
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के तीसरे चरण का मतदान शुक्रवार को समाप्त हुआ।
मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ अपराह्न दो बजे समाप्त हो गया। तीसरे चरण में कुल 50.53 फीसदी वोट डाले गए जिसमें जम्मू क्षेत्र के 68.88% और कश्मीर घाटी के 31.61% मतदाताओं ने हिस्सा लिया। तीसरे चरण 33 सीटों पर वोट डाले गए थे जिसमें कश्मीर घाटी की 16 और जम्मू क्षेत्र की 17 सीटें शामिल हैं । डीडीसी के तीसरे चरण के चुनाव में कुल 305 उम्मीदवार हैं जिनमें कश्मीर संभाग में 166 जबकि जम्मू संभाग में 139 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 252 पुरुष और 53 महिला उम्मीदवार थे। पंच और सरपंच की रिक्त सीटों के लिए भी मतदान जारी है। कुल 126 क्षेत्रों में से 66 क्षेत्रों में मतदान होगा और मुकाबले में कुल 184 उम्मीदवार हैं। इसके अलावा 40 सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं। पंच की सीटों के लिए 1738 क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहा है। इसमें से 798 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। कुल 327 क्षेत्रों में चुनाव होगा और मुकाबले में 749 उम्मीदवार हैं।
मतदाताओं ने रखा सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल
इस दौरान लोग कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए दिखे। लेकिन मतदान को लेकर उनका उत्साह देखने लायक था। स्थानीय चुनाव में कई समुदायों ने पहली बार मतदान किया, जिनमें पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी, वाल्मीकि, गोरखा समुदाय के लोग शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद 70 सालों में पहली बार इन समुदाय के लोगों को स्थानीय चुनाव में मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिला है। वे लोग अब जम्मू-कश्मीर में न सिर्फ वोट दे सकते हैं बल्कि राज्य में जमीन खरीदने और नौकरियों के लिए आवेदन करने के भी वे पात्र बन चुके हैं। एक मतदाता ने कहा, ’70 साल से भी ज्यादा गुजर गए, हमने पहली बार स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया है। हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेकर खुश हैं।’
इससे पहले 1 दिसंबर को डीडीसी के चुनाव दूसरे चरण का मतदान हुआ था। इस दौरान करीब 49 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। राज्य निर्वाचन आयुक्त केके शर्मा ने कहा था कि दूसरे चरण के चुनाव में जम्मू संभाग में 65.52 प्रतिशत मतदान हुआ तो वहीं कश्मीर संभाग में कुल 33.34 प्रतिशत वोटिंग हुई। कश्मीर के बांदीपुरा जिले से सबसे अधिक 69.66 प्रतिशत मतदान हुआ।
यदि पहले चरण की बात की जाये तो 28 नवंबर को कुल 51.76 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस दौरान जम्मू में 64.2 प्रतिशत तो कश्मीर खंड में 40.65 मतदान हुआ। जम्मू कश्मीर में हो रहे डीडीसी चुनाव कई मायनों में अहम हैं। आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाए जाने और राज्य के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां पहली बार चुनाव आयोजित किया जा रहा था। एक साल से भी ज्यादा वक्त के भीतर घाटी में यह पहला लोकतांत्रिक अभ्यास है। प्रदेश की 280 सीटों पर चुनाव हो रहा है। मैदान में भाजपा के अलावा गुपकार गठबंधन है, जिसमें पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई दल शामिल है।
। तीसरे चरण में कुल 50.53 फीसदी वोट डाले गए जिसमें जम्मू क्षेत्र के 68.88% और कश्मीर घाटी के 31.61% मतदाताओं ने हिस्सा लिया। आज 33 सीटों पर वोट गए थे जिसमें कश्मीर घाटी की 16 और जम्मू क्षेत्र की 17 सीटें शामिल हैं। गौरतलब है कि 28 नवंबर से शुरू हुई यह चुनाव प्रक्रिया 19 दिसंबर तक चलेगी। कुल आठ चरणों में वोट डाले जाएंगे, जबकि 22 दिसंबर को मतगणना होगी।






