
नई दिल्ली: रांची के बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान में झारखंड आदिवासी महोत्सव का आगाज हुआ। राज्य के कोने-कोने से पहुंचे हजारों की संख्या में लोगों ने महोत्सव के पहले दिन लुत्फ उठाया। झारखंड आदिवासी महोत्सव में लगे प्रदर्शनी हॉल में अलग-अलग राज्यों से विभिन्न प्रकार के ट्राइबल स्टॉल लगाए गए।
इनमें पारंपरिक परिधान, हैंटमेड प्रोडक्ट्स के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए कई स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों में एक स्टॉल चला अखरा लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है। इस स्टॉल में संथाल ट्राइब का वाद्ययंत्र बानाम मुख्य आकर्षण का केंद्र है।
पारंपरिक व्यंजनों के लगे स्टॉल
आदिवासी महोत्सव में राज्य के कई जिलों से आए लोगों ने पारंपरिक व्यंजन के स्टॉल लगाए हैं। इनमें पाजपोड़ा रोटी, मडुआ रोटी, मालपुआ, पीठा, घुस्का, छिल्का रोटी, चावल का लड्डू, गुंडली का हल्वा, डम्बू जैसे वेज खाने के अलावा नॉन वेज पत्ता में सेका हुआ चिकन, बिरयानी लोग खूब चाव से खाए।
जनजातीय खेलकूद का भी आयोजन
स्वदेशी जनजातीय खेलकूद प्रतियोगिता 2024 का बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम मोरहाबादी में उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि खेल निदेशक संदीप कुमार, विशिष्ट अतिथि झारखंड के आदिवासी कल्याण आयुक्त अजय नाथ झा, संयुक्त निदेशक साझा के राज किशोर खाखा, विभागीय खेल उपनिदेशक मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन किया।
इन गणमान्यों ने की शिरकत
इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी संदीप कुमार, रूपा रानी तिर्की, उपवन बाड़ा, मारकस हेमरोम, उमेश लोहरा एवं शिवेंद्र कुमार को प्रतीक चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता को सफल संचालन में विभागीय प्रशिक्षक भरत कुमार शाह, गोपाल तिर्की, सुनील महली, अनमोल टोप्पो,काली चरण महतो, अंगद हंसराज,राजू साहू, हरीश कुमार, प्रेम पूर्ति, अख्तर हुसैन, बलराम,मोहन कुमार,जोलेन केरकेट्टा, संदीप उरांव, रेमंड मिंज, सुदीप कुजूर,अजय झा एवं कई गणमान्य प्रशिक्षक ने अहम भूमिका निभाई।
