बढ़ती ठण्ड के साथ ही कुहरा भी घना होने लगता है। कुहरे की वजह से सबसे ज्यादा असर परिवहन पर पड़ता है। कुहरे की वजह से सड़क मार्ग से यातायात के साथ-साथ रेल गाड़ियों का समय बाधित होता है, जिसकी वजह से यात्री समय पर अपने गन्तव्य तक नहीं पहुच पाते।
आठ विमान नही कर सके लैंड
गत सोमावार को घना कोहरा छाया रहा जिसके चलते सुबह के समय वायुयानों और रेलगाड़ियों का समय बाधित रहा। दिल्ली एयरपोर्ट पर आठ विमान नही लैंड कर सके और उन्हें दूसरे एयरपोर्ट पर लैंड कराना पड़ा। IMBD ने पूर्व सूचना देते हुए लगभग तीन दिन तक सुबह घना कुहरा रहने की आशंका जताई थी।
पालन में दृश्यता तो शून्य
एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच सात विमानों को जयपुर और एक विमान को अहमदावाद परावर्धित किया गया। दिल्ली के सफदरजंग में दृश्यता 200 मीटर रही जबकि एन सी आर के पालन में दृश्यता तो शून्य थी। इन हवाईअड्डों से लगभग एक दर्जन भर विमानों ने देर से उड़ान भरी।
बेंगलूरु से हैदराबाद जाने वाले वायुयान खराब मौसम के चलते वापस बेंगलूरु लौटा दिए गए। विमान कंपनियों नें यात्रियों को सूचित कर परिवर्तित समय के बारे में बताया।
देरी से पहुंची पूर्व तथा पूर्वोत्तर से आने वाली गाड़ियां
ट्रेनों का समय से न होना हमारे देश मे कोई विशेष बात नहीं है, लेकिन ठण्ड के मौसम में ये बात और भी सहज हो जाती है। सोमवार को कोहरे का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिला। पूर्व तथा पूर्वोत्तर- बिहार, बंगाल तथा पूर्वोत्तर से आने वाली तमाम गाड़ियां निर्धारित समय से देरी से पहुंची। वहीं पंजाब तथा जम्मू की तरफ जाने वाली रेलगाड़ियों का परिचालन भी प्रभावित रहा।
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