नई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली की भौगोलिक स्थिति की वजह से तापमान में गिरावट के साथ ही वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ने लगता है। यहां की जलवायु महाद्वीपीय है और दिल्ली टोक्यो के बाद दुनियां का दूसरा सबसे बड़ी आवादी वाला शहर है। आबादी अधिक होगी तो जाहिर है वाहन भी अधिक होंगे और वायु प्रदूषण भी होगा। भौगोलिक स्थिति (geographical situation) के कारण यहां सर्दी के मौसम में सर्दी और गर्मी के मौसम में गर्मी अपेक्षाकृत अधिक होती है।
अक्टूबर महीने के आखिरी सप्ताह में तेजी से तापमान कम हो रहा है और धीरे-धीरे ठण्ड बढ़ रही है। साथ ही राजधानी में वायु प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हो रहा है, प्रत्येक वर्ष जब तापमान गिरना शुरु होता है तब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। अभी तापमान में मामूली गिरावट हुई है लेकिन वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ गया है और प्रदूषण ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। इसके अलावा दिल्ली से सटे शहरों (एनसीआर) में वायु प्रदूषण चिंताजनक स्थिति में बना हुआ है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए केंद्र की वायु गुणवत्ता (Air Quality) प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, राजधानी में हवा की गुणवत्ता कुछ और दिनों तक ‘बहुत खराब’ रहने की आसंका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई (AQI) 30 अक्टूबर को 347 दर्ज किया गया, जो रविवार को 325, शनिवार को 303 और शुक्रवार को 262 (खराब) से वायु प्रदूषण ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गया है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या है?
वायु प्रदूषण को मापने के लिए वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) होता है, जैसा की नाम से ही पता चल रहा है कि यह वायु प्रदूषण को मापने के लिए एक प्रकार का पैमाना होता है, जिसमें एक नंबर होता है, जिसके जरिए हवा की गुणवत्ता को आंका जाता है। इससे वायु में मौजूद प्रदूषण के स्तर का पता चलता है। एक्यूआई पैमाने की रीडिंग के आधार पर हवा की क्वालिटी को छह कैटेगरी में बांटा गया है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई बेहतर समझा जाता है, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 थोड़ा खराब, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स को गंभीर वायु प्रदूषण माना जाता है।
पर्यावरण मंत्री की डीजल बसों को बंद करने की मांग
दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) का कहना है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन खराब गुणवत्ता वाले वाहन जो कि अन्य राज्यों से दिल्ली में आते हैं उनसे निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण को बढ़ाया है। गोपाल राय केंद्र सरकार से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) क्षेत्रों में खराब गुणवत्ता वाले डीजल से चलने वाली बसों पर प्रतिबंधित करने की मांग की है।


