
कोलकाता: आज से कुछ साल पहले यानि बर्ष 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया रेप जिसके बाद देश में लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्र सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
जूनियर डॉक्टरों ने न्याय मांगते हुए मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखी। उन्होंने पुलिस को जांच पूरी करने के लिए कल तक का समय दिया है। इसके अलावा, कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जैसे ही बंगाल के मंत्री जावेद अहमद खान और टीएमसी विधायक स्वर्ण कमल साहा मंगलवार को पहुंचे, तो उन्हें छात्रों का भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ.) संदीप घोष ने कल अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके कुछ ही समय बाद ही उन्हें कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में फिर से नियुक्त कर दिया गया।
महिला डॉक्टर की हत्या के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग कर रहे आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को कोलकाता पुलिस को जांच पूरी करने के लिए 14 अगस्त तक का समय दिया है।
प्रदर्शन कर रहे आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक जूनियर डॉक्टर ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे और विरोध जारी रहेगा।
हम अपनी मांगों के बारे में बहुत स्पष्ट रहे हैं। हम घटना की न्यायिक जांच चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पुलिल को रविवार तक की समयसीमा की जरूरत क्यों है? हम पुलिस से बुधवार तक अपनी जांच पूरी करने को कह रहे हैं।
