
कोलकत्ता: पश्चिम बंगाल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस जघन्य अपराध ने राज्य भर में भय और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के बाद, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए, न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है, और यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और कानूनी तंत्र की कमजोरियों पर एक बार फिर से सवाल उठाती है। बंगाल से लेकर देशभर में डॉक्टर्स सड़कों पर उतर आए हैं। ट्रेनी डॉक्टर की हत्या के विरोध में आज रेजिडेंट डॉक्टर्स की देशव्यापी हड़ताल है।
रेजिडेंट डॉक्टर्स के देशव्यापी संगठन फेडरेशन ऑफ आल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने देश के सभी सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन से हड़ताल का ऐलान किया। दिल्ली के RML अस्पताल और सफदरजंग में डॉक्टर अस्पताल के बाहर सड़कों पर निकलकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
बंगाल और दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में भी डॉक्टर बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर निकल गए हैं। बता दें कि, दिल्ली सहित देश के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी, सर्जरी और लैब का काम रेजिडेंट डॉक्टर्स ही देखते हैं। ऐसे में रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एक दिन पहले ही देश की राजधानी के एम्स अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स ने विरोध में कैंडल मार्च निकाला था।
आरडीए यानि रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखते हुए हड़ताल की बात पहले ही कह दी थी। यह हड़ताल सिर्फ रेजिडेंट डॉक्टर्स की होगी। बाकी के सीनियर डॉक्टर या कंसलटेंट मरीजों को देखेंगे। वहीं, इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। देशभर में हड़ताल के चलते ओपीडी और अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होगी बल्कि सेवाएं चालू रहेगी।
राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर बैठ गए हैं। ओपीडी में रेजिडेंट डॉक्टर ने अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं। डॉक्टर्स की मांग है इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की जाए। देशभर के हॉस्पिटल में डॉक्टर की सिक्योरिटी सुनिश्चित की जाए। इस मामले में जो दोषी पाए उसे कठोरतम दंड दिया जाए।
