आलोक रंजन
गया: लोकजीवन की ये कहावत आपने भी अक्सर सुनी होगी,
बाढ़ै पूत पिता के धर्मे।
खेती उपजै अपने कर्मे।
अर्थात पुत्र पिता के धर्म से फलता-फूलता है और खेती अपने कर्म से अच्छी होती है। कुल मिला के ऐसी ही कहानी बनती है पूर्व प्रधानाचार्य रामसेवक सिंह की याद में मनाये जा रहे आठवीं पुण्यतिथि की। यहां पुत्र तो नहीं लेकिन पोते न सिर्फ अपने दादा के नाम को संजो रहे हैं बल्कि उनके कर्म को भी बड़ा कर रहे हैं। समाज हित में उपयोग कर रहे हैं और गांव पंचायत गढ़ रहे है। ताकि न सिर्फ ईलाके के लोग दादा रामसेवक सिंह के जीवन से प्रेरणा लें अपितु गांव,देहात में सामाजिक कल्याणकारी कार्यों के जरिए इलाके को समृद्ध, सजग और सुसंस्कृत बनाया जा सके। दादा का उनका पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा है और उन्होंने जो सामाजिक प्रतिष्ठा अर्जित की है वह काबिले तारीफ है आज उनके दोनों पौत्र मनीष कुमार और आलोक कुमार गोपाल उनके नाम पर रामसेवक सिंह फाउंडेशन बनाकर उनके सामाजिक लक्ष्य को पूरा करने का काम कर रहे हैं।

रामसेवक बाबू का सामाजिक अवदान
रामसेवक बाबू ने अपने छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के नाते अपना सामाजिक जीवन शुरू किया। जब सन् 1948 में संघ पर प्रतिबंध लगाया गया तो वे जेल भी गए। एक तरफ उन्होंने मगध प्रमंडल में विशेष रूप से गया और नवादा संघ के विचारों व कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाई वहीं दूसरी ओर भारतीय जनसंघ के स्थापना के बाद वहां से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी की पहुंच मगध प्रमंडल में फैलया विशेष रूप से गया और नवादा जो कि पहले गया जिले का हिस्सा था। यदि उनके सामाजिक अवदान पर नजर डालें तो चाहे वजीरगंज में कॉलेज की स्थापना हो या वजीरगंज में पावर ग्रिड की स्थापना हो उनकी भूमिका अहम रही। इतना ही नहीं वजीरगंज में पेंशनर समाज को संगठित रूप देने का कार्य हो शिक्षा में पिछड़े और गरीब तबकों को अपने वित्तीय क्षमता के साथ मदद करना हो या हाइस्कूल में एक प्रधानाध्यापक के तौर पर स्कूल को प्रतिष्ठित बनाना हो और उससे विद्यार्थियों को जोड़ना और एक अलग तरह का अनुशासन कायम करना जिससे अभिभावकों में स्कूल के प्रति विश्वास पैदा करना इनकी मूल उपलब्धि रही। कहा जाता है कि कोई भी व्यक्ति परिवार से ही मजबूत होता है और समाज परिवार की मूल ईकाईं है।
ऐसे में रामसेवक बाबू समाज निर्माण के कामों में तो अग्रणी रहे ही साथ ही परिवार के प्रति अपने दायित्व का निर्वहण भी निरंतर किया। उनको द्वारा भरे गये इसी मूल्य बोध का परिणाम है आज उनके न रहने के बाद भी परिवार एकजुट है। परिवार के सदस्यों ने अपने पुरखे की याद को संजोये रखने और उनके नाम को आगे बढ़ाने के लिए रामसेवक सिंह फाउंडेशन का गठन किया और विगत आठ वर्षों से निरंतर इस फाउंडेशन द्वारा ईलाके में ग्रामो उत्थान के काम में सतत रूप से किये जा रहे हैं।

फांउडेशन का कामकाज
फाउंडेशन बनाने के उद्देश्य के विषय में उनके पौत्र बताते हैं कि मुख्य उद्देश्य उनके सोच को संगठित रूप देना है ताकि समाज को साथ लेकिर मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सके और ईलाके में सकारात्मक कल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सके। वे कहते हैं कि हमारा फाउंडेशन विगत 3 वर्षो से शिक्षा, सुचना के अधिकार, आजीविका, पर्यवरण और ग्रामीण विकास के लिए प्रयासरत है। यही कारण है अपने स्थापना के बाद से ही फाउन्डेशन द्वारा लगातार कई गतिविधियां संचालित की जा रही हैं जिसमें गौशाला निर्माण, पौधारोपण, स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए शौचालय अभियान के विषय में जागरूकता पैदा करना, खेती किसानी संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाना, लाभकारी मूल्य मिले और कम लागत आये इसके लिए ऐसे फसल का चुनाव करने में मदद करना नकदी फसल फसल को बढ़ावा देना व अन्य सामाजिक मुद्दों को उठाना शामिल है। लोकशिकायत/आरटीआई/विधिसम्मत तरीके से वंचितों को लाभ दिलाना व भ्र्ष्टाचार का उजागर करना आदि कार्य भी फाउन्डेशन द्वारा किए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं कोरोना महामारी के इस दौर में फाउन्डेशन द्वारा क़ुर्कीहार ग्राम पंचायत के नोडीहाकला गांव में हर घर मे जाकर हाथ धोने के लिए मास्क तथा साबुन वितरित किया गया। सर्वजनिक चापाकल जैसे जगह विशेष तौर पर साबुन रखवाया है ताकि हाथ धो सके। वजीरगंज क्षेत्र के 04 विद्यार्थी को रामसेवक सिंह फाउंडेशन के सहयोग और मार्गदर्शन से स्कॉलरशिप के रूप में कुल 70000 हज़ार रूपये का डीडी प्राप्त हुआ है। एचडीएफसी बैंक के सामाजिक दायित्व के तहत वजीरगंज, गया के ग्राम बैजनाथपुर के शुभम कुमार, मुस्कान कुमारी, प्रत्येक को 10000 रुपया रजनीश कुमार और ग्राम नौडीहा के कुमार गौरव को 25-25 हज़ार रूपये स्कोलरशिप के लिए चयनित हुए।
इन नेताओं ने की शिरकत
आज इसीलिए इनकी पुण्यतिथि में कृषि मंत्री प्रेम कुमार,गया सांसद विजय मांझी, वजीरगंज के विधायक अवधेश कुमार सिंह सहित भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों, सैकड़ों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने व ईलाके के ग्रामीणों ने रामसेवक बाबू को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके अवदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि जिस जमाने में लोग एक चिट्ठी पढ़ाने के कोषों मील दूर जाया करते थे उस समय रामसेवक जी मे बीएचयू से एम एड किया था हिंदी विषय पर उनकी पकड़ इतनी शानदार थी कि दूर दूर से लोग अपने जमीन के कागजात वगैरह कैथी हिंदी में जो लिखे होते थे उस को पढ़ाने के लिए उनके पास आते थे।

