
भोपाल: मामला मध्यप्रदेश के दमोह जिले की जपनद पंचायत का है। यहां ग्राम पंचायतों में तैनात रोजगार सहायकों को बैंकॉक घूमना भारी पड़ गया। बैंकॉक घूमकर आने के बाद उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उनके साथ ऐसा हो जाएगा जो उनके लिए जीवन भर कर सबक बन जाएगा।
चार ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायकों के पद पर पदस्थ सहायक बिना सूचना के बैंकॉक घूमने गए थे। चारों सहायकों ने बैंकॉक जाने से पहले ना तो जिला पंचायत सीईओं को जानकारी दी और ना ही किसी भी प्रकार की अवकाश की अनुमति ली। बैंकॉक से लौटे चारों रोजगार सहायकों को जिला पंचायत सीईओं आर्पित वर्मा ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी।
खबरों के अनुसार 12 जुलाई को जनपद सीईओ पूनम दुबे ने चारों रोजगार सहायकों को बिना सूचना के देश से बाहर जाने की शिकायत की थी। जिसके बाद जिला पंचायत सीईओं ने चारों को नोटिस देकर तलब किया। जिसके जवाब में चारों ने 8 जुलाई से 12 जुलाई तक देश से बाहर होना बताया।
चारों रोजगार सहायकों की सेवाएं समाप्त करने के साथ ही उनका जिला पंचायत दमोह से अनुबंध भी निरस्त कर दिया है। इसके बावा वे वेतन की पात्रत भी नहीं होंगे।
