नई दिल्ली: आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पास ज़ीरो प्वाइंट पर बड़े पैमाने पर किसान यूनियन शक्ति प्रदर्शन करने कर रहे हैं। इसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल रहेंगे। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से नोएडा में आंदोलनकारी किसानों की मांगों को लेकर है। जिन्हें हाल ही में दलित प्रेरणा स्थल से जबरदस्ती हटाया गया था। इस मुद्दे पर बीती शाम मुजफ्फरनगर के सिसौली (भारतीय किसान यूनियन के मुख्यालय) में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई थी।

इस बैठक की अध्यक्षता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश के 18 जोन में से 5 जोन के किसान ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन करेंगे। ये जोन सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और मुरादाबाद हैं। बाकी जोन के किसान अपने अपने स्थानों पर प्रदर्शन कर स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।
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सोमवार को किसानों ने की थी सड़क जाम
सोमवार को किसान प्रदर्शनकारियों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना ऑथोरिटी के खिलाफ दिल्ली कूच कर सड़क जाम कर दी थी। इस मुद्दे पर अधिकारियों ने मुख्य सचिव स्तर की बातचीत का आश्वासन दिया था। लेकिन किसान अब बुधवार को एक बार फिर अपने मांगों को लेकर अल्टीमेटम दे सकते हैं।
दो मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन
किसानों की दो मुख्य मांगें हैं पहली अधिग्रहित जमीन का 10% हिस्सा उन्हें पूर्ण रूप से विकसित करके दिया जाए। दूसरी 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। ग्रेटर नोएडा की मीटिंग में आगे की रणनीति पर किसानों द्वारा विचार किया जाएगा। किसान यूनियनों का कहना है कि यह शक्ति प्रदर्शन उनकी (किसानों की) एकजुटता और उनके संघर्ष की अटूट ताकत का प्रतीक होगा।

