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से जल्द ही नए कार्डियक मॉनिटर, वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों की आपूर्ति की जाएगी।’
इतना ही नहीं निजी अस्पतालों को भी मजबूत किया जा रहा है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सहजानंद के मुताबिक निजी स्वास्थ्य सुविधाओं ने भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जब कोरोना की दूसरी लहर अपने चरम पर थी।

क्या कहते हैं मुख्यमंत्री

विशेषज्ञों का तो यह भी दावा है कि बिहार जैसे राज्यों में कोरोना काफी कमजोर हो गया है इसलिए कोरोना के तीसरी लहर की आशंका न के बराबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी यह दावा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि वे प्रचार—प्रसार में नहीं काम करने में भरोसा रखते हैं। हालांकि बिहार में सोमवार को ही कोरोना के आठ नए मरीजों की पहचान हुई है। इसके पूर्व 21 अगस्त को भी राज्य में आठ नये संक्रमित मिले थे जबकि 22 अगस्त को 20 नये संक्रमितों की पहचान हुई थी। इस बीच भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने चेताया है कि बिहार में कोरोना के तीसरी लहर का खतरा अभी टला नहीं है। उन्‍होंने कहा कि देश में 160 दिन बाद कोरोना संक्रमण के नए केस सबसे कम मिले, लेकिन तीसरी लहर का खतरा टला नहीं है। लोगों को मास्क लगाने, सफाई रखने और दूरी बरतने जैसे कोविड – नियमों का पालन करने में जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। सोमवार को ट्वीट कर भाजपा सांसद ने कहा कि अनलॉक की प्रक्रिया तेज होने और त्योहारों की शुरुआत के साथ यदि भीड़ बढ़ी तो संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिए जनता को भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति ज्यादा जागरूक रहना होगा। जिन्होंने वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली है, उन्हें समय पर टीका लेना चाहिए। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि शासन प्रशासन ने पंचायत चुनाव के दौरान भी न सिर्फ कोरोना से बचाव की पुख्ता तैयारी की होगी बल्कि इन तैयारियों का जमीनी असर भी दिखेगा। ताकी आगामी पंचायत चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश जैसे स्थिती का सामना न करना पड़े और पंचायत चुनाव की आपाधापी कोरोना के तीसरी लहर की तैयारियों पर भारी न पड़ जाए।

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